{"_id":"69b32074e2b062d2a2085297","slug":"sharp-turns-and-illegal-cuts-accidents-are-happening-every-day-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-167764-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: तीखे मोड़ तो अवैध कट... आए दिन हो रहे हादसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: तीखे मोड़ तो अवैध कट... आए दिन हो रहे हादसे
विज्ञापन
अल्हागंज हाईवे पर पुलिया के पास नहीं लगे संकेतक। संवाद
शाहजहांपुर। राजमार्गों पर तीखे मोड़ व कहीं अवैध कट से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वाहनों की तेज रफ्तार और अंधे मोड़ों पर वाहनों की ओवरटेकिंग भी अक्सर जानलेवा बन रही है। लखनऊ-दिल्ली, बरेली-फर्रुखाबाद या फिर पलिया-लखनऊ हाईवे पर हादसों की वजह एक जैसी हैं। खास यह है कि हाईवे के तीखे मोड़ों और दुर्घटना बहुल क्षेत्रों के आसपास गति नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर व संकेतक तक नहीं लगे हैं।
अल्हागंज में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर लखीमपुर के तीन युवकों की मौत रोडवेज बस के ओवरटेक करने के दौरान हुई। इस मार्ग पर कई मोड़ इतने तीखे हैं कि विपरीत दिशाओं के वाहन बिल्कुल नजदीक पहुंचने पर ही चालक उन्हें देख पाते हैं।
ठिंगरी गांव के सामने हाईवे गांव की आबादी की बसावट की तुलना में काफी ऊंचा होने से वहां भी सामने से आने वाले वाहन नहीं दिखने से अक्सर टकरा जाते हैं। कटिउली गांव, गोरा और सुगसुगी गांव के पास घुमावदार मार्ग, ततियारी मोड़, गुरदास मोड़, फतेहपुर मोड़ और हुल्लापुर के मुख्य चौराहा की पहचान भी हादसास्थल के तौर पर होने लगी है। रघुनाथपुर गांव के मोड़ पर दोनों ओर घनी झाड़ियां उग आने से हादसों का जोखिम बढ़ गया है।
विज्ञापन
जलालाबाद में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर क्षेत्र में कोला मोड़, याकूबपुर तिराहा और बझेड़ा चौराहा पर कई जगह हाईवे के किनारे का फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो चुका है। वहां वाहनों का संतुलन बिगड़ने पर गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है। सुगसुगी से लेकर बझेड़ा चौराहे के बीच दो साल के अंतराल में तीन बड़े हादसों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर कहीं नजर नहीं आते।
--
लाल पंप से सरोवरनगर तक अवैध कट की भरमार
तिलहर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर लाल पंप से लेकर सरोवर नगर तक अवैध कट की फिर भरमार हो गई है। दो वर्ष पहले हाईवे की विपरीत लेन पर सुगम आवाजाही के लिए डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध कट बंद करा दिए गए थे, लेकिन बाद में लोगों ने बाइकें निकालने के लिए फिर से अवैध कट बना लिए। इसी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाईवे पर लाल पंप से पहले, सरयू पुलिया, बिजली दफ्तर के सामने, कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर के पास, कपसेड़ा में पेट्रोल पंप के पास, नगरिया चौकी और सरोवर नगर सहित कई स्थानों पर अवैध कट से हादसों का खतरा बना रहता है। संवाद
--
हाईवे के निर्माण स्थलों पर नहीं लगाए गए संकेतक
सेहरामऊ दक्षिणी। लखनऊ-पलिया हाईवे पर हरदोई सीमा से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के प्रशासनिक गेट तक हाईवे का फोरलेन निर्माण कार्य बंद होने और बादशाहनगर के पास ओवरब्रिज निर्माण के लिए उखाड़े गए मार्ग का मलबा और जगह-जगह भराव के लिए डाली गई राख और मिट्टी के ढेर लगे हैं। इन स्थानों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। वहां ऐसे सावधानी सूचक संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में हमेशा हादसे का अंदेशा रहता है। संवाद
--
बसों की तेज रफ्तार से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई बस चालक तीखे मोड़ पर भी रफ्तार कम किए बगैर ओवरटेक करके यात्रियों की जान खतरे में डाल देते हैं।
-सत्यम सिंह, ब्रह्मनान (अल्हागंज)
--
तीखे मोड़ों पर हाईवे की चौड़ाई मानकों के अनुरूप नहीं है। ऐसे स्थानों पर हाईवे के किनारे उगी झाड़ियां तत्काल साफ कराई जानी चाहिए, ताकि दृश्यता बाधित नहीं हो।
-धीरेंद्र सिंह, आजादनगर (अल्हागंज)
--
हाईवे पर तीखे मोड़ों पर चेतावनी संकेतकों का अभाव हादसों को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे स्थानों पर परावर्तक साइन बोर्ड, गति सीमा संकेतक और हाईवे पर सफेद पट्टी की मार्किंग की जाए।
-सुमित दीक्षित, आजादनगर (अल्हागंज)
--
हाईवे पर हादसों की रोकथाम के लिए सभी अवैध कट तत्काल बंंद कराए जाएं। इसके साथ ही डिवाइडर तोड़कर निकास के अवैध रास्ते बनाने वालों की निगरानी कर कार्रवाई की जाए।
-जय ओम गंगवार, समधाना (मीरानपुर कटरा)
-- -
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर जहां कहीं अवैध कट लगाए गए हैं, वहां दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली दफ्तर के सामने रंबल स्ट्रिप बना दी गई हैं।
-लोंकेंद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी, एनएचएआई नियंत्रण कक्ष
--
हाईवे पर नियमों को तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के थाना प्रभारियों को भी हादसा स्थलों पर पुलिस पिकेट लगाने और रफ्तार को नियंत्रित कराने के लिए निर्देशित करेंगे।
-राजेश द्विवेदी, एसपी
विज्ञापन
अल्हागंज में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर लखीमपुर के तीन युवकों की मौत रोडवेज बस के ओवरटेक करने के दौरान हुई। इस मार्ग पर कई मोड़ इतने तीखे हैं कि विपरीत दिशाओं के वाहन बिल्कुल नजदीक पहुंचने पर ही चालक उन्हें देख पाते हैं।
विज्ञापन
ठिंगरी गांव के सामने हाईवे गांव की आबादी की बसावट की तुलना में काफी ऊंचा होने से वहां भी सामने से आने वाले वाहन नहीं दिखने से अक्सर टकरा जाते हैं। कटिउली गांव, गोरा और सुगसुगी गांव के पास घुमावदार मार्ग, ततियारी मोड़, गुरदास मोड़, फतेहपुर मोड़ और हुल्लापुर के मुख्य चौराहा की पहचान भी हादसास्थल के तौर पर होने लगी है। रघुनाथपुर गांव के मोड़ पर दोनों ओर घनी झाड़ियां उग आने से हादसों का जोखिम बढ़ गया है।
विज्ञापन
जलालाबाद में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर क्षेत्र में कोला मोड़, याकूबपुर तिराहा और बझेड़ा चौराहा पर कई जगह हाईवे के किनारे का फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो चुका है। वहां वाहनों का संतुलन बिगड़ने पर गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है। सुगसुगी से लेकर बझेड़ा चौराहे के बीच दो साल के अंतराल में तीन बड़े हादसों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर कहीं नजर नहीं आते।
लाल पंप से सरोवरनगर तक अवैध कट की भरमार
तिलहर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर लाल पंप से लेकर सरोवर नगर तक अवैध कट की फिर भरमार हो गई है। दो वर्ष पहले हाईवे की विपरीत लेन पर सुगम आवाजाही के लिए डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध कट बंद करा दिए गए थे, लेकिन बाद में लोगों ने बाइकें निकालने के लिए फिर से अवैध कट बना लिए। इसी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाईवे पर लाल पंप से पहले, सरयू पुलिया, बिजली दफ्तर के सामने, कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर के पास, कपसेड़ा में पेट्रोल पंप के पास, नगरिया चौकी और सरोवर नगर सहित कई स्थानों पर अवैध कट से हादसों का खतरा बना रहता है। संवाद
हाईवे के निर्माण स्थलों पर नहीं लगाए गए संकेतक
सेहरामऊ दक्षिणी। लखनऊ-पलिया हाईवे पर हरदोई सीमा से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के प्रशासनिक गेट तक हाईवे का फोरलेन निर्माण कार्य बंद होने और बादशाहनगर के पास ओवरब्रिज निर्माण के लिए उखाड़े गए मार्ग का मलबा और जगह-जगह भराव के लिए डाली गई राख और मिट्टी के ढेर लगे हैं। इन स्थानों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। वहां ऐसे सावधानी सूचक संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में हमेशा हादसे का अंदेशा रहता है। संवाद
बसों की तेज रफ्तार से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई बस चालक तीखे मोड़ पर भी रफ्तार कम किए बगैर ओवरटेक करके यात्रियों की जान खतरे में डाल देते हैं।
-सत्यम सिंह, ब्रह्मनान (अल्हागंज)
तीखे मोड़ों पर हाईवे की चौड़ाई मानकों के अनुरूप नहीं है। ऐसे स्थानों पर हाईवे के किनारे उगी झाड़ियां तत्काल साफ कराई जानी चाहिए, ताकि दृश्यता बाधित नहीं हो।
-धीरेंद्र सिंह, आजादनगर (अल्हागंज)
हाईवे पर तीखे मोड़ों पर चेतावनी संकेतकों का अभाव हादसों को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे स्थानों पर परावर्तक साइन बोर्ड, गति सीमा संकेतक और हाईवे पर सफेद पट्टी की मार्किंग की जाए।
-सुमित दीक्षित, आजादनगर (अल्हागंज)
हाईवे पर हादसों की रोकथाम के लिए सभी अवैध कट तत्काल बंंद कराए जाएं। इसके साथ ही डिवाइडर तोड़कर निकास के अवैध रास्ते बनाने वालों की निगरानी कर कार्रवाई की जाए।
-जय ओम गंगवार, समधाना (मीरानपुर कटरा)
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर जहां कहीं अवैध कट लगाए गए हैं, वहां दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली दफ्तर के सामने रंबल स्ट्रिप बना दी गई हैं।
-लोंकेंद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी, एनएचएआई नियंत्रण कक्ष
हाईवे पर नियमों को तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के थाना प्रभारियों को भी हादसा स्थलों पर पुलिस पिकेट लगाने और रफ्तार को नियंत्रित कराने के लिए निर्देशित करेंगे।
-राजेश द्विवेदी, एसपी

अल्हागंज हाईवे पर पुलिया के पास नहीं लगे संकेतक। संवाद

अल्हागंज हाईवे पर पुलिया के पास नहीं लगे संकेतक। संवाद

अल्हागंज हाईवे पर पुलिया के पास नहीं लगे संकेतक। संवाद

अल्हागंज हाईवे पर पुलिया के पास नहीं लगे संकेतक। संवाद

अल्हागंज हाईवे पर पुलिया के पास नहीं लगे संकेतक। संवाद