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धर्म स्थल के निर्माण से दो संप्रदायों में तनाव

Sun, 27 Dec 2015 11:21 PM IST
पुवायां।
पुवायां। Updated Sun, 27 Dec 2015 11:21 PM IST
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Strain into two sects of religion building site
एक धर्मस्थल में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए भाजपा, विहिप, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और वाल्मीकि समाज के लोगों ने शनिवार शाम एसडीएम को पत्र देकर अवैध रूप से हो रहा निर्माण कार्य रुकवाए जाने की मांग की थी। रविवार को एसडीएम और सीओ ने मौका मुआयना कर निर्माण कार्य दो दिन के लिए रुकवा दिया है। निर्माण कार्य को लेकर दोनों ओर से तनाव बना हुआ है।
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भाजपा के नगर अध्यक्ष मुनीश मिश्रा, वरिष्ठ नेता गंगाराम मिश्रा, बजरंग दल के जिला संयोजक विपिन शुक्ला, विहिप के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्त, अमर सिंह कुशवाहा, शोभित सिंह, भुवन कुमार आदि ने बताया कि वह लोग शनिवार को एसडीएम से मिले और उन्हें जानकारी दी कि नगर में निगोही मार्ग पर काफी प्राचीन वाल्मीकि मंदिर है। मंदिर के सामने रोड के दूसरी ओर दूसरे संप्रदाय के लोग धर्मस्थल का निर्माण करा रहे हैं जो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
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भाजपा नेताओं ने बताया कि पूर्व में बाल्मीकि समाज के रामरतन फौजी, रामनाथ, रामप्रवेश, वीरू, दयाराम, संजीव कुमार, रामऔतार, रामजीत, संतराम, अर्जुन कुमार भी कई बार ज्ञापन आदि देकर धर्मस्थल का निर्माण रुकवाए जाने की मांग कर चुके हैं। पूर्व में निर्माण रुकवाया भी गया था, लेकिन अब फिर से निर्माण शुरू करा दिया गया है।
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एसडीएम सलिल कुमार पटेल, सीओ उमेश शर्मा रविवार सुबह मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता कर निर्माण कार्य दो दिन के लिए रुकवा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपना अपना पक्ष रखा। एसडीएम पूरे मामले की रिपोर्ट लेकर जिला मुख्यालय रवाना हो गए। एसडीएम ने बताया कि मामले का जल्द शांतिपूर्ण समाधान करा दिया जाएगा।


किसी दिन भारी पड़ सकती
है प्रशासन की ढिलाई
- चार वर्ष में कई बार आमने-सामने हो चुके हैं दोनों समुदायों के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। वाल्मीकि मंदिर के सामने दूसरे समुदाय के धर्मस्थल के निर्माण का विवाद सालों से चल रहा है, लेकिन मामले को कुछ दिन के लिए शांत कर पुलिस-प्रशासन के लोग चुप्पी साध जाते हैं। प्रशासन की यह ढिलाई कभी भी भारी पड़ सकती है। समस्या का स्थाई समाधान नहीं होने से स्थिति दिन व दिन बिगड़ती जा रही है।
कई वर्ष पूर्व मंदिर के सामने दूसरे संप्रदाय के धार्मिक स्थल का निर्माण शुरू हुआ तो वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने एतराज जताया था। इस पर पुलिस-प्रशासन ने मामले को फौरी तौर पर दबा लेने में कामयाबी हासिल कर ली और चुप्पी साध ली। इसके बाद धर्मस्थल में नमाज पढ़े जाने पर फिर से आपत्ति हुई, लेकिन प्रशासन ने पुराना ढर्रे पर चलते हुए मामले को कुछ दिन के लिए दबा दिया। इसके बाद वर्ष 2014 में धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने सामने हुए तो लाउडस्पीकर की आवाज कम करने की बात कहकर मामले को दबाया गया। अब ताजा विवाद धर्मस्थल में निर्माण कार्य को लेकर है। भाजपा सहित हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि मदरसा बनाए जाने की बात कहकर मस्जिद का निर्माण कर दिया गया। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को उल्लंघन है। पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के आरोप भी लगते रहे हैं।


वाल्मीकि समाज के लोगों ने दूसरे संप्रदाय के धर्मस्थल के निर्माण को लेकर 16 दिसंबर को एसडीएम को पत्र देकर निर्माण रुकवाए जाने की मांग की थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण स्थित यहां तक आ पहुंची है। पुलिस प्रशासन पक्षपात कर रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

- केके गुप्त, जिला कार्यवाह अध्यक्ष विहिप


ईदगाह, कब्रिस्तान की चाहरदीवारी के अंदर ईदगाह, कब्रिस्तान, मजार, मस्जिद 1964 की खतौनी से दर्ज है, जो मेरे पास है। जिस स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है, वहां 30 वर्ष से नमाज पढ़ी जा रही है। मस्जिद के पीछे का हिस्सा 25 वर्ष पूर्व से बना हुआ है। जिस प्रकार चंदा होता जाता है, निर्माण कराया जाता रहता है। अब आगे का हिस्सा बनाया जा रहा है। कुछ लोग बेवजह मामले को तूल देकर विवाद कर रहे हैं।
- वकील अहमद, अध्यक्ष ईदगाह, मस्जिद कमेटी पुवायां
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