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कुंभकरण का वध देखकर रोमांचित हो उठे दर्शक
शाहजहांपुर
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:34 PM IST
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खिरनीबाग मैदान में चल रही नगर रामलीला में बुधवार को कुंभकरण वध, मेघनाथ का रामादल को नागफांस में बांधना, मेघनाथ वध तथा सुलोचना सती प्रसंगों का मंचन किया गया। उधर, ओसीएफ रामलीला में सेतु निर्माण, अंगद-रावण संवाद, मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध, लक्ष्मण शक्ति आदि लीलाओं का मंचन किया गया।
ओसीएफ रामलीला में बुधवार को को दिखाया गया कि भगवान राम ने बानरों के सहयोग से समुद्र पर सेतु का निर्माण कराया। राम द्वारा अंगद को दूत बनाकर लंका भेजा जाता है। वहां पर अंगद और रावण से संवाद होता है। अंगद रावण को सीता लौटाने को बहुत कहता है, लेकिन वह नहीं मानता है। अंगद रामादल में वापस आ जाते हैं। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध होता है। मेघनाद लक्ष्मण पर वीरघातिनी शक्ति छोड़ता है, जिससे वह मूर्छित हो जाते हैं।
इधर, नगर रामलीला में दिखाया गया कि राम और कुंभकरण के बीच घोर युद्ध होता है। राम कुंभकरण का वध कर देते हैं। कुंभकरण के वध के बाद मेघनाद युद्ध भूमि पर पहुंचता है। मेघनाद रामादल को नागफांस में बांध देता है। इस पर गरुण का आह्वान किया जाता है। गरुण जी रामादल को नागफांस से मुक्त कर देते हैं। मेघनाद फिर युद्ध स्थल में प्रवेश करता है। मेघनाद और लक्ष्मण के बीच घोर युद्ध होता है। लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं। इसके बाद सुलोचना रामादल में अपने पति का सिर लेने पहुंचती है।
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ओसीएफ रामलीला में बुधवार को को दिखाया गया कि भगवान राम ने बानरों के सहयोग से समुद्र पर सेतु का निर्माण कराया। राम द्वारा अंगद को दूत बनाकर लंका भेजा जाता है। वहां पर अंगद और रावण से संवाद होता है। अंगद रावण को सीता लौटाने को बहुत कहता है, लेकिन वह नहीं मानता है। अंगद रामादल में वापस आ जाते हैं। इसके बाद मेघनाद और लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध होता है। मेघनाद लक्ष्मण पर वीरघातिनी शक्ति छोड़ता है, जिससे वह मूर्छित हो जाते हैं।
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इधर, नगर रामलीला में दिखाया गया कि राम और कुंभकरण के बीच घोर युद्ध होता है। राम कुंभकरण का वध कर देते हैं। कुंभकरण के वध के बाद मेघनाद युद्ध भूमि पर पहुंचता है। मेघनाद रामादल को नागफांस में बांध देता है। इस पर गरुण का आह्वान किया जाता है। गरुण जी रामादल को नागफांस से मुक्त कर देते हैं। मेघनाद फिर युद्ध स्थल में प्रवेश करता है। मेघनाद और लक्ष्मण के बीच घोर युद्ध होता है। लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं। इसके बाद सुलोचना रामादल में अपने पति का सिर लेने पहुंचती है।
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