{"_id":"6250846312ad3074b768e455","slug":"ten-years-imprisonment-for-rape-convict-shahjahanpur-news-bly480828222","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म में दोषी को दस वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म में दोषी को दस वर्ष का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। घर में घुसकर दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश पिंकू कुमार ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दो आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा ने बताया कि एक गांव की रहने वाली पीड़िता ने कटरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि 24 अप्रैल 2017 को उसका पड़ोसी राजीव मिश्रा रात करीब 12 बजे उसके घर में घुस आया था। राजीव ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। उसके शोर मचाने पर राजीव भाग गया था। अगले दिन उसने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। 25 अप्रैल की शाम छह बजे राजीव उसके घर में तमंचा लेकर आया और धमकाकर उससे दुष्कर्म किया।
जब वह अपने पति के साथ रिपोर्ट लिखाने जा रही थी तो राजीव ने अपने दो साथियों के साथ उन्हें घेर लिया और पति के साथ मारपीट की। उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने राज्य महिला आयोग में शिकायत की। इससे नाराज राजीव मिश्रा अपने साथी राजेश मिश्रा और राकेश मिश्रा के साथ घर में घुस आया और अश्लीलता करते हुए मारपीट की। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर राजीव मिश्रा, राजेश मिश्रा और राकेश व एक अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 354, 323, 376 और 506 में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन
बाद में विवेचक ने राजीव मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 354, 323, 376 और 506 और राजेश व राकेश के खिलाफ धारा 323, 506 में आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। न्यायालय ने साक्ष्यों और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद राजीव मिश्रा को दोषी पाया और उसे दस वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। राजेश और राकेश मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा ने बताया कि एक गांव की रहने वाली पीड़िता ने कटरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि 24 अप्रैल 2017 को उसका पड़ोसी राजीव मिश्रा रात करीब 12 बजे उसके घर में घुस आया था। राजीव ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। उसके शोर मचाने पर राजीव भाग गया था। अगले दिन उसने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। 25 अप्रैल की शाम छह बजे राजीव उसके घर में तमंचा लेकर आया और धमकाकर उससे दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
जब वह अपने पति के साथ रिपोर्ट लिखाने जा रही थी तो राजीव ने अपने दो साथियों के साथ उन्हें घेर लिया और पति के साथ मारपीट की। उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने राज्य महिला आयोग में शिकायत की। इससे नाराज राजीव मिश्रा अपने साथी राजेश मिश्रा और राकेश मिश्रा के साथ घर में घुस आया और अश्लीलता करते हुए मारपीट की। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर राजीव मिश्रा, राजेश मिश्रा और राकेश व एक अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 354, 323, 376 और 506 में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन
बाद में विवेचक ने राजीव मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 354, 323, 376 और 506 और राजेश व राकेश के खिलाफ धारा 323, 506 में आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। न्यायालय ने साक्ष्यों और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद राजीव मिश्रा को दोषी पाया और उसे दस वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। राजेश और राकेश मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया।