{"_id":"67db17973e4bc64b420ef2c9","slug":"sugarcane-tractor-trolleys-caused-a-huge-jam-on-the-lipulekh-bhind-highway-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-139830-2025-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: गन्ना की ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से लिपुलेख-भिंड हाईवे पर लगा भीषण जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: गन्ना की ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से लिपुलेख-भिंड हाईवे पर लगा भीषण जाम
Thu, 20 Mar 2025 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 20 Mar 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
लिपुलेख-भिंड हाईवे पर डालमिया चीनी मिल के पास लगा जाम। संवाद
- फोटो : संवाद
शाहजहांपुर। निगोही की डालमिया चीनी मिल में गन्ना की आपूर्ति करने वाली ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की भरमार से लिपुलेख-भिंड नेशनल हाईवे पर करीब 22 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। पुलिस ने कई बार जाम खुलवाया, लेकिन हाईवे पर मंगलवार दोपहर 12 बजे से बुधवार को सुबह दस बजे तक रुक-रुककर जाम लगता रहा। कई एंबुलेंस और स्कूली वाहनों समेत लंबी दूरी के तमाम वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। डालमिया चीनी मिल का पेराई सत्र अब समाप्ति की ओर है। मिल क्षेत्र में अवशेष गन्ना की तौल फ्री कर दी गई है। यही नहीं आसपास की मकसूदापुर और लोनी चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। इसलिए इन दोनों मिल क्षेत्रों के जिन किसानों के पास गन्ना शेष बचा है, वे भी उसे ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से लेकर एक साथ मिल गेट पर पहुंचने लगे। नतीजा यह हुआ कि मंगलवार को दोपहर से मिल का यार्ड गन्ना लेकर आए वाहनों से भर गया। इसके बाद भी गन्ना लेकर आने वाले किसानों का सिलसिला जारी रहा। यार्ड मे जगह नहीं बचने पर गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की मिल गेट के तौल कांटा से लेकर हाईवे तक कतारें लगने लगीं। मंगलवार की शाम करीब छह बजे हाईवे की दूसरी लेन भी ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से घिरने लगी। इससे यातायात ठप होते देख पुलिस ने मिल गेट पर जाकर हाईवे के किनारे ट्रैक्टर-ट्राॅलियाें की कतार लगवाकर हाईवे की एक लेन चालू कराई। पुलिस के हटते ही फिर से हाईवे जाम होने लगा। रात दस बजे के बाद हाईवे पर इतनी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां आ गईं कि गिरगिचा से लेकर हमजापुर चौराहा तक और वहां से कैमुआ नाला वाले पुल तक वाहनों की करीब तीन किमी लंबी कतारें लग गईं। थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप ने बताया कि मिल प्रबंधक से वार्ता की गई है। उनसे कहा गया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि अन्य क्षेत्रों से भारी संख्या में आने वाले गन्ना के वाहन भविष्य में एक साथ नहीं आने पाएं। मिल प्रबंधन को चेताया गया है कि गन्ना के वाहनों से हाईवे के यातायात में फिर रुकावट पड़ने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
000
किसानों की जल्दबाजी के चलते बार-बार लगा जाम
