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Shahjahanpur News: सीएम की घोषणा से शिक्षकों और अनुदेशकों में हर्ष
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संजय सिंह, प्रांतीय महामंत्री। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और अनुदेशकों को सौगात दी है। सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।
सीएम के निर्णय पर सभी ने खुशी जाहिर की है। जनपद में बेसिक शिक्षा के करीब 6250, माध्यमिक के 800 शिक्षक, 3142 शिक्षामित्र, 494 अनुदेशक व करीब 82 सौ रसोइया कार्यरत हैं। शिक्षक राज्य कर्मचारी होने के बावजूद उन्हें कैशलेस चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की। इसमें शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयों को जोड़कर लाभ दिया जाएगा। इसी तरह मात्र दस हजार रुपये का मानदेय पाने वाले शिक्षामित्रों व अल्पवेतन मान पाने वाले अनुदेशकों का मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। सीएम की घोषणा का सभी ने स्वागत किया है।
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कैशलेस चिकित्सा की मांग काफी समय से हो रही थी। तीन साल पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। लेकिन, वह तत्कालीन निदेशक के चलते लागू नहीं हो पाई थी। शिक्षकों की नौकरी पर संकट है। इस पर भी मनन की आवश्यकता है।
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- संजय सिंह, प्रांतीय महामंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ
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सरकार का निर्णय काफी बेहतर है। इसके लिए काफी समय से मांग चल रही थी। बेहतर अस्पतालों का चयन कर वहां शिक्षकों के उपचार की व्यवस्था की जाए। इससे शिक्षकों को काफी लाभ होगा।
-महेंद्र सिंह, महामंत्री, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
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सरकार ने शिक्षामित्रों के हित में निर्णय दिया है। मानदेय बढ़ाने को लेकर लंबे समय से कोशिश चल रही थी। क्योंकि, शिक्षामित्र अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। ऐसे में स्थायी नौकरी व सम्माजनक वेतन दिया जाए।
- यदुवीर सिंह यादव, प्रदेश महामंत्री, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन
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अनुदेशकों को काफी अल्पवेतन मिलता है। इससे उनका जीवनयापन नहीं हो पाता है। मानदेय को लेकर काफी समय से मांग चल रही थी। उस पर आस जगी है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी सराहनीय है।
- रवि वर्मा, जिलाध्यक्ष, प्रांतीय जूनियर हाईस्कूल अनुदेशक संघ
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सीएम के निर्णय पर सभी ने खुशी जाहिर की है। जनपद में बेसिक शिक्षा के करीब 6250, माध्यमिक के 800 शिक्षक, 3142 शिक्षामित्र, 494 अनुदेशक व करीब 82 सौ रसोइया कार्यरत हैं। शिक्षक राज्य कर्मचारी होने के बावजूद उन्हें कैशलेस चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की। इसमें शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयों को जोड़कर लाभ दिया जाएगा। इसी तरह मात्र दस हजार रुपये का मानदेय पाने वाले शिक्षामित्रों व अल्पवेतन मान पाने वाले अनुदेशकों का मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। सीएम की घोषणा का सभी ने स्वागत किया है।
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कैशलेस चिकित्सा की मांग काफी समय से हो रही थी। तीन साल पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। लेकिन, वह तत्कालीन निदेशक के चलते लागू नहीं हो पाई थी। शिक्षकों की नौकरी पर संकट है। इस पर भी मनन की आवश्यकता है।
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- संजय सिंह, प्रांतीय महामंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ
सरकार का निर्णय काफी बेहतर है। इसके लिए काफी समय से मांग चल रही थी। बेहतर अस्पतालों का चयन कर वहां शिक्षकों के उपचार की व्यवस्था की जाए। इससे शिक्षकों को काफी लाभ होगा।
-महेंद्र सिंह, महामंत्री, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
सरकार ने शिक्षामित्रों के हित में निर्णय दिया है। मानदेय बढ़ाने को लेकर लंबे समय से कोशिश चल रही थी। क्योंकि, शिक्षामित्र अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। ऐसे में स्थायी नौकरी व सम्माजनक वेतन दिया जाए।
- यदुवीर सिंह यादव, प्रदेश महामंत्री, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन
अनुदेशकों को काफी अल्पवेतन मिलता है। इससे उनका जीवनयापन नहीं हो पाता है। मानदेय को लेकर काफी समय से मांग चल रही थी। उस पर आस जगी है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी सराहनीय है।
- रवि वर्मा, जिलाध्यक्ष, प्रांतीय जूनियर हाईस्कूल अनुदेशक संघ

संजय सिंह, प्रांतीय महामंत्री। स्रोत: स्वयं

संजय सिंह, प्रांतीय महामंत्री। स्रोत: स्वयं

संजय सिंह, प्रांतीय महामंत्री। स्रोत: स्वयं