{"_id":"64bd2055726819c5c9024e63","slug":"shiv-devotee-went-on-dandavat-kanwar-yatra-in-shahjahanpur-2023-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sawan 203: शाहजहांपुर में दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकला शिवभक्त, गोला गोकर्णनाथ में करेगा महादेव का जलाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sawan 203: शाहजहांपुर में दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकला शिवभक्त, गोला गोकर्णनाथ में करेगा महादेव का जलाभिषेक
Sun, 23 Jul 2023 06:13 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 23 Jul 2023 06:13 PM IST
सार
निगोही के गांव हटा दलेलपुर निवासी सुदीप कुमार मिश्रा अपने परिजन के साथ दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकला। वह रविवार को छह दिन में 44 किमी की यात्रा पूरी कर चुका है। वह सोमवार को गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर शिव जी का जलाभिषेक करेगा।
विज्ञापन
दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकला युवक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भगवान शिव की आराधना के पवित्र माह सावन में आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई डाक कांवड़ लेकर जा रहा है तो कोई दण्डवत होकर। शाहजहांपुर में एक शिवभक्त सड़क पर लेट-लेट कर छोटी काशी कहे जाने वाले गोला गोकर्णनाथ के लिए निकला है।
विज्ञापन
शाहजहांपुर में डीजे की धुन पर भोलेनाथ के भजनों पर नाचते, गाते हजारों शिव भक्त कांवड़ कांधे पर रखकर भोलेनाथ की नगरी की यात्रा पर निकले हैं। विकास खंड निगोही क्षेत्र के ग्राम हटा दलेलपुर निवासी सुदीप कुमार मिश्रा अपने परिजन के साथ सड़क पर लेट-लेटकर कावंड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। ये सच्ची श्रद्धा तथा भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास ही है कि वह इतनी भीषण गर्मी तथा तेज धूप के बावजूद अपनी यात्रा पूरी करने में लगे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- आलिया-रणवीर सिंह पहुंचे बरेली: झुमका चौराहे पर दिखा खास अंदाज, एक झलक के लिए फैंस हुए बेताब
विज्ञापन
सुदीप कुमार मिश्रा के पिता अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि वह लोग रविवार की शाम ढाईघाट पहुंचे। सोमवार को ढाईघाट से कांवड़ में जल भरकर सुदीप ने अपनी यात्रा प्रारंभ की। जो रविवार को छह दिन में लगभग 44 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे सुदीप कुमार मिश्रा में सड़क पर लेट-लेटकर भोलेनाथ की नगरी छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ तक यात्रा करने की भावना जाग्रत हुई थी। जिसके चलते वह लोग रविवार को अपने कुछ परिजनों के साथ घर से निकले थे।