Shahjahanpur News: स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज को 21 करोड़ का बजट मिला
एसएस कॉलेज को विश्वविद्यालय बनने का स्वामी चिन्मयानंद का सपना साकार हो गया। 15 नवंबर को मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट के अधीन चल रही सभी शैक्षणिक इकाइयों को उच्चीकृत करते हुए स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी दी गई। पिछले माह राजभवन से एसएस कॉलेज को राजकीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने का आदेश जारी कर दिया गया।
इसके बाद जिले के 57 कॉलेजों को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के बजाय एसएस विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के आदेश दिए गए। बुधवार को जारी आम बजट में शाहजहांपुर और भदोही के विश्वविद्यालय को 21-21 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। बजट में धनराशि आवंटन के बाद कॉलेज में खुशियां मनाई गईं।
प्रारंभिक बजट से क्या कार्य होंगे, इसके दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, लेकिन संभावना है कि धनराशि से उच्च शिक्षा की दिशा में विश्वविद्यालय नए रास्ते प्रशस्त होंगे। विश्वविद्यालय के विधिवत संचालन के लिए जल्द ही कुलपति के आने की संभावना है। इसके बाद अगले सत्र से कॉलेज का संचालन शुरू हो जाएगा।
टोकन मनी के तौर पर प्रारंभ में 21 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। बजट में स्वामी शुकदेवानंद राजकीय महाविद्यालय पर मुहर लग गई। अपेक्षा है कि राज्य विश्वविद्यालय बनने से क्षेत्र का शैक्षिक विकास होगा, साथ ही नई प्रशासनिक दक्षता के साथ शिक्षा का उन्नयन किया जाएगा। उच्च शिक्षा के कई पाठ्यक्रम जो यहां नहीं हैं, वे भी संचालित होंगे। धन आवंटन और विश्वविद्यालय को मुख्यधारा में लाने के लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री का आभार जताते हैं।
-डॉ. अवनीश मिश्रा, सचिव-प्रबंध समिति
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युवा-किसानों के लिए कुछ नहीं
सरकार ने किसानों को बैंक से कर्ज लेने के लिए जोर दिया है। इससे साफ है कि सरकार ने किसानों पर नहीं बड़े उद्योगपतियों को मजबूत करने के कदम उठाए हैं। युवा-किसानों की फाइलों में कमी निकालकर बैंक वापस कर देता है।
- मंजीत सिंह धालीवाल, (प्रदेश उपाध्यक्ष) भाकियू अराजनैतिक गुट
एआई आधारित सुविधाएं स्वागतयोग्य कदम
बजट में उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए एआई आधारित सुविधाएं देने की घोषणा की गई है। श्रमिकों के लिए अड्डे बनाने की घोषणा भी अच्छी है। निवेशकों को सिंगल विंडो की सुविधा से उद्यमियों को सहूलियत होगी।
- धीरज शर्मा, उद्यमी
महिलाओं को क्रेडिट कार्ड की सुविधा अच्छा कदम
महिलाओं के लिए क्रेडिट कार्ड की सुविधा स्वागतयोग्य कदम है। महिलाओं को छोटे कार्यों के लिए ऋणमुक्त कर्ज मिल सकेगा। लड़कियों की शादी के लिए भी धनराशि की बढ़ोतरी स्वागत योग्य है। हॉस्टल आदि बनने से भी पढ़ाई कर रही लड़कियों को लाभ होगा।
-साक्षी यादव, गृहिणी
युवाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बजट बढ़ाया गया है। इसका लाभ युवाओं और व्यापार के इच्छुक लोगों को मिलेगा। प्रदेश सरकार का यह बजट सामान्य है।
- गुरुसेवक सिंह, व्यापारी, खुटार
व्यापारियों को कुछ नहीं मिला
व्यापारियों को बजट में कुछ नहीं मिला है। जीएसटी में कमियों में सुधार कराने की संभावना थी। प्रदेश में चेकिंग अभियान में सहूलियत मिलने की जरूरत थी, वह भी नहीं मिली है।
- वेदप्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष-उद्योग व्यापार मंडल कंछल गुट
खेलों के लिए अलग से प्रावधान नहीं किया
महानगर में खिलाड़ियों के लिए कोई मैदान नहीं है। इससे खिलाड़ियों को दिक्कत आती है। प्रदेश सरकार को खेल के लिए अलग से बजट का प्रावधान करना चाहिए था, जिससे खिलाड़ी तैयार हो सकें।
- हर्ष शुक्ला, खिलाड़ी
सर्वव्यापी और सर्वहितैषी है बजट
प्रदेश सरकार ने सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए बजट जारी किया है। यह सर्वहितैषी बजट है। युवाओं, महिलाओं, छात्र-छात्राओं समेत सभी को लाभ देने का प्रयास किया है। डबल इंजन की सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं को लाभ पहुंचा रही है।
- केसी मिश्रा, जिलाध्यक्ष-भाजपा
बजट के नाम पर जनता को दिया धोखा
विकास के लिए कोई नए आयाम नहीं खोले गए। युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। किसानाें की आय दोगुनी करने वाली सरकार को बीज, खाद के लिए भी सोचना चाहिए। बजट के नाम पर जनता को धोखा दिया गया। यह बजट पूरी तरह से फेल है।
- तनवीर खां, जिलाध्यक्ष-सपा
विश्वविद्यालय को मिलना चाहिए था पांच गुना बजट
स्वामी चिन्मयानंद ने सौ करोड़ की संपत्ति सरकार को दे दी। जबकि सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 21 करोड़ का बजट दिया है। संपत्ति के हिसाब से पांच गुना बजट दिया जाना था, तब विश्वविद्यालय को भव्य रूप प्रदान हो पाता। छात्र हित में भी कुछ कदम नहीं उठाए गए हैं।
- रजनीश गुप्ता, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस
घोषणाओं को पूरा नहीं करती भाजपा
सरकार ने पूर्व में जारी किए बजट की घोषणाओं को पूरा नहीं किया। गरीबों, बेरोगजगारों, छात्रों ओर किसानों के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा नहीं की गई है। बजट में किए गए प्रावधानों पर अमल करने पर ही जनता को लाभ मिलेगा। जबकि भाजपा सरकार ऐसा कर नहीं रही है।
-उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष-बसपा
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विकास-उन्मुख और निवेश प्रधान बजट
एक विकास-उन्मुख और निवेश प्रधान बजट है, जो दीर्घकालिक मजबूत आर्थिक आधार को प्राथमिकता देता है। यह विशेष रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी विनिर्माण, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स और कर प्रणाली सुधार पर आधारित है। हालांकि, गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए प्रत्यक्ष राहत अपेक्षित स्तर तक नहीं दिखाई देती।
-डॉ. रुचि द्विवेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर, क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग, बरेली
विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर
बजट में अर्थव्यवस्था के तीनों प्रमुख स्तंभों विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। विनिर्माण क्षेत्र को कर प्रोत्साहन व आयात-निर्यात सुधारों से मजबूती दी गई है। सेवा क्षेत्र को रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, मूल्यवर्धन और ग्रामीण आय सृजन पर जोर देकर समावेशी विकास की नींव रखी गई है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे में निरंतर और बड़े स्तर पर निवेश से दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
- कुलश्रेष्ठ त्रिवेदी, सीए

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

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वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

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वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं

वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। स्रोत: स्वयं