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Shahjahanpur News: ओसीएफ में सीता हरण और खिरनीबाग में श्रीराम से मिले हनुमान

Sun, 28 Sep 2025 10:17 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 10:17 PM IST
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Sita Haran in OCF and Hanuman meeting Shri Ram in Khirnibagh
रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी
शाहजहांपुर। ओसीएफ में रविवार को सीता हरण तो खिरनीबाग में श्रीराम और हनुमान जी के मिलन की लीला का मंचन किया गया।
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ओसीएफ रामलीला में मंचन के दौरान दिखाया गया कि ‎रावण की बहन शूर्पणखा अपने नाक-कान कटने और खर-दूषण, त्रिसरा वध के बाद रावण के पास जाकर पूरी बात बताती है। रावण ने मारीच की सहायता से स्वर्ण मृग का छल रचा। जब श्रीराम उसे पकड़ने गए और लक्ष्मण भी सीता की रक्षा के लिए कुटी के बाहर छोड़ गए। तभी रावण ब्राह्मण वेश में आया और सीताजी का हरण कर लंका ले गया। मंचन में निर्देशक अंकित सक्सेना, सह निर्देशक सुहेल मोहम्मद आदि का सहयोग रहा।
खिरनीबाग रामलीला में नवचेतना परिषद के कलाकारों ने शबरी भक्ति, राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध एवं सीता की खोज की सुंदरलीला का मंचन किया। मंचन में दिखाया कि श्रीराम ने शबरी को नवधा भक्ति प्रदान की एवं ऋष्यमूक पर्वत की ओर प्रस्थान किया। यहां हनुमानजी से प्रथम मिलन एवं हनुमानजी द्वारा सुग्रीव एवं श्रीराम की मित्रता हुई। इस बीच बाली वध का मंचन काफी सराहा गया। मंचन में राम-सचिन, लक्ष्मण-अर्चित, हनुमान-अनिल, जामवंत-वेद प्रकाश,अंगद-अग्रीम आदि ने रोल किया।
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खुदागंज : भगवान राम पहुंचे पंचवटी

खुदागंज। आदर्श रामलीला कमेटी के अंतर्गत रामलीला का मंचन किया गया। मंचन में दिखाया गया कि भरत जब खड़ाऊ लेकर वापस अयोध्या लौट गए तो भगवान ने लक्ष्मण जी से कहा कि अब यहां रहना ठीक नहीं है। उसके पश्चात भगवान राम, सीताजी, लक्ष्मणजी पंचवटी में आकर कुटिया बनाकर रहने लगे। लीला मंचन के दौरान पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह, मेला अध्यक्ष संजय गुप्ता, बलिस्टर सिंह, राम लड़ैते सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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परीक्षित को मृत्यु भय दूर करने का प्रसंग सुनाया
कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास ने परीक्षित को मृत्यु भय दूर करने का प्रसंग सुनाया। कथाव्यास आशीष वाजपेई ने कहा कि एक राजा शिकार खेलते हुए जंगल में भटक गया। एक कुटिया के मालिक से एक रात ठहरने की अनुमति के बाद सुबह होने पर उस गंधयुक्त कुटिया को छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। तब शुकदेवजी ने राजा परीक्षित से पूछा कि क्या उस राजा ने सही किया? परीक्षित ने कहा कि कैसा मूर्ख राजा है जो अपनी प्रतिज्ञा अनुसार नियत समय से अधिक रहना चाहता है। तब शुकदेवजी ने राजा परीक्षित से कहा आप भी मृत्यु शोक कर रहे हैं और तक्षक सर्पदंश के बाद भी शरीर त्यागकर मुक्त होना नहीं चाहते। तब परीक्षित का ज्ञान जागृत हुआ और मोक्ष प्राप्ति के लिए जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होने के लिए तैयार हो गए। कथा विश्राम पर परीक्षित बबलू सिंह ने भगवान की आरती उतारी। कथा में श्रीकांत शुक्ला, सुधाकर पांडेय, पातीराम, जुगुल किशोर अवस्थी आदि मौजूद रहे। संवाद
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कुर्रियाकलां : भरत मिलाप की लीला का मंचन
कुर्रिया कलां। चौहनापुर गांव की रामलीला में रविवार को चित्रकूट में भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। लीला में दर्शाया गया कि भरत चित्रकूट पहुंचकर श्रीराम से अयोध्या वापस चलने की जिद करने लगे। मंचन के माध्यम से भाइयों के बीच प्रेम की पराकाष्ठा को दर्शाया गया। मंचन के प्रभारी अनूप अवस्थी, मुख्य पात्र सूरज सिंह, शुभांकित त्रिपाठी, उत्कर्ष पांडेय, गौतम प्रसाद, अजय अग्निहोत्री, नन्हेलाल अवस्थी का सहयोग रहा। संवाद
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भक्तों ने मां दुर्गा की स्तुति कर की मंगल कामना

शाहजहांपुर। नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की आराधना की गई। भक्तों ने मातारानी के चरणों में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रविवार को मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। मातारानी के भक्तों ने सुबह जल्दी उठकर स्नान किया, फिर मां दुर्गा की उपासना की। उस्मानबाग चौकी स्थित श्री रुद्र बालाजी धाम, बाबा विश्वनाथ मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, चौक स्थित मां दुर्गा देवी मंदिर, फूलमती मंदिर, संतोषी माता का मंदिर, पुवायां रोड स्थित देवी मंदिर में सुबह-शाम श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। मंदिरों में हुए भजन-कीर्तन पर श्रद्धालु झूम उठे।

भजन गायकों ने मैय्या का चोला है रंगला, मां की हर बात निराली है, चुनर तेरी ओढ़ के चलू मैं माता रानी, ओढ़ ली चुनरिया मैया के नाम की आदि भजन सुनाकर भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया।

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

रुद्र बालाजी धाम पर मातारानी की पूजा करते भक्त। स्रोत: मंदिर कमेटी

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