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स्वास्थ्य राज्यमंत्री को जिला अस्पताल में मिली गंदगी
शाहजहांपुर
Updated Wed, 24 Dec 2014 11:50 PM IST
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शासन के निर्देश पर प्रतिदिन चेकिंग का भी जिला अस्पताल पर कोई असर नहीं पड़ा, स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी बुधवार को अचानक वहां पहुंचे तो गंदगी पाई और बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायतें भी मिलीं। इस पर राज्यमंत्री जमकर नाराज हुए। बाहर की दवा लिखे जाने का खेल पहले ही सामने आ चुका है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भी जा चुकी है। अब मंत्री ने निर्देश दिए कि अगर जरूरी हो तो मरीजों को लोकल पर्चेज कराकर दवाएं दी जाएं।
रोजाना गंदी चादरें बदलने के साथ ही गंभीर मरीजों को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज भेजने के निर्देश दिए।
बरतारा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मांझी काफिला के साथ दोपहर 1.20 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होेंने सबसे पहले हड्डी विभाग का निरीक्षण किया, यहां एक मरीज ने उनसे शिकायत की कि वार्ड ब्वाय प्रभुनाथ एक्स-रे करने के लिए 200 रुपये मांग रहा है। मंत्री ने तुरंत ही वार्ड ब्वाय को बुलाकर फटकार लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेेट को मामले की जांच के आदेश दिए।
इसके बाद राज्यमंत्री ब्लड बैंक की तरफ बढ़े तो जीने पर गंदगी देखकर सीएमएस की फटकार लगाई। आईसीयू वार्ड में गंभीर मरीजों के इलाज के बार में जानकारी ली। यहां भर्ती सेहरामऊ दक्षिणी के गांव फरीदापुर निवासी रामनाथ का बेटा लिवर की बीमारी से पीड़ित है। डॉक्टरों से जानकारी लेने पर पता लगा कि सुरजीत का इलाज यहां संभव नहीं है, तो उन्होंने सुरजीत के परिवार वालों से कहा कि उसको लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने की व्यवस्था कराई जाए। मांझी ने आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों का हालचाल लिया, वार्ड में गंदी चादरें देखकर मांझी ने फिर सीएमएस की फटकार लगाई। एक मरीज के तीमारदार ने शिकायत करते हुए कहा कि शुगर की जांच के मरीज को परेशान होना पड़ता है। इस पर मांझी ने सीएमएस से ग्लूकोमीटर मंगवाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होेंने जरनल वार्ड में निरीक्षण के दौरान मरीजों का हालचाल लिया। शिकायत होने पर डॉक्टरों को उचित इलाज करने के निर्देश दिए। बर्न वार्ड में भर्ती गुड्डी का हालचाल लिया।
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गरीबों का हरहाल में मुफ्त इलाज करने के लिए कहा
निरीक्षण के बाद मांझी ने बताया कि अस्पताल में गंदगी पाई गई है, जिसकी साफ-सफाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं। मांझी ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गईं 108 एंबुलेंस सेवा की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की एंबुलेस सेवा दुनिया की सबसे बड़ी परिवहन सेवा है। उन्होंने अस्पताल में स्टॉफ की कमी के बारे में बताया कि शीघ्र ही डॉक्टरों और स्टॉफ नर्सों की कमी पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले को कई डॉक्टर शीघ्र मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मिल रही सेवाओं के बारे में मरीजों ने कोई शिकायत नहीं की। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम के द्वारा जिला अस्पताल की जांच कराए जाने पर डीएम शुभ्रा सक्सेना की प्रशंसा की, बोले कुछ तो सुधार हुआ ही है इससे।
मंत्री ने अपनी जेब से दिए दो हजार
फरीदापुर के मरीज रामनाथ के परिवार वालों ने लखनऊ इलाज के लिए जाने पर खर्चे की दिक्कत बताई। इस पर मंत्री ने अपनी जेब से दो हजार रुपये दिए। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट से सुरजीत को लखनऊ रेफर कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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रोजाना गंदी चादरें बदलने के साथ ही गंभीर मरीजों को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज भेजने के निर्देश दिए।
बरतारा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मांझी काफिला के साथ दोपहर 1.20 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होेंने सबसे पहले हड्डी विभाग का निरीक्षण किया, यहां एक मरीज ने उनसे शिकायत की कि वार्ड ब्वाय प्रभुनाथ एक्स-रे करने के लिए 200 रुपये मांग रहा है। मंत्री ने तुरंत ही वार्ड ब्वाय को बुलाकर फटकार लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेेट को मामले की जांच के आदेश दिए।
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इसके बाद राज्यमंत्री ब्लड बैंक की तरफ बढ़े तो जीने पर गंदगी देखकर सीएमएस की फटकार लगाई। आईसीयू वार्ड में गंभीर मरीजों के इलाज के बार में जानकारी ली। यहां भर्ती सेहरामऊ दक्षिणी के गांव फरीदापुर निवासी रामनाथ का बेटा लिवर की बीमारी से पीड़ित है। डॉक्टरों से जानकारी लेने पर पता लगा कि सुरजीत का इलाज यहां संभव नहीं है, तो उन्होंने सुरजीत के परिवार वालों से कहा कि उसको लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने की व्यवस्था कराई जाए। मांझी ने आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों का हालचाल लिया, वार्ड में गंदी चादरें देखकर मांझी ने फिर सीएमएस की फटकार लगाई। एक मरीज के तीमारदार ने शिकायत करते हुए कहा कि शुगर की जांच के मरीज को परेशान होना पड़ता है। इस पर मांझी ने सीएमएस से ग्लूकोमीटर मंगवाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होेंने जरनल वार्ड में निरीक्षण के दौरान मरीजों का हालचाल लिया। शिकायत होने पर डॉक्टरों को उचित इलाज करने के निर्देश दिए। बर्न वार्ड में भर्ती गुड्डी का हालचाल लिया।
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गरीबों का हरहाल में मुफ्त इलाज करने के लिए कहा
निरीक्षण के बाद मांझी ने बताया कि अस्पताल में गंदगी पाई गई है, जिसकी साफ-सफाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं। मांझी ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गईं 108 एंबुलेंस सेवा की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की एंबुलेस सेवा दुनिया की सबसे बड़ी परिवहन सेवा है। उन्होंने अस्पताल में स्टॉफ की कमी के बारे में बताया कि शीघ्र ही डॉक्टरों और स्टॉफ नर्सों की कमी पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले को कई डॉक्टर शीघ्र मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मिल रही सेवाओं के बारे में मरीजों ने कोई शिकायत नहीं की। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम के द्वारा जिला अस्पताल की जांच कराए जाने पर डीएम शुभ्रा सक्सेना की प्रशंसा की, बोले कुछ तो सुधार हुआ ही है इससे।
मंत्री ने अपनी जेब से दिए दो हजार
फरीदापुर के मरीज रामनाथ के परिवार वालों ने लखनऊ इलाज के लिए जाने पर खर्चे की दिक्कत बताई। इस पर मंत्री ने अपनी जेब से दो हजार रुपये दिए। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट से सुरजीत को लखनऊ रेफर कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।