{"_id":"5e6bd9068ebc3ea4e74fa173","slug":"tender-flow-for-constructed-site-shahjahanpur-news-bly3993981123","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब गोलमाल है.. पहले से हो चुके काम दोबारा कागजों में कराने तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब गोलमाल है.. पहले से हो चुके काम दोबारा कागजों में कराने तैयारी
विज्ञापन
पुवायां/शाहजहांपुर। बंडा के खंड विकास अधिकारी की ओर से उन कामों को दोबारा कराने के लिए टेंडर निकाला गया है, जो पहले ही हो चुके है। इसके लिए निविदा भी ऐसे अखबार में छापवाई गई है, जिसकी जिले भर में बमुश्किल 250 प्रतियां ही आती होगी और वह भी केवल सरकारी कार्यालयों में। ऐसे में आशंका जताई जा रही है, यह टेंडर कागजों में काम दिखाकर सरकारी धन ठिकाने लगाने के लिए निकाला गया है। टेंडर में थाने में टाइलें लगवाने का भी जिक्र किया गया है, जबकि वहां पांच महीने पहले ही टाइलें लगवाई गई हैं।
बंडा के बीडीओ की ओर से एक मार्च को एक टेंडर जारी किया गया है, जिसमें ब्लाक सभागार और थाने में टाइल्स लगवाने, बीडीओ आवास की रंगाई पुताई, मरम्मत के लिए पांच मार्च तक निविदा मांगी गई हैं। हैरत की बात यह कि जिन कामों के लिए टेंडर निकाला गया है वे पहले ही हो चुके हैं। दोबारा इन्हीं कामों को कराने के लिए टेंडर निकालने से तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं। थाने में टाइल्स लगाए जाने को लेकर भी काफी चर्चाएं हैं। बंडा के विजय कुमार, रमेशचंद्र, हरीशंकर आदि लोगों का कहना है कि बंडा सहित कई गांवों में नाली, खड़ंजे बनवाए जाने बेहद आवश्यक हैं, लेकिन ब्लॉक ये काम नहीं करा रहा और थाने में टाइल्स लगवाने के लिए टेंडर निकाला गया है, जबकि थाने में अक्तूबर 2019 में ही टाइल्स लगवाई गई हैं। यह कार्य ब्लॉक के ही एक जनप्रतिनिधि ने कराया था और इस पर लगभग 35 हजार रुपये खर्च हुए थे।
ब्लॉक सभागार में पहले ही लगी हैं टाइलें
टेंडर में विकास खंड के मीटिंग हॉल में टाइल्स और रंगाई पुताई के लिए 6.25 लाख अनुमानित लागत दर्शाते हुए सीमेंट, बजरी, मौरंग, टाइल्स, पेंट आदि के टेंडर मांगे गए हैं। खास बात यह है कि मीटिंग हॉल के अंदर और बाहर पहले से ही टाइल्स लगी हुई हैं और बेहद ही अच्छी हालत में हैं। ऐसे में टाइल्स कहां लगाई जाएंगी यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
थाने में भारी रकम लगाने की तैयारी
बंडा थाने में भी टाइल्स लगाने के लिए बीडीओ ने जो निविदा जारी की है उसके अनुसार थाने में टाइल्स, रंगाई पुताई पर अनुमानित व्यय 1.39 लाख रुपये आएगा। इसके लिए भी सीमेंट, बजरी, मौरंग, टाइल्स, पेंट के टेंडर मांगे गए हैं। थाने में भी टाइल्स पहले से ही लगी हुई है और रंगाई पुताई भी हो चुकी है। अब इस रकम से कहां काम होगा और थाने में ब्लॉक की राशि से काम क्यों कराया जाएगा, इसका जवाब अधिकारी नहीं दे रहे हैं।
बीडीओ आवास पर भी खर्च होंगे चार लाख
बंडा बीडीओ का आवास बेहद अच्छी हालत में है, लेकिन आवास की मरम्मत और रंगाई पुताई के लिए चार लाख रुपये का खर्च किया जाना हैं, इसके लिए भी सीमेंट, बजरी, मौरंग, टाइल्स, पेंट के टेंडर मांगे गए हैं। इसके अलावा खुटार-बंडा रोड से जनरैल सिंह के खेत तक खड़ंजे पर 9.33 लाख, धीमरपुर से निर्मल सिंह के खेत तक खड़ंजे के लिए 8.37 लाख का अनुमानित व्यय दर्शाते हुए ईंट खड़ंजे के लिए टेंडर मांगे गए हैं। बड़ा सवाल है कि गांवों में तमाम रास्ते बेहद खराब हालत में होने के बाद उनको सही करने के स्थान पर खेत में खड़जा डाला जा रहा है।
