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सपा प्रत्याशी से पूर्व मुख्यमंत्री खुद पूछेंगे हार का कारण
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बिजलीपुरा स्थित सपा कार्यालय
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव में करारी हार का कारण तलाश करने के लिए सपा की जिला स्तर पर समीक्षा बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के हार के कारणों की समीक्षा करेंगे। इसके लिए लखनऊ में चुनाव में मात खाए प्रत्याशियों को बुलाया जाएगा।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में माहौल पक्ष में होने के दावे के बावजूद सपा का जिले से सूपड़ा साफ हो गया। 2017 के चुनाव में सपा के खाते में आई एकमात्र जलालाबाद सीट भी भाजपा के खेमे में चली गई। सपा की हार के बाद बगावती सुर बुलंद होना शुरू हो गए थे।
हालांकि, डैमेज कंट्रोल को करने का प्रयास किया जा रहा। माना जा रहा था कि चुनाव में हार की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। तीन महीने बीतने के बाद भी चुनाव में हार पर चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि, अब स्पष्ट हो गया कि जिले पर चुनाव की समीक्षा बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा।
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विरोध करने वालों की सूची हाईकमान भेजी, घट सकता है कद
जिले की सभी विधानसभाओं में प्रत्याशियों ने हार के बाद अपने स्तर से चुनाव में रह गईं कमियों को तलाश लिया है। इसी के साथ ही चुनाव के दौरान विरोध करने वालों की सूची भी तैयार की थी। पार्टी में रहकर प्रत्याशियों का विरोध, विपक्षी प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने वाले और मदद नहीं करने वालों के नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं। चुनाव का परिणाम आए तीन महीने बीतने के बाद भी राष्ट्रीय नेतृत्व ने कोई कार्रवाई नहीं की है। माना जा रहा है कि जल्द ही गठित होने वाली जिला व अन्य कमेटियों में ऐसे लोगों को नजरअंदाज किया जाएगा, साथ ही कद भी घटाया जा सकता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद ही चुनाव की समीक्षा बैठक करेंगे। वह हर विधानसभा से प्रत्याशी को लखनऊ बुलाकर हार का कारण भी जानेंगे। जल्द ही बैठक के लिए प्रत्याशियों के पास पत्र आएगा। -तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, सपा
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में माहौल पक्ष में होने के दावे के बावजूद सपा का जिले से सूपड़ा साफ हो गया। 2017 के चुनाव में सपा के खाते में आई एकमात्र जलालाबाद सीट भी भाजपा के खेमे में चली गई। सपा की हार के बाद बगावती सुर बुलंद होना शुरू हो गए थे।
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हालांकि, डैमेज कंट्रोल को करने का प्रयास किया जा रहा। माना जा रहा था कि चुनाव में हार की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। तीन महीने बीतने के बाद भी चुनाव में हार पर चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि, अब स्पष्ट हो गया कि जिले पर चुनाव की समीक्षा बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा।
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विरोध करने वालों की सूची हाईकमान भेजी, घट सकता है कद
जिले की सभी विधानसभाओं में प्रत्याशियों ने हार के बाद अपने स्तर से चुनाव में रह गईं कमियों को तलाश लिया है। इसी के साथ ही चुनाव के दौरान विरोध करने वालों की सूची भी तैयार की थी। पार्टी में रहकर प्रत्याशियों का विरोध, विपक्षी प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने वाले और मदद नहीं करने वालों के नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं। चुनाव का परिणाम आए तीन महीने बीतने के बाद भी राष्ट्रीय नेतृत्व ने कोई कार्रवाई नहीं की है। माना जा रहा है कि जल्द ही गठित होने वाली जिला व अन्य कमेटियों में ऐसे लोगों को नजरअंदाज किया जाएगा, साथ ही कद भी घटाया जा सकता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद ही चुनाव की समीक्षा बैठक करेंगे। वह हर विधानसभा से प्रत्याशी को लखनऊ बुलाकर हार का कारण भी जानेंगे। जल्द ही बैठक के लिए प्रत्याशियों के पास पत्र आएगा। -तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, सपा