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ददरौलः भाजपा-सपा के बीच फंसी सीट, बसपा-कांग्रेस की भी दावेदारी
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ददरौल विधान सभा के सपा प्रत्याशी राजेश वर्मा।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। ददरौल विधानसभा सीट पर अनुभव और विरासत की जंग का परिणाम काफी रोचक रहने वाला है। भाजपा से विधायक मानवेंद्र सिंह प्रत्याशी हैं, जबकि सपा से पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के बेटे राजेश वर्मा उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। मुकाबला काफी नजदीकी होने की संभावना है। राममूर्ति सिंह वर्मा के निधन के बाद राजेश वर्मा को जनता की सहानुभूति मिली थी। मगर मानवेंद्र सिंह राजनीति के पुराने खिलाड़ी माने जाते हैं।
ददरौल विधानसभा क्षेत्र से सपा से राममूर्ति सिंह वर्मा 2012 में विधायक बने। 2017 में भाजपा के मानवेंद्र सिंह ने राममूर्ति सिंह वर्मा को हरा दिया। इस बार सपा के कद्दावर नेता रहे राममूर्ति सिंह वर्मा के बेटे राजेश वर्मा विधायक मानवेंद्र सिंह को चुनौती दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को साफ हो जाएगा कि राजेश वर्मा अपने पिता की हार का बदला ले पाएंगे या फिर मानवेंद्र सिंह का विजयी रथ आगे बढ़ेगा। अंतिम समय में सपा से टिकट न मिलने पर अवधेश वर्मा भाजपा में शामिल हो गए थे।
माना जा रहा था कि अवधेश वर्मा सपा की ओर जा रहे किसान बिरादरी के वोट में सेंध लगाएंगे। अवधेश वर्मा ने अंतिम समय में मानवेंद्र सिंह के पक्ष में सारी ताकत झोंकी थी। मानवेंद्र का कहना है कि मदनापुर, ददरौल, कांट और भावलखेड़ा में भाजपा के पक्ष में खूब वोट पड़े हैं। उनकी जीत सुनिश्चित है। वहीं राजेश वर्मा कहते हैं कि ददरौल की जनता ने सपा को खूब वोट दिए हैं। हर ब्लॉक से दस हजार की लीड हमारी होगी। वह 50 हजार वोटों से जीतेंगे।
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बसपा के चंद्रकेतु मौर्या ददरौल की जनता से अपना पारिवारिक रिश्ता बताते हैं। दावा है 40 हजार वोटों से जीतेंगे। कांग्रेस से तनवीर सफदर भी अपनी बड़ी जीत का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस के तनवीर सफदर अपनी जीत मान रहे हैं।
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ददरौल विधानसभा क्षेत्र से सपा से राममूर्ति सिंह वर्मा 2012 में विधायक बने। 2017 में भाजपा के मानवेंद्र सिंह ने राममूर्ति सिंह वर्मा को हरा दिया। इस बार सपा के कद्दावर नेता रहे राममूर्ति सिंह वर्मा के बेटे राजेश वर्मा विधायक मानवेंद्र सिंह को चुनौती दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को साफ हो जाएगा कि राजेश वर्मा अपने पिता की हार का बदला ले पाएंगे या फिर मानवेंद्र सिंह का विजयी रथ आगे बढ़ेगा। अंतिम समय में सपा से टिकट न मिलने पर अवधेश वर्मा भाजपा में शामिल हो गए थे।
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माना जा रहा था कि अवधेश वर्मा सपा की ओर जा रहे किसान बिरादरी के वोट में सेंध लगाएंगे। अवधेश वर्मा ने अंतिम समय में मानवेंद्र सिंह के पक्ष में सारी ताकत झोंकी थी। मानवेंद्र का कहना है कि मदनापुर, ददरौल, कांट और भावलखेड़ा में भाजपा के पक्ष में खूब वोट पड़े हैं। उनकी जीत सुनिश्चित है। वहीं राजेश वर्मा कहते हैं कि ददरौल की जनता ने सपा को खूब वोट दिए हैं। हर ब्लॉक से दस हजार की लीड हमारी होगी। वह 50 हजार वोटों से जीतेंगे।
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बसपा के चंद्रकेतु मौर्या ददरौल की जनता से अपना पारिवारिक रिश्ता बताते हैं। दावा है 40 हजार वोटों से जीतेंगे। कांग्रेस से तनवीर सफदर भी अपनी बड़ी जीत का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस के तनवीर सफदर अपनी जीत मान रहे हैं।

ददरौल विधान सभा के कांग्रेस प्रत्याशी तनवीर सफदर।- फोटो : SHAHJAHANPUR

ददरौल विधान सभा के बसपा प्रत्याशी चंद्रकेतु मौर्य ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

ददरौल विधान सभा के भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह ।- फोटो : SHAHJAHANPUR