फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Taiwanese machines and sensors reached Garra Bridge for load testing

Shahjahanpur News: लोड टेस्टिंग के लिए गर्रा पुल पहुंचीं ताइवानी मशीनें और सेंसर

Wed, 04 Jun 2025 12:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jun 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
Taiwanese machines and sensors reached Garra Bridge for load testing
रोजा में नवनिर्मित गर्रा पुल पर लोड टेस्टिंग के लिए खड़े किए गए ट्रक। संवाद
रोजा। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरदोई बाइपास और बरेली मोड़ के बीच स्थित गर्रा नदी पर बने पुल की भार वहन क्षमता जांचने के लिए वहां ताइवानी मशीनें और सेंसर आदि उपकरण मंगलवार को पहुंच गए।
विज्ञापन

नए पुल की दोनों लेन पर मिट्टी से भरे ट्रक भी खड़े कर दिए गए हैं। देर रात तक लोड टेस्टिंग के लिए दिल्ली और कर्नाटक से इंजीनियरों की टीम यहां पहुंचने पर बुधवार से पुल की लोड टेस्टिंग का काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन

हाईवे के बरेली मोड़ बाइपास वाले गर्रा पुल का निर्माण कार्य पंच वर्ष पहले शुरू हुआ था। बीच में कई बार बाधाएं आने से पुल निर्माण में देरी हुई। इस बीच, हाईवे पर यातायात बढ़ने के बावजूद नए पुल पर यातायात नहीं शुरू होने से गर्रा पर बने पुराने पुल पर जाम की समस्या होने लगी। इसे देखते पिछले दिनों नए पुल की लोड टेस्टिंग कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए चार ट्रकों में 170 टन पत्थर भरकर उन्हें पुल पर निश्चित अवधि तक रोककर जांच की गई। भार वहन क्षमता की जांच के नतीजे संतोषजनक नहीं मिलने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने ताइवान से ऐसी मशीनें और सेंसर मंगाए हैं जो पुल की क्षमता का सूक्ष्मता से आकलन कर सकेंगे। लोड टेस्टिंग का काम आज से शुरू होना था, लेकिन देर शाम तक तकनीकी टीम यहां नहीं पहुंच सकी। टीम में शामिल दिल्ली आईआईटी के प्रोफेसर व बंगलूरू के इंजीनियर देर रात तक यहां पहुंच रहे हैं।
पुल के साइट इंजीनियर सुरजीत वर्मा ने बताया कि देर रात तक टीम के आने की संभावना के कारण लोड टेस्टिंग का काम बुधवार सुबह से शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया पुल के नीचे आधार केंद्र पर बने पोर्टल व पाइल कैप पर 14 सेंसर लगाए जाएंगे। बाद में पूरे पुल पर पांच ट्रकों में 500 बोरी रेत भरकर कुल 400 टन भार डाला जाएगा।

यह ट्रक सात दिन तक यथास्थिति में बने रहेंगे। सेंसर लगाकर टीम वापस आईआईटी दिल्ली चली जाएगी और वहीं से पुल पर लगाए गए सेंसर संचालित करेगी। संस्तुति सहित जांच रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे बाद पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed