{"_id":"50d4726a054934dbb8e997d351d296ba","slug":"supervisor-without-the-try-elections-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना पर्यवेक्षक के ही चुनाव कराने का प्रयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना पर्यवेक्षक के ही चुनाव कराने का प्रयास
जलालाबाद (शाहजहांपुर)
Updated Thu, 26 Mar 2015 11:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काकोरी शहीद इंटर कॉलेज प्रबंध समिति के चुनाव के लिए डीआईओएस के पर्यवेक्षक भेजने से इंकार करने के बावजूद एक पक्ष ने चुनाव कराने का प्रयास किया। जब दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया तो टकराव के आसार बन गए। इसे देखते हुए प्रशासन ने चुनाव पर रोक लगा दी और पुलिस का पहरा बैठा दिया।
यहां बता दें कि काकोरी शहीद एजूकेशनल सोसाइटी शाहजहांपुर ने वकील के माध्यम से काकोरी शहीद इंटर कॉलेज जलालाबाद की नवीन प्रबंध समिति का चुनाव कराने के लिए बरेली के एक समाचार पत्र में 21 दिसंबर को विज्ञप्ति निकालकर 29 मार्च को चुनाव कराने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने का अनुरोध किया था, लेकिन डीआईओएस ने यह कहते हुए कि चूंकि काकोरी शहीद एजूकेशनल सोसाइटी शाहजहांपुर का प्रबंधकीय विवाद एसडीएम कोर्ट में लंबित है, लिहाजा पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं किया जा सकता, इसलिए उन्होंने चुनाव पर रोक लगा दी। इसके बावजूद एक गुट ने चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी। दूसरे पक्ष को जब इसकी भनक लगी तो उसने एसडीएम और कोतवाल से शिकायत की। झगड़े की आशंका को देखते हुए एसडीएम ने तुरंत ही संभावित मतदान स्थल पर पुलिस को तैनात कर दिया और चुनाव पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
यहां बता दें कि काकोरी शहीद एजूकेशनल सोसाइटी शाहजहांपुर ने वकील के माध्यम से काकोरी शहीद इंटर कॉलेज जलालाबाद की नवीन प्रबंध समिति का चुनाव कराने के लिए बरेली के एक समाचार पत्र में 21 दिसंबर को विज्ञप्ति निकालकर 29 मार्च को चुनाव कराने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने का अनुरोध किया था, लेकिन डीआईओएस ने यह कहते हुए कि चूंकि काकोरी शहीद एजूकेशनल सोसाइटी शाहजहांपुर का प्रबंधकीय विवाद एसडीएम कोर्ट में लंबित है, लिहाजा पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं किया जा सकता, इसलिए उन्होंने चुनाव पर रोक लगा दी। इसके बावजूद एक गुट ने चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी। दूसरे पक्ष को जब इसकी भनक लगी तो उसने एसडीएम और कोतवाल से शिकायत की। झगड़े की आशंका को देखते हुए एसडीएम ने तुरंत ही संभावित मतदान स्थल पर पुलिस को तैनात कर दिया और चुनाव पर रोक लगा दी।
विज्ञापन