{"_id":"570d36db4f1c1bdd0c4a6ad9","slug":"sold-5-7-million-units-of-electricity-only-17-million-recovery","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बेची 5.7 करोड़ यूनिट, वसूली केवल 17 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बेची 5.7 करोड़ यूनिट, वसूली केवल 17 करोड़
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:39 PM IST
विज्ञापन
बिजली बेची 5.7 करोड़ यूनिट, वसूली केवल 17 करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्युत निगम ने जिले में 5.7 करोड़ यूनिट बिजली बेची लेकिन वसूली केवल 17 करोड़ रुपये हुई। यानी पावर कारपोरेशन महज तीन रुपये के थ्रू रेट पर बिजली सप्लाई कर रहा है जबकि बिजली की एवरेज बेसिक टैरिफ तकरीबन छह रुपये है। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिले की बिजली बिल वसूली की समीक्षा कर रहे डीएम विजय किरन आनंद के सामने जब यह सच आया तो उनके मुंह से यही निकला, ये तो बेहद शर्मनाक है। डीएम ने बिजली के बड़े बकाएदारों की सूची तलब कर उनके खिलाफ आरसी जारी करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा में कनेक्शनों की संख्या भी कम पाई गई। डीएम ने कारपोरेशन के अधिकारियों से फीडरवार लाइन लॉस का ब्यौरा तलब करते हुए सभी जेई और एसडीओ को कटिया कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई और बिल वसूली को तेज करने के लिए निर्देश दिए। कहा, अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी के दबाव में आए काम करें। कटिया कनेक्शन वालों को वैध कनेक्शन दें। कम से कम दो केवी का कनेक्शन जारी करें। जो गुंडई करें, उनकी सूची दें। उन्हें जेल भिजवाया जाएगा। डीएम ने सभी थानाध्यक्षों को ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने और उन्हें जेल भिजवाने के लिए अपनी ओर से पत्र जारी करवाया। वहीं सभी एसडीओ को हर माह 50-50 एफआईआर दर्ज कराने और 200-200 कनेक्शन काटने के लिए कहा। वहीं अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिल भुगतान काउंटर सुबह नौ बजे से खोलें। बैठक में अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल, एक्सईएन अशोक सुंदरम आदि अधिकारी मौजूद रहे।
गरीबों को ही दें ग्राम सभा की जमीन
राजस्व विभाग को शासन की प्रशासन की रीढ़ बताते हुए जिलाधिकारी ने लेखपालों को निडरता और पारदर्शी तरीके से काम करने की नसीहत दी। लेखपालों को ईमानदारी से काम करने के लिए कहा वहीं आश्वासन भी दिया कि अवैध कब्जे हटाने के दौरान लेखपालों और राजस्व टीम से भिड़ने वालों को जेल भिजवाया जाएगा। लेकिन लेखपाल किसी भी कार्रवाई से पहले बवाल की आशंका को भांप ले और अधिकारियों को सूचित करें। डीएम विजय किरन आनंद मंगलवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह में राजस्व अधिकारियों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद लेखपालों, कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो, नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों को से कहा कि राजस्व विभाग एक परिवार के रूप में सही तरीके से काम करें तो जन सामान्य की तमाम समस्याएं आसानी से हल हो जाएंगी। कहा, लेखपाल रोटेशन के तहत तय दिन में तय ग्राम में हर हाल में मौजूद रहकर जनता के काम कराएं। अच्छे लेखपालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। समझाया, नई राजस्व संहिता में ग्राम सभा के भूमि प्रबंधन में कोई अंतर नहीं आया है। किसी ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराएं तो उस जमीन को ग्रामसभा के फंड से ऊंचा करवा लें। ग्राम सभा की जमीन गरीबों को ही उनका चूल्हा देखकर आवंटित करें। कार्यशाला में ग्राम पंचायतों में जमीनों की सुरक्षा, उन पर हुए अवैध कब्जे हटाने के लिए एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय और तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने प्रशिक्षण दिया। डीजीसी राजस्व ने राजस्व संहिता के बारे में जानकारी दी। एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया समझाई। डीएसओ विजय प्रभा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और अपर संख्याधिकारी ने विभागों से संबंधित जानकारी दी।
विज्ञापन
गरीबों को ही दें ग्राम सभा की जमीन
राजस्व विभाग को शासन की प्रशासन की रीढ़ बताते हुए जिलाधिकारी ने लेखपालों को निडरता और पारदर्शी तरीके से काम करने की नसीहत दी। लेखपालों को ईमानदारी से काम करने के लिए कहा वहीं आश्वासन भी दिया कि अवैध कब्जे हटाने के दौरान लेखपालों और राजस्व टीम से भिड़ने वालों को जेल भिजवाया जाएगा। लेकिन लेखपाल किसी भी कार्रवाई से पहले बवाल की आशंका को भांप ले और अधिकारियों को सूचित करें। डीएम विजय किरन आनंद मंगलवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह में राजस्व अधिकारियों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद लेखपालों, कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो, नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों को से कहा कि राजस्व विभाग एक परिवार के रूप में सही तरीके से काम करें तो जन सामान्य की तमाम समस्याएं आसानी से हल हो जाएंगी। कहा, लेखपाल रोटेशन के तहत तय दिन में तय ग्राम में हर हाल में मौजूद रहकर जनता के काम कराएं। अच्छे लेखपालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। समझाया, नई राजस्व संहिता में ग्राम सभा के भूमि प्रबंधन में कोई अंतर नहीं आया है। किसी ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराएं तो उस जमीन को ग्रामसभा के फंड से ऊंचा करवा लें। ग्राम सभा की जमीन गरीबों को ही उनका चूल्हा देखकर आवंटित करें। कार्यशाला में ग्राम पंचायतों में जमीनों की सुरक्षा, उन पर हुए अवैध कब्जे हटाने के लिए एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय और तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने प्रशिक्षण दिया। डीजीसी राजस्व ने राजस्व संहिता के बारे में जानकारी दी। एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया समझाई। डीएसओ विजय प्रभा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और अपर संख्याधिकारी ने विभागों से संबंधित जानकारी दी।
विज्ञापन