Lok Sabha Election 2024: शाहजहांपुर में एक छत के नीचे सपा-कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव को लेकर किया मंथन
शाहजहांपुर में सपा और कांग्रेस के नेताओं ने गठबंधन प्रत्याशी राजेश कश्यप को विजयी बनाने पर मंथन किया। साथ ही चुनाव संचालन समिति बनाकर बूथ स्तर तक काम करने का खाका खींचा।
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शाहजहांपुर जिले में विधानसभा चुनाव 2017 के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए फिर से कांग्रेस और सपा के नेता अगल-बगल बैठे नजर आए। मौका था आईएनडीए गठबंधन की बैठक का। इसमें सपा और कांग्रेस के नेताओं ने गठबंधन प्रत्याशी राजेश कश्यप को विजयी बनाने पर मंथन किया। साथ ही चुनाव संचालन समिति बनाकर बूथ स्तर तक काम करने का खाका खींचा। टाउन हाल स्थित कांग्रेस कार्यालय पर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दोनों दलों की संयुक्त बैठक हुई। जिले की सियासत के इतिहास में पहली बार सपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय में कदम रखा। हालांकि, इससे पहले वर्ष 2017 के चुनाव में शहीद द्वार में हुई सभा में दोनों दलों के नेता शामिल हुए थे।
बैठक में तय हुआ कि चुनाव संचालन समिति का गठन करते हुए दोनों दलों के नेताओं को शामिल किया जाएगा। समिति ही कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी। कोई समस्या होने पर प्रत्याशी को कॉल करने के बजाय समिति के पदाधिकारियों या जिलाध्यक्षों से संपर्क कर समाधान निकाला जाएगा। इसके अतिरिक्त बूथ स्तर तक पहुंचकर काम होगा। इसमें दोनों दलों के नेता मजबूती दिखाएंगे, साथ ही प्रत्येक विधानसभा में घर-घर जाकर जनसंपर्क किया जाएगा। बैठक के दौरान प्रत्येक विधानसभा के लिए जिम्मेदारी को तय कर दिया गया।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों का लाभ सपा प्रत्याशी को मिलेगा। गठबंधन के प्रत्याशी की बड़े अंतर से जीत होगी। बैठक में प्रत्याशी राजेश कश्यप, पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता मुन्ना, ईश्वर दयाल पासवान, तनवीर सफदर, अनूप वर्मा, विजय सिंह, पवन सिंह, रामजी अवस्थी, गौरव त्रिपाठी, अर्चना वाल्मीकि, मोहिनी सागर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कृष्णाराज के अगले कदम पर नजर
भाजपा से अरुण सागर का टिकट फाइनल होने के बाद सांसद और कृषि राज्यमंत्री रहीं कृष्णाराज को करारा झटका लगा है। कृष्णाराज पूर्व से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयारी कर रहीं थीं। टिकट नहीं मिलने के बाद भी वह अब तक जिले में नहीं लौटी हैं। उनके कदम पर भाजपा और सपा दोनों की नजर है।
घटक दल नहीं मिल रहे, शुरू हुई तलाश
आईएनडीए के गठबंधन में सपा और कांग्रेस समेत कई छोटे दलों से समझौता हुआ है। गठबंधन के प्रत्याशी की मदद के लिए छोटे दलों के जिलाध्यक्षों की तलाश को शुरू किया गया। सपा और कांग्रेस के नेताओं ने उनके नंबरों को तलाश कर संपर्क साधना शुरू किया है। माना जा रहा है कि जल्द ही उनके साथ बैठक कर समर्थन मांगा जाएगा।