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साहब : मैं अभी जिंदा हूं...मृत दर्शाई गई महिला तहसील में धरने पर बैठी
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पुवायां। मृत दर्शाकर एक बुजुर्ग महिला की जमीन बेच दी गई। अब जमीन खरीदने वाले पुलिस को ले जाकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। खुटार पुलिस की आरोपियों से साठगांठ है, जिस कारण पुलिस महिला की पुत्री-दामाद आदि को पीटती है। महिला शुक्रवार को दूसरे दिन भी तहसील में धरने पर बैठी और आने-जाने वालों को कहती रही कि, साहब अभी मैं जिंदा हूं।
खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया निवासी मेहर सिंह की पुत्री मंजीत कौर ने बताया कि उनकी जमीन खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया में है। उनको मृत दर्शाकर फर्जी पावर ऑफ अटार्नी बनाकर उनकी जमीन को कुछ लोगों ने बेच दिया था। जानकारी होने पर उन्होंने पुवायां थाने में जमीन बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें विवेचना चल रही है।
खुटार पुलिस और जमीन खरीदने वालों के बीच साठगांठ के कारण पुलिस आए दिन उनके यहां जाकर दामाद और पुत्री को पीटती है और जमीन, मकान खाली करने को धमकाती है। 22 जून को खुटार पुलिस की मदद से कई गाड़ियों से आए लोगों ने उनके घर को घेर लिया और बंधक बनाकर पिटाई की। तहसीलदार कोर्ट से स्टे के बाद भी उनकी धान की फसल जोत दी गई, इससे उनका भारी नुकसान हुआ है। खुटार पुलिस के आरोपियों को संरक्षण देने के कारण उन लोगों को मजबूरन तहसील में धरना प्रदर्शन करना पड़ा है। वह बेहद कमजोर और बुजुर्ग हैं, ऐसे में कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन और खुटार पुलिस की होगी।
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शुक्रवार को मैं मौके पर गया था। महिला को मौके पर बुलाया गया, लेकिन कोई मौके पर नहीं गया। कई लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। महिला के आरोप निराधार हैं। वह लोगों के बहकावे में आकर आरोप लगा रही है। - डॉ. धर्मेंद्र पांडे, तहसीलदार पुवायां
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खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया निवासी मेहर सिंह की पुत्री मंजीत कौर ने बताया कि उनकी जमीन खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया में है। उनको मृत दर्शाकर फर्जी पावर ऑफ अटार्नी बनाकर उनकी जमीन को कुछ लोगों ने बेच दिया था। जानकारी होने पर उन्होंने पुवायां थाने में जमीन बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें विवेचना चल रही है।
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खुटार पुलिस और जमीन खरीदने वालों के बीच साठगांठ के कारण पुलिस आए दिन उनके यहां जाकर दामाद और पुत्री को पीटती है और जमीन, मकान खाली करने को धमकाती है। 22 जून को खुटार पुलिस की मदद से कई गाड़ियों से आए लोगों ने उनके घर को घेर लिया और बंधक बनाकर पिटाई की। तहसीलदार कोर्ट से स्टे के बाद भी उनकी धान की फसल जोत दी गई, इससे उनका भारी नुकसान हुआ है। खुटार पुलिस के आरोपियों को संरक्षण देने के कारण उन लोगों को मजबूरन तहसील में धरना प्रदर्शन करना पड़ा है। वह बेहद कमजोर और बुजुर्ग हैं, ऐसे में कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन और खुटार पुलिस की होगी।
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शुक्रवार को मैं मौके पर गया था। महिला को मौके पर बुलाया गया, लेकिन कोई मौके पर नहीं गया। कई लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। महिला के आरोप निराधार हैं। वह लोगों के बहकावे में आकर आरोप लगा रही है। - डॉ. धर्मेंद्र पांडे, तहसीलदार पुवायां