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Shahjahanpur Election 2024 Result: शाहजहांपुर में क्या भाजपा लगा पाएगी हैट्रिक? ददरौल में सपा से कड़ी टक्कर

Tue, 04 Jun 2024 07:08 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 04 Jun 2024 07:08 AM IST
सार

शाहजहांपुर लोकसभा सीट के चुनाव में भाजपा जहां हैट्रिक लगाने के लिए मुतमइन है। वहीं मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानी जा रही सपा को चमत्कार की आस है। जनता का फैसला किसके पक्ष में होगा, यह दोपहर बाद पता चल सकेगा। वहीं ददरौल उपचुनाव में भाजपा और सपा की कड़ी टक्कर मानी जा रही है। 

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Shahjahanpur Lok Sabha Election Result 2024 Live Winning Candidate Vote Percentage BJP vs Samajwadi Party
लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर लोकसभा सीट के 10 और ददरौल विधानसभा उपचुनाव के 10 प्रत्याशियों के ईवीएम में बंद भाग्य का फैसला आज सामने होगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा जहां हैट्रिक लगाने के लिए मुतमइन है। वहीं मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानी जा रही सपा को चमत्कार की आस है। जिस गंभीरता से बसपा ने चुनाव लड़ा है, उससे इस बार भी उसके खाते में जीत जाना संभव दिखाई नहीं देता। ददरौल विधानसभा उपचुनाव के नतीजे जरूर चौंका सकते हैं। यहां पर भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर मानी जा सकती है।

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2019 में भाजपा ने शाहजहांपुर लोकसभा सीट के इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। पांच साल के कार्यकाल में सांसद के खिलाफ कुछ लोगों में नाराजगी जरूर पनपी, लेकिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पूरे चुनाव में जमकर पसीना बहाया। इसी वजह से विपरीत होती हवा का रुख एक बार फिर से भाजपा की ओर होता दिख रहा था। असंतुष्टों को साधा और नाराज लोगों को गले लगाया। 
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सपा को अंदरूनी खींचतान का नुकसान होता नजर आया। प्रत्याशी घोषित किए गए राजेश कश्यप एक महीने तक प्रचार करते रहे। हालांकि, उनका विरोध पार्टी के अंदरखाने बड़े नेता करते रहे। पार्टी के अंदर आक्रोश और राजेश कश्यप के पाला बदलने की आशंका के बीच ऐन वक्त पर उनका टिकट काटकर हरदोई की रहने वालीं ज्योत्सना गौंड को दे दिया गया। ज्योत्सना का चुनाव उनके मामा राजपाल कश्यप लड़ाते रहे। डैमेज कंट्रोल की तमाम कवायद कितना असर दिखा पाएगी, यह तो चुनावी परिणाम से ही स्पष्ट होगा। 

कांग्रेस ने नौ बार संसदीय सीट जीती है, लेकिन इस बार उनका प्रत्याशी ही मैदान में नहीं था। कांग्रेस ने पुराने इतिहास का हवाला देते हुए शाहजहांपुर लोकसभा और ददरौल विधानसभा सीट पर अपना दावा जरूर पेश किया था, लेकिन आलाकमान ने दोनों सीटें सपा को सौंप दी। महापौर के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी करीब 50 हजार मतों के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। इसके बावजूद कांग्रेस दोनों सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतार सकी।

भाजपा : 2014 से लगातार चल रहा विजय रथ
2012 में भाजपा के खाते में मात्र नगर विधानसभा सीट थी। सुरेश कुमार खन्ना सातवीं बार विधायक बने थे। 2014 से भाजपा का विजय रथ ऐसा चला कि 2022 आते-आते जिले के लगभग हर महत्वपूर्ण पद पर कब्जा हासिल कर लिया। सांसद, सभी छह विधानसभा सीट, जिला पंचायत अध्यक्ष, एमएलसी, ब्लॉक प्रमुख पर भाजपा काबिज हो गई। 2023 में पहली बार हुए महापौर के चुनाव में भी बड़ी जीत हासिल की। कुछ निकाय क्षेत्रों में जरूर दूसरे दलों ने बाजी मारी। सुरक्षित संसदीय सीट पर अब लगातार तीसरा मौका ऐसा हो सकता है जिसमें भाजपा जीत के झंडे फहरा सकती है।
 

सपा : सिर्फ 15 दिनों का प्रचार, चमत्कार का आसरा
ज्योत्सना गौंड के प्रत्याशी घोषित होने के बाद उन्हें करीब 15 दिन ही प्रचार के लिए मिल सके। दावा तो पूरे जिले को मथने का है, मगर उसकी हकीकत परिणाम से ही सामने आएगी। गठबंधन कांग्रेस से जरूर रहा, लेकिन कोई खास जोर लगाते कांग्रेसी दिग्गज नहीं नजर आए। सपा प्रत्याशी के पक्ष में कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता प्रचार के लिए नहीं आया। कांग्रेस की स्थानीय इकाई के कुछ नेता जरूर प्रचार में लगे रहे लेकिन गठबंधन की अन्य पार्टियों के नेता कहीं नहीं दिखे। इसके बावजूद सपा प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल माना जा रहा है।
 

बसपा : पिछली बार का प्रदर्शन ही दोहरा पाना चुनौती
2012 में पार्टी के पास दो विधायक थे। इसके बाद से लगातार पार्टी का प्रदर्शन खराब होता चला गया। 2014 में बसपा प्रत्याशी उमेद सिंह कश्यप 289603 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। 2019 में सपा के गठबंधन के साथ बसपा प्रत्याशी अमरचंद जौहर को 420572 वोट मिले थे। इस बार पिछला प्रदर्शन भी अगर पार्टी दोहरा ले तो उसके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। बसपा ने पूरे चुनाव के दौरान एक भी सभा जिले में नहीं की। कोई बड़ा नेता प्रचार में भी नहीं आया। ऐसे में चमत्कार का ही आसरा हो सकता है। हालांकि प्रत्याशी कैडर वोट के भरोसे अपनी जीत के दावे करते हैं।

लोकसभा सीट के प्रत्याशी
1. भाजपा- अरुण सागर
2. सपा-ज्योत्सना गौंड
3. बसपा-दोदराम वर्मा
4. राष्ट्रीय सनातन पार्टी- किरण
5. राष्ट्रीय क्रांति पार्टी- प्रदीप कुमार
6. सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी- प्रेमचंद हरिजन
7. मानव क्रांति पार्टी- रमेश चंद्र वर्मा
8. निर्दलीय- धर्मपाल, मीना कश्यप, शिव कुमार

ददरौल सीट से प्रत्याशी
1. भाजपा- अरविंद कुमार
2. सपा- अवधेश वर्मा
3. बसपा- सर्वेशचंद्र मिश्रा धांधू
4. राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी- रामपाल
5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय आजाद पार्टी- स्वयं प्रकाश कौशल
6. निर्दलीय- अजीत शुक्ला, आराधना मिश्रा, कंचन, देवेश कुमार वर्मा, राशिद खां

लोकसभा क्षेत्र में कुल वोट- 2331834
पुरुष- 1251342
महिला- 1080342
अन्य- 150

कुल पड़े वोट- 1244364
पुरुष- 696263
महिला- 548101
अन्य- 9
53.36 प्रतिशत

ददरौल विधानसभा उपचुनाव
कुल वोट- 373751
पुरुष- 200263
महिला- 173436

कुल पड़े वोट-
पुरुष- 123449
महिला- 97453
कुल- 220902
58.66 प्रतिशत

 
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