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बोधी वृक्ष के नीचे परम ज्ञान की प्राप्ति कर सिद्धार्थ हो गए तथागत बुद्ध : डॉ. स्वरूपानंद
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पुवायां रोड स्थित बुद्ध विहार में आयोजित धम्म देशना में बोलते भंते डॉ. स्वरूपानंद महास्थविर। स
शाहजहांपुर। लार्ड बुद्धा एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी की ओर से पुवायां रोड स्थित बुद्ध विहार में धम्म देशना का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को बुद्ध वंदना के बाद भंते डॉ. स्वरूपानंद महास्थविर ने सिद्धार्थ से तथागत बुद्ध तक के सफर का वर्णन किया।
डॉ. स्वरूपानंद ने कहा कि सिद्धार्थ का जन्म एक राजपरिवार में हुआ। बचपन से ही उनको सभी सुखों के साथ और दुखों से वंचित रखा गया। एक दिन उन्होंने जीवन का सत्य देखा, जिसके बाद उन्होंने संन्यास लिया। बाद में उन्हें बोधी वृक्ष के नीचे परम ज्ञान की प्राप्ति हुई और वह सिद्धार्थ से तथागत बुद्ध हो गए।
भंते करुणानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध समझदारी से जीवन जीने, सेहत का ध्यान रखने, क्रोध न करने, आध्यात्मिक जीवन जीने और किसी भी तरह की हिंसा न करने तथा जीवन में त्याग को अपनाने की सीख देते हैं।
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इस मौके पर सोसायटी के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश पाल सिंह, पूर्व कमिश्नर कमल किशोर कठेरिया, भगवंत राम, जगदीश प्रसाद, जगदीश चंद्रा, डॉ. वाईपी गौतम, ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान, अनूप कुमार, राजेश्वर सिंह, बृजेश कुमार, शैलेंद्र गौतम, रामसेवक गौतम, विनोद छाबला, योगेश कुमार, शीलांकर बौद्ध, रामजीत दिवाकर, एसएल गौतम आदि मौजूद रहे।
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डॉ. स्वरूपानंद ने कहा कि सिद्धार्थ का जन्म एक राजपरिवार में हुआ। बचपन से ही उनको सभी सुखों के साथ और दुखों से वंचित रखा गया। एक दिन उन्होंने जीवन का सत्य देखा, जिसके बाद उन्होंने संन्यास लिया। बाद में उन्हें बोधी वृक्ष के नीचे परम ज्ञान की प्राप्ति हुई और वह सिद्धार्थ से तथागत बुद्ध हो गए।
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भंते करुणानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध समझदारी से जीवन जीने, सेहत का ध्यान रखने, क्रोध न करने, आध्यात्मिक जीवन जीने और किसी भी तरह की हिंसा न करने तथा जीवन में त्याग को अपनाने की सीख देते हैं।
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इस मौके पर सोसायटी के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश पाल सिंह, पूर्व कमिश्नर कमल किशोर कठेरिया, भगवंत राम, जगदीश प्रसाद, जगदीश चंद्रा, डॉ. वाईपी गौतम, ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान, अनूप कुमार, राजेश्वर सिंह, बृजेश कुमार, शैलेंद्र गौतम, रामसेवक गौतम, विनोद छाबला, योगेश कुमार, शीलांकर बौद्ध, रामजीत दिवाकर, एसएल गौतम आदि मौजूद रहे।