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कहीं बच्चे कम तो कहीं टीचर नदारद
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:42 AM IST
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- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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नवीन शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थित बेहद कम है। शिक्षक भी अभी छुट्टी की खुमारी से नहीं उबर सके हैं। गांव गंगसरा के स्कूल की एक शिक्षिका तो साढ़े दस बजे ही स्कूल से चली गईं। साथी शिक्षकों ने बताया कि शिक्षिका गांव की ही हैं, वह भोजन करने घर गई हैं। सोमवार को तहसील के कई स्कूलों में शिक्षणकार्य की स्थिति का जायजा लिया तो स्थिति बेहद खराब मिली।
समय 10.25 बजे
पुवायां के गांव गंगसरा में 169 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल में मात्र 18 बच्चे ही मिले। यहां छह शिक्षक हैं। मौके पर चार शिक्षक मिले। प्रधानाध्यानक रामेंद्र बाजपेयी ने बताया कि शिक्षिका अल्पना गांव की ही हैं। वह खाना खाने घर गई हैं। रीना मलिक अवकाश पर हैं। कक्षा चार में सिर्फ एक बच्चे को किताब मिली है। अन्य किसी भी कक्षा में किताबों का वितरण नहीं हुआ है।
समय : 11:20 बजे
पुवायां के गांव कहमारा के प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत 103 बच्चों में से स्कूल में मात्र 48 बच्चे ही मिले। पढ़ाई न कर बच्चे बाहर खेल रहे थे। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अनीता गौतम और शिक्षिका शालू देवी कमरे में बैठीं रजिस्टर में कुछ दर्ज कर रही थीं। स्कूल के सामने गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भरा था। इससे कोई भी अनहोनी हो सकती है। स्कूल की बाउंड्रीवाल भी नहीं है। अनीता गौतम ने बताया कि जहां गड्ढे हैं, वह जगह स्कूल की नहीं है।
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समय 10:50 बजे
खुटार के गांव नरौठा देवीदास के प्राथमिक स्कूल में 128 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल में मात्र 65 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे स्कूल में जमीन पर बैठे भोजन कर रहे थे। शिक्षक ने बताया कि सोमवार को रोटी, सब्जी बननी थी, लेकिन आटा नहीं होने के कारण चावल बनवाने पड़े। बताया अभी बच्चे कम आ रहे हैं। चार शिक्षक तैनात है, सभी मौजूद मिले।
समय 11:05 बजे
गांव कढ़ैया के प्राथमिक स्कूल में 71 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल मात्र 37 ही आए थे। भोजन नहीं बना था। प्रधानाध्यापिका संध्या सिंह ने बताया कि भोजन लेट हो गया है, लेकिन बनवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्कूल नहीं आने पर घर से बुलवाया जाएगा। शिक्षक राजेश यादव, शालिनी मिश्रा मौजूद मिलीं।
समय : 11 बजे
बंडा के गांव अजमतपुर के प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 68 बच्चों में से मात्र 20 ही मिले। सहायक अध्यापक अर्चना ने बताया दूसरी सहायक शिक्षक प्रीति चौहान अवकाश पर हैं। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक स्कूल में प्रधानाध्याक वत्सवश और सहायक अध्यापक शिखा यादव स्कूल में मौजूद मिलीं। पंजीकृत 60 बच्चों में मात्र 18 ही स्कूल आए थे। स्कूल में बच्चों को किताबें और यूनिफार्म नहीं मिली हैं।
समय 11: 30
बंडा के गांव कढ़ेर चौरा के प्राथमिक स्कूल में प्रधानाचार्य मोहिनी शर्मा मौजूद थीं। बताया कि सहायक शिक्षक योगेंद्र कुमार बच्चों के लिए किताबें लेने गए हैं। पंजीकृत 100 बच्चों में मात्र 36 ही स्कूल आए थे। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक स्कूल में प्रधानाचार्य अरविंद कुमार मौजूद नहीं थे। कुछ देर बाद वह स्कूल आए और बताया कि बच्चों के लिए किताबें लेने गए थे, इस कारण देरी हो गई। यहां 52 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 11 ही स्कूल आए थे।
