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Shahjahanpur News: कांवड़यात्रा में बाधा बनेंगे सड़काें पर घूमते छुट्टा पशु
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जलालाबाद में फर्रुखाबाद हाईवे पर घूमते छुट्टा पशु। संवाद
जलालाबाद। सावन माह से शुरू होने वाली कांवड़यात्रा की राह में सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं के झुंड रोड़ा बनेंगे। इस बारे में शासन के आदेश का पालन कराना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा, क्योंकि ऐसे सैकड़ों पशु जगह-जगह घूमते दिख रहे हैं।
फर्रुखाबाद के घटिया घाट से लेकर नगर के याकूबपुर तिराहे से शाहजहांपुर के बरेली मोड़ तक कांवड़ यात्रा का प्रमुख रूट है। इस दूरी के बीच बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे और शाहजहांपुर हाईवे पर कई ऐसे ठिकाने हैं, जहां पशुओं के झुंड रात में भी मौजूद रहते हैं।
फर्रुखाबाद हाईवे पर अल्हागंज के आगे सुगसुगी, दहेना, ठिंगरी, कटिउली, बझेड़ा चौराहा व रौली बौरी और शाहजहांपुर हाईवे पर बारह पत्थर चौराहे, उबरिया मंदिर, भैंसटा कला मोड़, पिपरौला से लेकर बरेली मोड़ तक दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर बड़ी तादाद में पशुओं के झुंड मौजूद रहते हैं।
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बीते साल फर्रुखाबाद हाईवे पर कटिउली गांव के पास झुंड में बैठे पशुओं पर ट्रक चढ़ जाने से तीन पशुओं की मौत हो गई और तमाम पशु बुरी तरह घायल हो गए थे। हादसे के बाद पशुओं को पकड़ने की शुरू हुई कवायद दो दिन बाद ही खत्म हो गई। नतीजे में इस रूट पर छुट्टा पशुओं की खासी तादाद बनी हुई है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव लालपुर इमलिया में एक नंदीशाला है। नौ ग्राम पंचायतों में जो गोशालाएं हैं, वहां पहले से ही क्षमता से अधिक पशु मौजूद हैं। वृहद गोशाला गांव गुरुगवां में निर्माणाधीन है। ऐसे में पशुओं को पकड़े जाने पर उन्हें गोशालाओं में भेजना भी संभव नहीं होगा।
बारिश में मार्गों पर आ जाते हैं अधिकांश पशु
बारिश के दिनों में खेत-खलिहानों और मैदानों में पानी भर जाने के कारण कीचड़ हो जाता है। पशु बैठने के लिए सूखे स्थान की तलाश में सड़कों पर आ जाते हैं। छुट्टा पशुओं को बारिश के सीजन पर मार्गों से हटाना भी कठिन होता है।
गोशालाओं की स्थिति पर एक नजर
ग्राम क्षमता मौजूद पशु
1- खंखूड़ी 30 65
2- चिलौआ 60 87
3- खंडहर 30 35
4- इस्लामगंज 30 30
5- ठिंगरी 90 155
6- रामपुर वैन 30 37
7- नगला हलू 30 42
8- चौरा खुर्द 30 66
9- मंगटोरा 30 32
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कांवड़ यात्रा मार्ग से छुट्टा पशुओं को हटाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव और सफाई कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के हाईवे पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं को हटाएं। अधिकारियों के निर्देशानुसार अन्य जरूरी कदम भी उठाए जाएंगे।
-विश्वकांत मिश्रा, एडीओ पंचायत, जलालाबाद
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फर्रुखाबाद के घटिया घाट से लेकर नगर के याकूबपुर तिराहे से शाहजहांपुर के बरेली मोड़ तक कांवड़ यात्रा का प्रमुख रूट है। इस दूरी के बीच बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे और शाहजहांपुर हाईवे पर कई ऐसे ठिकाने हैं, जहां पशुओं के झुंड रात में भी मौजूद रहते हैं।
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फर्रुखाबाद हाईवे पर अल्हागंज के आगे सुगसुगी, दहेना, ठिंगरी, कटिउली, बझेड़ा चौराहा व रौली बौरी और शाहजहांपुर हाईवे पर बारह पत्थर चौराहे, उबरिया मंदिर, भैंसटा कला मोड़, पिपरौला से लेकर बरेली मोड़ तक दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर बड़ी तादाद में पशुओं के झुंड मौजूद रहते हैं।
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बीते साल फर्रुखाबाद हाईवे पर कटिउली गांव के पास झुंड में बैठे पशुओं पर ट्रक चढ़ जाने से तीन पशुओं की मौत हो गई और तमाम पशु बुरी तरह घायल हो गए थे। हादसे के बाद पशुओं को पकड़ने की शुरू हुई कवायद दो दिन बाद ही खत्म हो गई। नतीजे में इस रूट पर छुट्टा पशुओं की खासी तादाद बनी हुई है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव लालपुर इमलिया में एक नंदीशाला है। नौ ग्राम पंचायतों में जो गोशालाएं हैं, वहां पहले से ही क्षमता से अधिक पशु मौजूद हैं। वृहद गोशाला गांव गुरुगवां में निर्माणाधीन है। ऐसे में पशुओं को पकड़े जाने पर उन्हें गोशालाओं में भेजना भी संभव नहीं होगा।
बारिश में मार्गों पर आ जाते हैं अधिकांश पशु
बारिश के दिनों में खेत-खलिहानों और मैदानों में पानी भर जाने के कारण कीचड़ हो जाता है। पशु बैठने के लिए सूखे स्थान की तलाश में सड़कों पर आ जाते हैं। छुट्टा पशुओं को बारिश के सीजन पर मार्गों से हटाना भी कठिन होता है।
गोशालाओं की स्थिति पर एक नजर
ग्राम क्षमता मौजूद पशु
1- खंखूड़ी 30 65
2- चिलौआ 60 87
3- खंडहर 30 35
4- इस्लामगंज 30 30
5- ठिंगरी 90 155
6- रामपुर वैन 30 37
7- नगला हलू 30 42
8- चौरा खुर्द 30 66
9- मंगटोरा 30 32
कांवड़ यात्रा मार्ग से छुट्टा पशुओं को हटाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव और सफाई कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के हाईवे पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं को हटाएं। अधिकारियों के निर्देशानुसार अन्य जरूरी कदम भी उठाए जाएंगे।
-विश्वकांत मिश्रा, एडीओ पंचायत, जलालाबाद