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दुष्कर्म के दो दोषियों को सात साल की सजा
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शाहजहांपुर। प्रथम फास्ट ट्रैक के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दुष्कर्म के दो दोषियों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
सरकारी वकील संजीव सिंह चौहान और उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि खुटार क्षेत्र के रहने वाले वादी की पत्नी 22 सितंबर 2007 को शाम साढ़े पांच बजे ससुराल से अपने घर एक साल के बेटे के साथ जा रही थी। खमरिया भोपतपुर गांव के पास रामसागर, रामकुमार, खुटार के रायपुर पहियाव गांव निवासी रामनरेश दो बाइक से आए और उसको गांव छोड़ने के लिए कहने लगे। पत्नी तांगे से उतरकर उनके साथ बाइक पर बैठ गई। तीनों लोग उसकी पत्नी को जंगल में ले गए और उससे दुष्कर्म किया।
विवेचना के दौरान विवेचक ने पीड़िता के बयान और चिकित्सीय प्रपत्रों के आधार पर रामनरेश, रामसागर और रामकुुमार के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376 के तहत आरोप पत्र अदालत भेजा। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील के तर्कों से सहमत होकर अदालत ने रामनरेश और रामसागर को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी रामकुमार की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
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सरकारी वकील संजीव सिंह चौहान और उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि खुटार क्षेत्र के रहने वाले वादी की पत्नी 22 सितंबर 2007 को शाम साढ़े पांच बजे ससुराल से अपने घर एक साल के बेटे के साथ जा रही थी। खमरिया भोपतपुर गांव के पास रामसागर, रामकुमार, खुटार के रायपुर पहियाव गांव निवासी रामनरेश दो बाइक से आए और उसको गांव छोड़ने के लिए कहने लगे। पत्नी तांगे से उतरकर उनके साथ बाइक पर बैठ गई। तीनों लोग उसकी पत्नी को जंगल में ले गए और उससे दुष्कर्म किया।
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विवेचना के दौरान विवेचक ने पीड़िता के बयान और चिकित्सीय प्रपत्रों के आधार पर रामनरेश, रामसागर और रामकुुमार के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376 के तहत आरोप पत्र अदालत भेजा। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील के तर्कों से सहमत होकर अदालत ने रामनरेश और रामसागर को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी रामकुमार की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
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