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Shahjahanpur News: कान्हा की माखन चोरी की लीला पर दर्शक मोहित
Mon, 09 Dec 2024 01:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 09 Dec 2024 01:54 AM IST
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स्वामी धर्मानंद इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रही रासलीला में मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक
शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम स्थित स्वामी धर्मानंद इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रही गीतोपदेश (कृष्ण लीला) में रविवार को कान्हा के माखन चोरी करने व अभिमन्यु वध की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
रविवार को रासाचार्य श्रीमद् स्वामी देवकीनंदन महाराज व उनकी टीम के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। भगवान श्री कृष्ण के माखन चोरी करने की लीला का मंचन देख श्रद्धालु भाव से भर उठे तो अभिमन्यु वध की लीला को देखकर रोमांचित हुए। इसमें दिखाया गया कि महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में 18 दिनों तक चला, जहां कौरव धोखा देने और छल कपट में अव्वल थे।
वहीं, पांडव धर्म की ओर से लड़ रहे थे। कौरवों ने पांडवों को हराने के लिए छल की रणनीति बनाई। गुरु द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर को बंदी बनाने के लिए चक्रव्यूह की रचना की, जिसको तोड़ने की जानकारी पांडवों को थी। अपनी मां के गर्भ में अभिमन्यु ने भी पिता से चक्रव्यूह तोड़ना सीख लिया था। अभिमन्यु ने चक्रव्यूह में प्रवेश किया तो राजा जयद्रथ ने उसका द्वार बंद कर दिया। अभिमन्यु अकेले लड़ते रहे। अंत में अभिमन्यु का वध कर दिया गया। इसके बाद अर्जुन ने जयद्रथ का वध करने की प्रतिज्ञा ली।
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रासलीला को देखने वालों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूराम गुप्ता, ददरौल विधायक अरविंद सिंह, मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद, सचिव डाॅ. अवनीश मिश्रा, एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरके आजाद, रामनिवास गुप्ता, सुयश सिन्हा, चंद्रभान त्रिपाठी, अवनीश सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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रविवार को रासाचार्य श्रीमद् स्वामी देवकीनंदन महाराज व उनकी टीम के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। भगवान श्री कृष्ण के माखन चोरी करने की लीला का मंचन देख श्रद्धालु भाव से भर उठे तो अभिमन्यु वध की लीला को देखकर रोमांचित हुए। इसमें दिखाया गया कि महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में 18 दिनों तक चला, जहां कौरव धोखा देने और छल कपट में अव्वल थे।
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वहीं, पांडव धर्म की ओर से लड़ रहे थे। कौरवों ने पांडवों को हराने के लिए छल की रणनीति बनाई। गुरु द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर को बंदी बनाने के लिए चक्रव्यूह की रचना की, जिसको तोड़ने की जानकारी पांडवों को थी। अपनी मां के गर्भ में अभिमन्यु ने भी पिता से चक्रव्यूह तोड़ना सीख लिया था। अभिमन्यु ने चक्रव्यूह में प्रवेश किया तो राजा जयद्रथ ने उसका द्वार बंद कर दिया। अभिमन्यु अकेले लड़ते रहे। अंत में अभिमन्यु का वध कर दिया गया। इसके बाद अर्जुन ने जयद्रथ का वध करने की प्रतिज्ञा ली।
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रासलीला को देखने वालों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूराम गुप्ता, ददरौल विधायक अरविंद सिंह, मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद, सचिव डाॅ. अवनीश मिश्रा, एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरके आजाद, रामनिवास गुप्ता, सुयश सिन्हा, चंद्रभान त्रिपाठी, अवनीश सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।