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भैयादूज पर चरमरा गईं व्यवस्थाएं, जद्दोजहद कर भाई के घर पहुंच सकीं बहनें
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शाहजहांपुर। भाई दूज पर बृहस्पतिवार को रेलवे और रोडवेज की सारी व्यवस्थाएं पटरी से उतरती दिखीं। लखीमपुर, सीतापुर, कानपुर, हरदोई व पीलीभीत जाने वाले यात्रियों को बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्हें काफी मशक्कत के बाद बस मिल सकी। ट्रेनों में भी सीट घेरने को लेकर मारा-मारी मची रही। बहनें तमाम दुश्वारियों से जूझने के बाद भाई के घर पहुंच सकीं।
भाईदूज के त्योहार पर रोडवेज ने बहनों को आरामदायक सफर देने का वादा किया था। दावा था कि हर रूट पर बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। बृहस्पतिवार को जब रोडवेज बस स्टैंड पर बहनों की भीड़ उमड़ी तो सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। बस अड्डे पर उमड़े यात्रियों को बसें तक उपलब्ध नहीं हो सकीं। सबसे ज्यादा दिक्कत पीलीभीत जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी। उन्हें बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसी तरह लखीमपुर, सीतापुर, कानपुर, हरदोई आदि के यात्री इंतजार करते नजर आए। बस के आते ही तमाम यात्री सीट घेरने के लिए दौड़ पड़ते थे। सीट घेरने को लेकर धक्का-मुक्की तक हुई। लोगों ने बच्चों को इमरजेंसी खिड़की के सहारे प्रवेश देकर सीटें घेरीं।
बसों के नहीं आने पर यात्रियों ने पूछताछ कार्यालय में जाकर नाराजगी जताई। यात्रियों का आरोप था कि बरेली-दिल्ली रूट पर अधिक बसें हैं जबकि अन्य रूट के लिए यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। एआरएम आरएम पांडेय ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा आय में बढ़ोत्तरी हुई है।
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ट्रेन में चढ़ने को लेकर करनी पड़ी यात्रियों को मशक्कत
- भैयादूज पर ट्रेनों से सफर करने वाली बहनों को मुसीबतों से दो-चार होना पड़ा। बोगियों में सवार होने के लिए यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ा। महिलाओं ने जनरल बोगी में जगह न मिलने पर स्लीपर कोच में यात्रा कर ली। इस दौरान टीटीई के आने पर यात्रियों से जुर्माने को लेकर उनकी कहासुनी भी हुई। ट्रेन से सफर करने आईं महिलाओं को टिकट लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ी। दोपहर 12 बजे रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर एक यात्रियों से गुलजार हो गया। 12.31 बजे टनकपुर से सिगरोली जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस को लाइन नंबर एक पर लिया गया। ट्रेन के आते ही सीट को घेरने को लेकर मशक्कत शुरू हो गई। काफी मशक्कत के बाद बोगी में सवार हो पाई। इसके बाद जिसे जहां जगह मिली। उसने वहीं पर बैठकर अपना सफर पूरा किया। इसके अलावा चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस, पंजाब मेल, किसान एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में खूब भीड़ रही। ट्रेनों में में चढ़ते समय भीड़ को लेकर धक्कामुक्की भी हुई।
जेल में बंद भाई के माथे पर तिलक करने को बहनों ने सहीं दुश्वारियां
जिला कारागार पर बृहस्पतिवार को भैयादूज के त्योहार पर खूब भीड़ उमड़ी। जेल में बंद भाइयों के माथे पर तिलक करने के लिए बहनों ने तमाम दुश्वारियों को सहन किया। बस और डग्गामार वाहन से सफर किया। उसके बाद जेल पर लंबे इंतजार के बाद भाई के माथे पर तिलक सजाया तो भाई और बहन की आंखों से आंसू छलक पड़े। जेल अधीक्षक के अनुसार, शाम तक 1200 बंदियों की मुलाकात कराई गई। जेल प्रशासन ने मिलाई के लिए आधे घंटे का समय दिया था। ऐसे में अंदर का बैच बाहर आने के बाद ही बहनों को प्रवेश दिया गया। कारागार में खुले स्थान पर मुलाकात की व्यवस्था की गई थी। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि महिलाओं को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा। उनके लिए अंदर नाश्ते का इंतजाम भी किया गया था।
रोडवेज-जेल पर फोकस, बाकी शहर को जाम में झोंका
शाहजहांपुर। भाईदूज पर जाम से बचने के लिए यातायात पुलिस की रणनीति काम नहीं आई। ट्रैफिक पुलिस ने रोडवेज और जेल के पास यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए पूरा फोकस किया। उसके अलावा अन्य मार्गों पर लोग जाम से जूझते रहे।
रोडवेज बस स्टेशन पर ट्रैफिक पुलिस के दो दरोगा पूरे दिन तैनात रहे। उसके अलावा यहां होमगार्ड भी लगाए थे। ऐसे में यहां जाम नहीं लग सका। जिला कारागार पर भी जाम से निपटने के इंतजाम बेहतर रहे। इसके विपरीत रेलवे स्टेशन पर आने और जाने वाले यात्रियों को जाम से जूझना पड़ा। ट्रेन के आने पर यात्रियों के बाहर निकलने पर मिठाई की दुकानों के सामने खड़ी बाइकों व ई-रिक्शा के चलते जाम लग गया। यात्री दिन में कई बार जाम से जूझते रहे। लाल इमली चौराहा भी कई बार जाम से जूझा।