मिल गेट पर गन्ना की तौल के लिए ट्राॅलियों की भारी भीड़ को देख बाद में आए किसान भी तौल जल्दी कराने को उतावले होने लगे। इस कारण उन्होंने अपने ट्रैक्टर-ट्राॅली आगे निकालने की होड़ में जगह नहीं मिलने पर उन्हें हाईवे की दोनों लेन घेरते हुए आड़ी-तिरछी हालत में खड़ा कर दिया। इससे यातायात के लिए खोली गई हाईवे की दूसरी लेन बार-बार अवरुद्ध होती रही। लोगों का मानना है कि जाम वाले ठिकानों पर देर रात तक पुलिस मुस्तैद बनी रहती तो जाम इतना लंबा और देर तक नहीं लगता।
000
यार्डों की क्षमता से ज्यादा पहुंच गए गन्ना के वाहन
मिल परिसर के यार्ड में 650 ट्रैक्टर ट्राॅली खड़े करने की क्षमता है। मिल प्रबंधन ने मिट गेट के ठीक सामने गन्ना के करीब 200 ट्रक और ट्रैक्टर ट्राॅली खड़े करने की व्यवस्था की है। इसके अलावा करीब करीब 1.5 किमी के फासले पर हसौंआ गांव में भी हाईवे के किनारे लगभग 500 ट्रैक्टर-ट्राॅली की क्षमता वाला यार्ड बनाया है। इन तीनों यार्डों में जगह नहीं बचने पर भी गन्ना के वाहन आते रहे। रात 12 बजे तक ऐसे करीब 500 ट्रैक्टर ट्राॅली और ट्रक आ जाने से उन्हें हाईवे पर खड़ा कर दिया गया।
विज्ञापन
000
निकट की मकसूदापुर और लोनी की चीनी मिलें बंद होने के कारण वहां के किसान भी खेतों में बचा हुआ गन्ना लेकर मिल गेट पर उमड़ पड़ने के कारण जाम के हालात बन गए। भविष्य में हाईवे पर जाम रोकने के लिए मिल के दोनों बाहरी यार्डों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे वहां अधिक संख्या में गन्ना लेकर आने वाले खड़े किए जा सकें। किसान जल्दबाजी नहीं करे क्योंकि जब तक मिल को गन्ना मिलता रहेगा, पेराई चलती रहेगी।
-आदित्य गुप्ता, एचआर हेड, डालमिया चीनी मिल
--
विज्ञापन
000
किसानों की जल्दबाजी के चलते बार-बार लगा जाम
मिल गेट पर गन्ना की तौल के लिए ट्राॅलियों की भारी भीड़ को देख बाद में आए किसान भी तौल जल्दी कराने को उतावले होने लगे। इस कारण उन्होंने अपने ट्रैक्टर-ट्राॅली आगे निकालने की होड़ में जगह नहीं मिलने पर उन्हें हाईवे की दोनों लेन घेरते हुए आड़ी-तिरछी हालत में खड़ा कर दिया। इससे यातायात के लिए खोली गई हाईवे की दूसरी लेन बार-बार अवरुद्ध होती रही। लोगों का मानना है कि जाम वाले ठिकानों पर देर रात तक पुलिस मुस्तैद बनी रहती तो जाम इतना लंबा और देर तक नहीं लगता।
विज्ञापन
000
यार्डों की क्षमता से ज्यादा पहुंच गए गन्ना के वाहन
मिल परिसर के यार्ड में 650 ट्रैक्टर ट्राॅली खड़े करने की क्षमता है। मिल प्रबंधन ने मिट गेट के ठीक सामने गन्ना के करीब 200 ट्रक और ट्रैक्टर ट्राॅली खड़े करने की व्यवस्था की है। इसके अलावा करीब करीब 1.5 किमी के फासले पर हसौंआ गांव में भी हाईवे के किनारे लगभग 500 ट्रैक्टर-ट्राॅली की क्षमता वाला यार्ड बनाया है। इन तीनों यार्डों में जगह नहीं बचने पर भी गन्ना के वाहन आते रहे। रात 12 बजे तक ऐसे करीब 500 ट्रैक्टर ट्राॅली और ट्रक आ जाने से उन्हें हाईवे पर खड़ा कर दिया गया।
विज्ञापन
000
निकट की मकसूदापुर और लोनी की चीनी मिलें बंद होने के कारण वहां के किसान भी खेतों में बचा हुआ गन्ना लेकर मिल गेट पर उमड़ पड़ने के कारण जाम के हालात बन गए। भविष्य में हाईवे पर जाम रोकने के लिए मिल के दोनों बाहरी यार्डों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे वहां अधिक संख्या में गन्ना लेकर आने वाले खड़े किए जा सकें। किसान जल्दबाजी नहीं करे क्योंकि जब तक मिल को गन्ना मिलता रहेगा, पेराई चलती रहेगी।
-आदित्य गुप्ता, एचआर हेड, डालमिया चीनी मिल

लिपुलेख-भिंड हाईवे पर डालमिया चीनी मिल के पास लगा जाम। संवाद- फोटो : संवाद