{"_id":"1ac415e3ae031d6b36a6d0d8dec94aa7","slug":"sugar-cane-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना उत्पादन बढ़ाने को हुआ मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना उत्पादन बढ़ाने को हुआ मंथन
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 17 Jan 2015 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शोध परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा शोध परीक्षणों का विश्लेषण करने बाद आगामी शोध कार्यों के बारे में निर्देश दिए।
डॉ. शर्मा ने कहा कि चीनी की बढ़ती खपत और एवं निर्यात को देखते हुए गन्ने की उत्पादकता और चीनी रिकवरी को बढ़ाना होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों को बेहतर शोध कार्य करने होंगे। इसके साथ ही गन्ने की गुणवत्ता एवं चीनी उत्पादन को प्रभावित करने वाले तापमान, मृदा, आर्द्रता, सूखा, वर्षा, कोहरा, धुंध, पाला आदि तमाम कारकों से बचाव करने के बारे में भी विचार-विमर्श किया।
इससे पहले दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ गन्ना शोध के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने किया। उन्होंने कहा कि किसान और वैज्ञानिक अपने कर्तव्यों का पालन पूरी तरह से कर रहे हैं। इन दोनों की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान एडवाइजरी कमेटी के सदस्य डॉ. समीर सावंत, डॉ. एसके राज, डॉ. निरंजन राणा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. पीके सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. शुचिता सिंह, डॉ. वीरेश कुमार, डॉ. आईएस सिंह, डॉ. अतुल सिंह, वरिष्ठ कीट विशेषज्ञ केपी पांडेय एवं प्रसार भारती राजेंद्र मिश्र ने विचार विमर्श किया।
विज्ञापन
डॉ. शर्मा ने कहा कि चीनी की बढ़ती खपत और एवं निर्यात को देखते हुए गन्ने की उत्पादकता और चीनी रिकवरी को बढ़ाना होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों को बेहतर शोध कार्य करने होंगे। इसके साथ ही गन्ने की गुणवत्ता एवं चीनी उत्पादन को प्रभावित करने वाले तापमान, मृदा, आर्द्रता, सूखा, वर्षा, कोहरा, धुंध, पाला आदि तमाम कारकों से बचाव करने के बारे में भी विचार-विमर्श किया।
इससे पहले दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ गन्ना शोध के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने किया। उन्होंने कहा कि किसान और वैज्ञानिक अपने कर्तव्यों का पालन पूरी तरह से कर रहे हैं। इन दोनों की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान एडवाइजरी कमेटी के सदस्य डॉ. समीर सावंत, डॉ. एसके राज, डॉ. निरंजन राणा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. पीके सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. शुचिता सिंह, डॉ. वीरेश कुमार, डॉ. आईएस सिंह, डॉ. अतुल सिंह, वरिष्ठ कीट विशेषज्ञ केपी पांडेय एवं प्रसार भारती राजेंद्र मिश्र ने विचार विमर्श किया।
विज्ञापन