बच्चों को घर से बुलाकर स्कूल लाने की व्यवस्था की जा रही है। मिड-डे मील सही बने, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।
- सुरेशचंद्र, बीईओ, खुटार
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समय 10.25 बजे
पुवायां के गांव गंगसरा में 169 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल में मात्र 18 बच्चे ही मिले। यहां छह शिक्षक हैं। मौके पर चार शिक्षक मिले। प्रधानाध्यानक रामेंद्र बाजपेयी ने बताया कि शिक्षिका अल्पना गांव की ही हैं। वह खाना खाने घर गई हैं। रीना मलिक अवकाश पर हैं। कक्षा चार में सिर्फ एक बच्चे को किताब मिली है। अन्य किसी भी कक्षा में किताबों का वितरण नहीं हुआ है।
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समय : 11:20 बजे
पुवायां के गांव कहमारा के प्राइमरी स्कूल में पंजीकृत 103 बच्चों में से स्कूल में मात्र 48 बच्चे ही मिले। पढ़ाई न कर बच्चे बाहर खेल रहे थे। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अनीता गौतम और शिक्षिका शालू देवी कमरे में बैठीं रजिस्टर में कुछ दर्ज कर रही थीं। स्कूल के सामने गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भरा था। इससे कोई भी अनहोनी हो सकती है। स्कूल की बाउंड्रीवाल भी नहीं है। अनीता गौतम ने बताया कि जहां गड्ढे हैं, वह जगह स्कूल की नहीं है।
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समय 10:50 बजे
खुटार के गांव नरौठा देवीदास के प्राथमिक स्कूल में 128 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल में मात्र 65 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे स्कूल में जमीन पर बैठे भोजन कर रहे थे। शिक्षक ने बताया कि सोमवार को रोटी, सब्जी बननी थी, लेकिन आटा नहीं होने के कारण चावल बनवाने पड़े। बताया अभी बच्चे कम आ रहे हैं। चार शिक्षक तैनात है, सभी मौजूद मिले।
समय 11:05 बजे
गांव कढ़ैया के प्राथमिक स्कूल में 71 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल मात्र 37 ही आए थे। भोजन नहीं बना था। प्रधानाध्यापिका संध्या सिंह ने बताया कि भोजन लेट हो गया है, लेकिन बनवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्कूल नहीं आने पर घर से बुलवाया जाएगा। शिक्षक राजेश यादव, शालिनी मिश्रा मौजूद मिलीं।
समय : 11 बजे
बंडा के गांव अजमतपुर के प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 68 बच्चों में से मात्र 20 ही मिले। सहायक अध्यापक अर्चना ने बताया दूसरी सहायक शिक्षक प्रीति चौहान अवकाश पर हैं। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक स्कूल में प्रधानाध्याक वत्सवश और सहायक अध्यापक शिखा यादव स्कूल में मौजूद मिलीं। पंजीकृत 60 बच्चों में मात्र 18 ही स्कूल आए थे। स्कूल में बच्चों को किताबें और यूनिफार्म नहीं मिली हैं।
समय 11: 30
बंडा के गांव कढ़ेर चौरा के प्राथमिक स्कूल में प्रधानाचार्य मोहिनी शर्मा मौजूद थीं। बताया कि सहायक शिक्षक योगेंद्र कुमार बच्चों के लिए किताबें लेने गए हैं। पंजीकृत 100 बच्चों में मात्र 36 ही स्कूल आए थे। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक स्कूल में प्रधानाचार्य अरविंद कुमार मौजूद नहीं थे। कुछ देर बाद वह स्कूल आए और बताया कि बच्चों के लिए किताबें लेने गए थे, इस कारण देरी हो गई। यहां 52 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 11 ही स्कूल आए थे।
बच्चों को घर से बुलाकर स्कूल लाने की व्यवस्था की जा रही है। मिड-डे मील सही बने, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।
- सुरेशचंद्र, बीईओ, खुटार