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Shahjahanpur: चिन्मयानंद को हाईकोर्ट से मिली राहत, गैर जमानती वारंट पर अगले आदेश तक रोक
Fri, 23 Sep 2022 08:14 PM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Fri, 23 Sep 2022 08:14 PM IST
सार
स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि इस कार्रवाई के खिलाफ स्वामी चिन्मयानंद ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील की थी। इस मामले में उच्च न्यायालय में निर्णय सुरक्षित है।
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पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
शिष्या से दुष्कर्म के मामले में पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को हाईकोर्ट ने राहत दी है। उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर उच्च न्यायालय ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।
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पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री एवं मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता चिन्मयानंद पर उनकी शिष्या ने 2011 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। पीड़िता के आपत्ति जताने पर अदालत ने प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। साथ ही जमानती वारंट भी जारी कर दिया था।
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एमपीएमएल कोर्ट/एसीजेएम तृतीय ने अदालत में हाजिर न होने पर चिन्मयानंद के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था। स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि इस कार्रवाई के खिलाफ स्वामी चिन्मयानंद ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील की थी। इस मामले में उच्च न्यायालय में निर्णय सुरक्षित है।
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अधिवक्ता ने बताया कि उनके प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शाहजहांपुर एसीजेएम (तृतीय) एमपी-एमएलए कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि निर्णय आने तक गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया को शिथिल रखा जाए।