यातायात का दबाव अधिक होने के चलते यहां तैनात यातायात पुलिस के एक सिपाही से ट्रैफिक संभल नहीं सका। ऐसे में यात्री जाम में फंसकर परेशान होते रहे। कच्चा कटरा मोड़ और चौक का इलाका भी कई बार जाम हुआ। लोहारा वाला चौराहे पर वाहनों का भार अधिक रहा। यहां सीवर लाइन की खोदाई के कारण सड़क संकरी हो गई। ऐसे में लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।
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भाईदूज के त्योहार पर रोडवेज ने बहनों को आरामदायक सफर देने का वादा किया था। दावा था कि हर रूट पर बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। बृहस्पतिवार को जब रोडवेज बस स्टैंड पर बहनों की भीड़ उमड़ी तो सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। बस अड्डे पर उमड़े यात्रियों को बसें तक उपलब्ध नहीं हो सकीं। सबसे ज्यादा दिक्कत पीलीभीत जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी। उन्हें बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसी तरह लखीमपुर, सीतापुर, कानपुर, हरदोई आदि के यात्री इंतजार करते नजर आए। बस के आते ही तमाम यात्री सीट घेरने के लिए दौड़ पड़ते थे। सीट घेरने को लेकर धक्का-मुक्की तक हुई। लोगों ने बच्चों को इमरजेंसी खिड़की के सहारे प्रवेश देकर सीटें घेरीं।
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बसों के नहीं आने पर यात्रियों ने पूछताछ कार्यालय में जाकर नाराजगी जताई। यात्रियों का आरोप था कि बरेली-दिल्ली रूट पर अधिक बसें हैं जबकि अन्य रूट के लिए यात्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। एआरएम आरएम पांडेय ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा आय में बढ़ोत्तरी हुई है।
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ट्रेन में चढ़ने को लेकर करनी पड़ी यात्रियों को मशक्कत
- भैयादूज पर ट्रेनों से सफर करने वाली बहनों को मुसीबतों से दो-चार होना पड़ा। बोगियों में सवार होने के लिए यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ा। महिलाओं ने जनरल बोगी में जगह न मिलने पर स्लीपर कोच में यात्रा कर ली। इस दौरान टीटीई के आने पर यात्रियों से जुर्माने को लेकर उनकी कहासुनी भी हुई। ट्रेन से सफर करने आईं महिलाओं को टिकट लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ी। दोपहर 12 बजे रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर एक यात्रियों से गुलजार हो गया। 12.31 बजे टनकपुर से सिगरोली जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस को लाइन नंबर एक पर लिया गया। ट्रेन के आते ही सीट को घेरने को लेकर मशक्कत शुरू हो गई। काफी मशक्कत के बाद बोगी में सवार हो पाई। इसके बाद जिसे जहां जगह मिली। उसने वहीं पर बैठकर अपना सफर पूरा किया। इसके अलावा चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस, पंजाब मेल, किसान एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में खूब भीड़ रही। ट्रेनों में में चढ़ते समय भीड़ को लेकर धक्कामुक्की भी हुई।
जेल में बंद भाई के माथे पर तिलक करने को बहनों ने सहीं दुश्वारियां
जिला कारागार पर बृहस्पतिवार को भैयादूज के त्योहार पर खूब भीड़ उमड़ी। जेल में बंद भाइयों के माथे पर तिलक करने के लिए बहनों ने तमाम दुश्वारियों को सहन किया। बस और डग्गामार वाहन से सफर किया। उसके बाद जेल पर लंबे इंतजार के बाद भाई के माथे पर तिलक सजाया तो भाई और बहन की आंखों से आंसू छलक पड़े। जेल अधीक्षक के अनुसार, शाम तक 1200 बंदियों की मुलाकात कराई गई। जेल प्रशासन ने मिलाई के लिए आधे घंटे का समय दिया था। ऐसे में अंदर का बैच बाहर आने के बाद ही बहनों को प्रवेश दिया गया। कारागार में खुले स्थान पर मुलाकात की व्यवस्था की गई थी। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि महिलाओं को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा। उनके लिए अंदर नाश्ते का इंतजाम भी किया गया था।
रोडवेज-जेल पर फोकस, बाकी शहर को जाम में झोंका
शाहजहांपुर। भाईदूज पर जाम से बचने के लिए यातायात पुलिस की रणनीति काम नहीं आई। ट्रैफिक पुलिस ने रोडवेज और जेल के पास यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए पूरा फोकस किया। उसके अलावा अन्य मार्गों पर लोग जाम से जूझते रहे।
रोडवेज बस स्टेशन पर ट्रैफिक पुलिस के दो दरोगा पूरे दिन तैनात रहे। उसके अलावा यहां होमगार्ड भी लगाए थे। ऐसे में यहां जाम नहीं लग सका। जिला कारागार पर भी जाम से निपटने के इंतजाम बेहतर रहे। इसके विपरीत रेलवे स्टेशन पर आने और जाने वाले यात्रियों को जाम से जूझना पड़ा। ट्रेन के आने पर यात्रियों के बाहर निकलने पर मिठाई की दुकानों के सामने खड़ी बाइकों व ई-रिक्शा के चलते जाम लग गया। यात्री दिन में कई बार जाम से जूझते रहे। लाल इमली चौराहा भी कई बार जाम से जूझा।
यातायात का दबाव अधिक होने के चलते यहां तैनात यातायात पुलिस के एक सिपाही से ट्रैफिक संभल नहीं सका। ऐसे में यात्री जाम में फंसकर परेशान होते रहे। कच्चा कटरा मोड़ और चौक का इलाका भी कई बार जाम हुआ। लोहारा वाला चौराहे पर वाहनों का भार अधिक रहा। यहां सीवर लाइन की खोदाई के कारण सड़क संकरी हो गई। ऐसे में लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।