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नए पेराई सत्र को एक मई से होगा गन्ना का जीपीएस सर्वे
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शाहजहांपुर। गन्ना पेराई सत्र 2020-21 के लिए जिले में एक मई से 30 जून तक 95 हजार हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल का सर्वे किया जाएगा। 15 मई को समाप्त हो रहे चालू पेराई सत्र की तुलना में यह रकबा करीब तीन हजार हेक्टेयर ज्यादा होगा। इसको लेकर गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने गन्ना सर्वे नीति भी घोषित कर दी है। गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार जीपीएस सर्वे के लिए जिले को चार जोन में बांटा जा रहा है। सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभागीय पर्यवेक्षकों से इसका सत्यापन भी कराया जाएगा।
गत वर्ष जिले की पांचों चीनी मिलों के क्षेत्र में 92,164 हेक्टेयर में गन्ना बुआई की गई थी। उस वक्त भी जीपीएस से सर्वे कराया गया, लेकिन फिर भी तमाम गड़बड़ियां सामने आईं। इस बार ऐसी खामियां रोकने के लिए सर्वे नीति में कई प्रावधान किए गए है। अब गन्ना विभाग और चीनी मिलों के कर्मचारी संयुक्त रूप से सर्वे टीमों में शामिल होंगे। साथ ही गन्ना विकास विभाग और चीनी उद्योग से जुड़े अधिकारियों की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर गन्ना रकबा इसकी जांच भी करेंगी। सर्वे की शुरुआत से पूर्व चीनी मिल स्तर पर बैठक कर संबंधित मिल के गन्ना प्रबंधक एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। जोन स्तर पर राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और ब्लॉक स्तर पर सहकारी गन्ना समिति के सचिव अथवा गन्ना विकास निरीक्षक सर्वे प्रभारी बनाए जाएंगे। जहां सर्वे होगा, उस क्षेत्र के किसानों को तीन दिन पहले मोबाइल पर एसएमएस के जरिए सर्किल प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर बता दिया जाएगा। सर्वे वाले दिन ही उसका ब्योरा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भेज दिया जाएगा।
इस बार गन्ना पेड़ी का रकबा तीन-चार फीसदी बढ़ने का अनुमान है। सर्वे में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने को मुख्यालय स्तर पर भी अधिकारियों की टीम बनेगी। इसमें सहायक चीनी आयुक्त, चीनी मिलों के महाप्रबंधक, मुख्य रसायनविद्, खांडसारी निरीक्षक आदि शामिल रहेंगे। टीमों का गठन मिलों मेें कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर होगा।
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- डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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गत वर्ष जिले की पांचों चीनी मिलों के क्षेत्र में 92,164 हेक्टेयर में गन्ना बुआई की गई थी। उस वक्त भी जीपीएस से सर्वे कराया गया, लेकिन फिर भी तमाम गड़बड़ियां सामने आईं। इस बार ऐसी खामियां रोकने के लिए सर्वे नीति में कई प्रावधान किए गए है। अब गन्ना विभाग और चीनी मिलों के कर्मचारी संयुक्त रूप से सर्वे टीमों में शामिल होंगे। साथ ही गन्ना विकास विभाग और चीनी उद्योग से जुड़े अधिकारियों की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर गन्ना रकबा इसकी जांच भी करेंगी। सर्वे की शुरुआत से पूर्व चीनी मिल स्तर पर बैठक कर संबंधित मिल के गन्ना प्रबंधक एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। जोन स्तर पर राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और ब्लॉक स्तर पर सहकारी गन्ना समिति के सचिव अथवा गन्ना विकास निरीक्षक सर्वे प्रभारी बनाए जाएंगे। जहां सर्वे होगा, उस क्षेत्र के किसानों को तीन दिन पहले मोबाइल पर एसएमएस के जरिए सर्किल प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर बता दिया जाएगा। सर्वे वाले दिन ही उसका ब्योरा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भेज दिया जाएगा।
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इस बार गन्ना पेड़ी का रकबा तीन-चार फीसदी बढ़ने का अनुमान है। सर्वे में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने को मुख्यालय स्तर पर भी अधिकारियों की टीम बनेगी। इसमें सहायक चीनी आयुक्त, चीनी मिलों के महाप्रबंधक, मुख्य रसायनविद्, खांडसारी निरीक्षक आदि शामिल रहेंगे। टीमों का गठन मिलों मेें कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर होगा।
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- डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी