{"_id":"a139c79da745f629ec810c31947f0ebe","slug":"the-city-derived-procession-of-shiva-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में निकाली गई शिव बारात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में निकाली गई शिव बारात
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 24 Aug 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सावन के अंतिम सोमवार को शहर में शिव बारात निकाली गई। बारात देखने के लिए पूरा शहर ही उमड़ पड़ा। चारों ओर ऐसा लग रहा था जैसे शहरवासी ही बाराती हों। आकर्षक झांकियों के बीच कई वाहनों पर बज रहे डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर डांस किया। भक्ति और ठंडाई के सुरूर में नाचते-झूमते भक्त भोले बाबा की जय-जयकार भी करते चल रहे थे।
बारात शाम करीब पांच बजे चारखंभा स्थित हिंदू सत्संग भवन से शुरू हुई। देव स्वरूपों की लगभग दो दर्जन आकर्षक झांकियों से सजी-धजी बारात का मुख्य आकर्षण भूत-प्रेत और डीजे की गाड़ियां ही रहीं, जिन पर भोले बाबा और माता पार्वती के भजन बज रहे थे। चारों ओर नाच-गाने की मस्ती दिखाई दे रही थी। बारात चौक, मालखाना मोड़, घंटाघर, बहादुरगंज, सदर बाजार होते हुए बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची। वहां महाआरती के पश्चात बारात समाप्त हुई।
एक रथ पर टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की भी फोटो शामिल की गई थी। बारात के मुख्य संयोजक स्वयं को गुलशन कुमार का शिष्य बताने वाले किशन एनांउसर थे, इसलिए उन्हें भी सहयोगियों ने एक गाड़ी में फूल मालाएं पहनाकर बैठा रखा था। बारात में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। चूंकि बारात का प्रचार-प्रसार जमकर हुआ था और पिछले दो दिन में पूरा शहर ही होर्डिंग्स और बैनर से पट गया था, शहर के अलावा गांव-देहात से हजारों श्रद्धालु बारात देखने के लिए पहुंचे। बारात वाले सभी रास्ते, छतें, दुकानें आदि महिलाओं और बच्चों से भरी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारात शाम करीब पांच बजे चारखंभा स्थित हिंदू सत्संग भवन से शुरू हुई। देव स्वरूपों की लगभग दो दर्जन आकर्षक झांकियों से सजी-धजी बारात का मुख्य आकर्षण भूत-प्रेत और डीजे की गाड़ियां ही रहीं, जिन पर भोले बाबा और माता पार्वती के भजन बज रहे थे। चारों ओर नाच-गाने की मस्ती दिखाई दे रही थी। बारात चौक, मालखाना मोड़, घंटाघर, बहादुरगंज, सदर बाजार होते हुए बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची। वहां महाआरती के पश्चात बारात समाप्त हुई।
विज्ञापन
एक रथ पर टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की भी फोटो शामिल की गई थी। बारात के मुख्य संयोजक स्वयं को गुलशन कुमार का शिष्य बताने वाले किशन एनांउसर थे, इसलिए उन्हें भी सहयोगियों ने एक गाड़ी में फूल मालाएं पहनाकर बैठा रखा था। बारात में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। चूंकि बारात का प्रचार-प्रसार जमकर हुआ था और पिछले दो दिन में पूरा शहर ही होर्डिंग्स और बैनर से पट गया था, शहर के अलावा गांव-देहात से हजारों श्रद्धालु बारात देखने के लिए पहुंचे। बारात वाले सभी रास्ते, छतें, दुकानें आदि महिलाओं और बच्चों से भरी थीं।
विज्ञापन