{"_id":"6807ea7bf13d2eaf5d08b94d","slug":"tender-process-completed-children-will-get-books-soon-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-142248-2025-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द मिलेगी बच्चों को किताबें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द मिलेगी बच्चों को किताबें
Wed, 23 Apr 2025 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 23 Apr 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जल्द ही नई किताबें मिल जाएंगी। इन्हें ब्लॉक तक पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। कुछ स्कूलों में किताबें पहुंचाने का काम भी शुरू हो गया है। दावा है कि जल्द ही स्कूलों में बच्चों को पुस्तक का वितरण किया जाएगा।
नया सत्र शुरू होने से पहले किताबों की खेप आ गई थी। ददरौल स्थित लालपुर के गोदाम में पुस्तकों को रखवाकर सत्यापन करा दिया गया। शुरुआत में टेंडर डाले गए, लेकिन उन्हें कुछ कमी होने के चलते निरस्त कर दिया गया। इसके बाद बच्चों को बांटी जाने वाली पुस्तकें अधिकारियों की लिखा-पढ़ी की प्रक्रिया में फंस गईं। बताते हैं कि शिक्षा विभाग कम रुपये में टेंडर करना चाहता था। इसे लेकर कोई फर्म तैयार नहीं थी। इसके चलते किताबें पहुंचाने में देरी होती चली गई। ऐसे में स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था।
अधिकारियों का दबाव पड़ने पर जैसे-तैसे ब्लाकों में कुछ किताबों को भेजकर वितरण करा दिया गया। सभी बच्चों को किताब नहीं मिल सकी।
-- -- -- -- -- -
किताबों का टेंडर हो गया है। पूर्व में कुछ पुस्तकों को ब्लॉक पर भेज दिया गया था। अब तेजी से किताबें ब्लॉक पर भेजकर वितरण कराएंगे।
सुरेंद्र मौर्या, बीईओ मुख्यालय
विज्ञापन
नया सत्र शुरू होने से पहले किताबों की खेप आ गई थी। ददरौल स्थित लालपुर के गोदाम में पुस्तकों को रखवाकर सत्यापन करा दिया गया। शुरुआत में टेंडर डाले गए, लेकिन उन्हें कुछ कमी होने के चलते निरस्त कर दिया गया। इसके बाद बच्चों को बांटी जाने वाली पुस्तकें अधिकारियों की लिखा-पढ़ी की प्रक्रिया में फंस गईं। बताते हैं कि शिक्षा विभाग कम रुपये में टेंडर करना चाहता था। इसे लेकर कोई फर्म तैयार नहीं थी। इसके चलते किताबें पहुंचाने में देरी होती चली गई। ऐसे में स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था।
विज्ञापन
अधिकारियों का दबाव पड़ने पर जैसे-तैसे ब्लाकों में कुछ किताबों को भेजकर वितरण करा दिया गया। सभी बच्चों को किताब नहीं मिल सकी।
किताबों का टेंडर हो गया है। पूर्व में कुछ पुस्तकों को ब्लॉक पर भेज दिया गया था। अब तेजी से किताबें ब्लॉक पर भेजकर वितरण कराएंगे।
सुरेंद्र मौर्या, बीईओ मुख्यालय