ब्लॉक सभागार में टाइल्स लगे होने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि सभागर में कहीं और काम होना हो। थाने में टाइल्स लगाने की जानकारी नहीं है। एसके पांडे, बीडीओ बंडा
ब्लॉक के मीटिंग हॉल में पहले टाइल्स नहीं लगी थी, सिर्फ रंगाई-पुताई कराई गई थी। टाइल्स अब लगवाई जा रही हैं। - राकेश कौशिक, जेई ब्लाक बंडा
विज्ञापन
बंडा के बीडीओ की ओर से एक मार्च को एक टेंडर जारी किया गया है, जिसमें ब्लाक सभागार और थाने में टाइल्स लगवाने, बीडीओ आवास की रंगाई पुताई, मरम्मत के लिए पांच मार्च तक निविदा मांगी गई हैं। हैरत की बात यह कि जिन कामों के लिए टेंडर निकाला गया है वे पहले ही हो चुके हैं। दोबारा इन्हीं कामों को कराने के लिए टेंडर निकालने से तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं। थाने में टाइल्स लगाए जाने को लेकर भी काफी चर्चाएं हैं। बंडा के विजय कुमार, रमेशचंद्र, हरीशंकर आदि लोगों का कहना है कि बंडा सहित कई गांवों में नाली, खड़ंजे बनवाए जाने बेहद आवश्यक हैं, लेकिन ब्लॉक ये काम नहीं करा रहा और थाने में टाइल्स लगवाने के लिए टेंडर निकाला गया है, जबकि थाने में अक्तूबर 2019 में ही टाइल्स लगवाई गई हैं। यह कार्य ब्लॉक के ही एक जनप्रतिनिधि ने कराया था और इस पर लगभग 35 हजार रुपये खर्च हुए थे।
विज्ञापन
ब्लॉक सभागार में पहले ही लगी हैं टाइलें
टेंडर में विकास खंड के मीटिंग हॉल में टाइल्स और रंगाई पुताई के लिए 6.25 लाख अनुमानित लागत दर्शाते हुए सीमेंट, बजरी, मौरंग, टाइल्स, पेंट आदि के टेंडर मांगे गए हैं। खास बात यह है कि मीटिंग हॉल के अंदर और बाहर पहले से ही टाइल्स लगी हुई हैं और बेहद ही अच्छी हालत में हैं। ऐसे में टाइल्स कहां लगाई जाएंगी यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
थाने में भारी रकम लगाने की तैयारी
बंडा थाने में भी टाइल्स लगाने के लिए बीडीओ ने जो निविदा जारी की है उसके अनुसार थाने में टाइल्स, रंगाई पुताई पर अनुमानित व्यय 1.39 लाख रुपये आएगा। इसके लिए भी सीमेंट, बजरी, मौरंग, टाइल्स, पेंट के टेंडर मांगे गए हैं। थाने में भी टाइल्स पहले से ही लगी हुई है और रंगाई पुताई भी हो चुकी है। अब इस रकम से कहां काम होगा और थाने में ब्लॉक की राशि से काम क्यों कराया जाएगा, इसका जवाब अधिकारी नहीं दे रहे हैं।
बीडीओ आवास पर भी खर्च होंगे चार लाख
बंडा बीडीओ का आवास बेहद अच्छी हालत में है, लेकिन आवास की मरम्मत और रंगाई पुताई के लिए चार लाख रुपये का खर्च किया जाना हैं, इसके लिए भी सीमेंट, बजरी, मौरंग, टाइल्स, पेंट के टेंडर मांगे गए हैं। इसके अलावा खुटार-बंडा रोड से जनरैल सिंह के खेत तक खड़ंजे पर 9.33 लाख, धीमरपुर से निर्मल सिंह के खेत तक खड़ंजे के लिए 8.37 लाख का अनुमानित व्यय दर्शाते हुए ईंट खड़ंजे के लिए टेंडर मांगे गए हैं। बड़ा सवाल है कि गांवों में तमाम रास्ते बेहद खराब हालत में होने के बाद उनको सही करने के स्थान पर खेत में खड़जा डाला जा रहा है।
ब्लॉक सभागार में टाइल्स लगे होने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि सभागर में कहीं और काम होना हो। थाने में टाइल्स लगाने की जानकारी नहीं है। एसके पांडे, बीडीओ बंडा
ब्लॉक के मीटिंग हॉल में पहले टाइल्स नहीं लगी थी, सिर्फ रंगाई-पुताई कराई गई थी। टाइल्स अब लगवाई जा रही हैं। - राकेश कौशिक, जेई ब्लाक बंडा