फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Secretary trying to save himself in the matter of payment to the brick kiln running on paper

Shahjahanpur News: कागजों पर चल रहे ईंट भट्ठे को भुगतान के मामले में खुद को बचाने में जुटे सचिव

Fri, 28 Apr 2023 01:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Fri, 28 Apr 2023 01:15 AM IST
विज्ञापन
Secretary trying to save himself in the matter of payment to the brick kiln running on paper
पुवायां। कागजों पर चल रहे फर्जी ईंट भट्ठे को 10 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के मामले की जांच रिपोर्ट बीडीओ ने सीडीओ को सौंप दी है। भुगतान करने वाले सचिव अब खुद को बचाने के लिए फर्जी भट्ठा संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन

पुवायां ब्लॉक की 19 और बंडा की चार ग्राम पंचायतों से वर्ष 2021-22 और 2022-23 में कई बार में दस लाख रुपये से अधिक की राशि ईंट भट्ठा भारत ब्रिक फील्ड के नाम ट्रांसफर की गई। इसमें दर्शाया गया है कि भारत ब्रिक फील्ड ईंट भट्ठा को ग्राम पंचायतों के लिए ईंट खरीदने के बाद भुगतान किया गया है। मामला सीडीओ एसबी सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने पुवायां के बीडीओ को पत्र जारी कर किस ग्राम पंचायत से कितना भुगतान किया गया है, इसके प्रमाणपत्र डीडीओ को उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
विज्ञापन

प्रमाणपत्र 21 अप्रैल तक डीडीओ के पास जमा होने थे, लेकिन पत्र जारी होने के बाद बचाव में जुटे ग्राम पंचायत अधिकारी सूचना देने में देरी करते रहे। 27 अप्रैल को सीडीओ ने बताया कि पुवायां के बीडीओ की रिपोर्ट उनको मिली हैं, जिसमें भारत ब्रिक फील्ड का अस्तित्व ही नहीं होने की बात कही गई है। किस ग्राम पंचायत से कितना भुगतान हुआ है, इसकी जानकारी अभी कराई जा रही है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। इस मामले में दोषी सचिव अब खुद को बचाने के लिए फर्म पर रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
जब भट्ठा ही नहीं तो कैसे खरीदी गईं ईंटें
सीडीओ ने अपने पत्र में जिक्र किया था कि भारत ब्रिक फील्ड की अस्तित्व नहीं है। अब बीडीओ की जांच में भी भारत ब्रिक फील्ड नाम का भट्ठा नहीं पाया गया है। जब भट्ठा नहीं है तो ग्राम पंचायतों के लिए ईंट कैसे खरीद ली गई। जब ईंट ही नहीं खरीदी गई तो साफ है कि विकास कार्य केवल कागजों में ही कर दिया गया है। बड़ा सवाल है कि पूरा मामला सामने आने के बाद भी संबंधित सचिवों और प्रधानों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
-------------
10.34 लाख का भुगतान होने की रिपोर्ट
सूत्र बतातें हैं कि पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों ने लगभग 19 ग्राम पंचायतों से भारत ब्रिक फील्ड को 10 लाख 34 हजार रुपये का भुगतान होने की बात स्वीकार की है। अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कह रहे हैं। सचिवों का कहना है कि रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी गई है। पुवायां के बीडीओ के सीयूजी मोबाइल नंबर पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।


वर्जन
पुवायां के बीडीओ की जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत बिक्र फील्ड नाम का कोई ईंट भट्ठा ही नहीं है। किन ग्राम पंचायतों से भुगतान हुआ है, बाहर होने के कारण अभी इसकी जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। - एसबी सिंह, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed