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Shahjahanpur News: फर्जीवाड़े में तहसीलदार के पेशकार ने तीन लोगों पर दर्ज कराई रिपोर्ट
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पुवायां। राजस्व विभाग के पोर्टल पर मुकदमा नंबर, वादी बदलकर आदेश दर्ज करने के मामले में तहसीलदार कोर्ट के पेशकार की ओर से तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विवेचना में और आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।
तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने डीएम को पोर्टल पर फर्जी आदेश अपलोड किए जाने की जानकारी दी थी। डीएम ने एडीएम न्यायिक से मामले की जांच कराई थी। एडीएम ने जांच रिपोर्ट में डीएम को बताया कि मिसलबंद रजिस्टर के क्रमांक 431 पर दर्ज वाद में गांव रंपुरिया के पक्षकार चेतनवाला आदि बनाम शिवकुमार का नाम बदलकर गांव डुंडवा, पक्षकार वंदना कौशल बनाम जसवंत राय कर दिया गया।
25 मार्च को तहसीलदार कोर्ट के तत्कालीन पेशकार की लॉगिन आईडी और पासवर्ड से तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी आदेश के तहत वसीयतकर्ता जसवंत राय का नाम खारिज कर वंदना कौशल और विख्यात कौशल आदि के नाम आदेश ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।
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जांच में तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर ने 26 जून को दी गई रिपोर्ट में बताया कि प्रपत्रों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं। प्रथमदृष्टया तहसीलदार कोर्ट के तत्कालीन पेशकार विजय श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश पांडे, प्राइवेट कर्मचारी धर्मेंद्र कुमार की संलिप्तता पाई गई थी। बाद में एसडीएम और तहसीलदार ने दिनेश पांडे को दोषी नहीं पाया था।
डीएम ने तहसीलदार को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। बुधवार देर रात तहसीलदार कोर्ट के पेशकार जीवनचंद्र कांडपाल की ओर से विजय श्रीवास्तव, प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर शाहजहांपुर के मोहल्ला लाल इमली निवासी कुमारी जन्नत और प्राइवेटकर्मी पुवायां के मोहल्ला आनंद वाटिका निवासी धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने डीएम को पोर्टल पर फर्जी आदेश अपलोड किए जाने की जानकारी दी थी। डीएम ने एडीएम न्यायिक से मामले की जांच कराई थी। एडीएम ने जांच रिपोर्ट में डीएम को बताया कि मिसलबंद रजिस्टर के क्रमांक 431 पर दर्ज वाद में गांव रंपुरिया के पक्षकार चेतनवाला आदि बनाम शिवकुमार का नाम बदलकर गांव डुंडवा, पक्षकार वंदना कौशल बनाम जसवंत राय कर दिया गया।
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25 मार्च को तहसीलदार कोर्ट के तत्कालीन पेशकार की लॉगिन आईडी और पासवर्ड से तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी आदेश के तहत वसीयतकर्ता जसवंत राय का नाम खारिज कर वंदना कौशल और विख्यात कौशल आदि के नाम आदेश ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।
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जांच में तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर ने 26 जून को दी गई रिपोर्ट में बताया कि प्रपत्रों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं। प्रथमदृष्टया तहसीलदार कोर्ट के तत्कालीन पेशकार विजय श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार कानूनगो दिनेश पांडे, प्राइवेट कर्मचारी धर्मेंद्र कुमार की संलिप्तता पाई गई थी। बाद में एसडीएम और तहसीलदार ने दिनेश पांडे को दोषी नहीं पाया था।
डीएम ने तहसीलदार को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। बुधवार देर रात तहसीलदार कोर्ट के पेशकार जीवनचंद्र कांडपाल की ओर से विजय श्रीवास्तव, प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर शाहजहांपुर के मोहल्ला लाल इमली निवासी कुमारी जन्नत और प्राइवेटकर्मी पुवायां के मोहल्ला आनंद वाटिका निवासी धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।