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Shahjahanpur News: बोगस फर्म बनाकर कर चोरी... कम स्टॉक मिलने पर दस लाख का जुर्माना
Fri, 13 Dec 2024 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 13 Dec 2024 12:44 AM IST
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जलालाबाद में बोगस फर्म की छानबीन करती विशेष अनुसंधान शाखा बरेली रेंज की टीम। स्रोत: विभाग
शाहजहांपुर। जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की जांच में बोगस फर्म बनाकर लाखों की कर चोरी पकड़े जाने का मामला सामने आया है। फर्म के पते पर जब टीम पहुंची तो वहां कुछ नहीं मिला। वहीं, दूसरी फर्म की जांच में स्टॉक में दो करोड़ का माल कम पाए जाने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बरेली रेंज की विशेष अनुसंधान टीम सहायक कमिश्नर वीपी शुक्ला और उपायुक्त राज्यकर अनिरुद्ध सिंह के निर्देशन में बुधवार शाम को जलालाबाद के प्रतापनगर स्थित आयरन और स्टील का काम करने वाली केजीएन ट्रेडर्स फर्म पर पहुंची। फर्म का पंजीकरण केंद्रीय क्षेत्राधिकार में 10 अक्तूबर 2024 को कराया गया था। इस फर्म में कोई व्यक्ति नहीं मिला न कोई गतिविधि पाई गई। पोर्टल के माध्यम से जानकारी मिली कि ई-वे बिल के माध्यम से फर्म महाराष्ट्र से माल खरीदती थी।
पोर्टल में जब माल लादने वाले वाहनों की गतिविधि की जांच की गई तो वे मध्यप्रदेश से आगे आए ही नहीं। फर्म आईटीसी की मदद से अपना बिल लगाकर दूसरी फर्म को माल बेच देती थी। माल जलालाबाद स्थित फर्म तक पहुंचा ही नहीं। टीम के मुताबिक अधिकतर माल दिल्ली में सप्लाई कर दिया जाता था। फर्म के माध्यम से चार करोड़ के बिल जारी किए गए। पांच करोड़ की खरीद दिखाई है। चार करोड़ में 18 प्रतिशत यानी 72 लाख रुपये की बोगस फर्म ने कर की चोरी की है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बोगस फर्म के मालिक का पता लगाया जाएगा। इसके बाद उससे रिकवरी की जाएगी। वहीं, अल्हागंज स्थित पूजा ट्रेडर्स नाम की फर्म मूंगफली दाना बनाने का काम करती है। टीम यहां भी जांच करने पहुंची। यहां कागजों में स्टाॅक अधिक दिखाया गया, लेकिन मौके पर करीब दो करोड़ रुपये का स्टाॅक कम पाया गया। दो करोड़ रुपये की लागत का अंतर होने पर टीम ने पांच प्रतिशत के हिसाब से 10 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया।
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बरेली रेंज बी विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने जलालाबाद क्षेत्र में कार्रवाई की है। इसमें एक फर्म बोगस पाई गई। यह बिलों में हेराफेरी करके कर चोरी कर रही थी। फर्म के मालिक का पता लगाया जा रहा है। दूसरी फर्म के स्टाॅक कम बताने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- परवेश तोमर, उपायुक्त राज्यकर
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बरेली रेंज की विशेष अनुसंधान टीम सहायक कमिश्नर वीपी शुक्ला और उपायुक्त राज्यकर अनिरुद्ध सिंह के निर्देशन में बुधवार शाम को जलालाबाद के प्रतापनगर स्थित आयरन और स्टील का काम करने वाली केजीएन ट्रेडर्स फर्म पर पहुंची। फर्म का पंजीकरण केंद्रीय क्षेत्राधिकार में 10 अक्तूबर 2024 को कराया गया था। इस फर्म में कोई व्यक्ति नहीं मिला न कोई गतिविधि पाई गई। पोर्टल के माध्यम से जानकारी मिली कि ई-वे बिल के माध्यम से फर्म महाराष्ट्र से माल खरीदती थी।
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पोर्टल में जब माल लादने वाले वाहनों की गतिविधि की जांच की गई तो वे मध्यप्रदेश से आगे आए ही नहीं। फर्म आईटीसी की मदद से अपना बिल लगाकर दूसरी फर्म को माल बेच देती थी। माल जलालाबाद स्थित फर्म तक पहुंचा ही नहीं। टीम के मुताबिक अधिकतर माल दिल्ली में सप्लाई कर दिया जाता था। फर्म के माध्यम से चार करोड़ के बिल जारी किए गए। पांच करोड़ की खरीद दिखाई है। चार करोड़ में 18 प्रतिशत यानी 72 लाख रुपये की बोगस फर्म ने कर की चोरी की है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बोगस फर्म के मालिक का पता लगाया जाएगा। इसके बाद उससे रिकवरी की जाएगी। वहीं, अल्हागंज स्थित पूजा ट्रेडर्स नाम की फर्म मूंगफली दाना बनाने का काम करती है। टीम यहां भी जांच करने पहुंची। यहां कागजों में स्टाॅक अधिक दिखाया गया, लेकिन मौके पर करीब दो करोड़ रुपये का स्टाॅक कम पाया गया। दो करोड़ रुपये की लागत का अंतर होने पर टीम ने पांच प्रतिशत के हिसाब से 10 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया।
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बरेली रेंज बी विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने जलालाबाद क्षेत्र में कार्रवाई की है। इसमें एक फर्म बोगस पाई गई। यह बिलों में हेराफेरी करके कर चोरी कर रही थी। फर्म के मालिक का पता लगाया जा रहा है। दूसरी फर्म के स्टाॅक कम बताने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- परवेश तोमर, उपायुक्त राज्यकर