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Shahjahanpur News: 50 से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल होंगे समायोजित
Sun, 18 Aug 2024 03:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 18 Aug 2024 03:36 AM IST
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शाहजहांपुर। जिले में 50 से कम विद्यार्थी संख्या वाले विद्यालयों के बच्चे नजदीकी स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने सूची मांगी है। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है।
परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसको लेकर शासन ने नाराजगी जताई है। सूत्रों के मुताबिक, शासन का निर्णय है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। वहां के छात्र-छात्राओं को नजदीकी स्कूलों में भेजा जाएगा।
जिले में 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्र संख्या 50 से कम है। ये वो स्कूूल हैं, जहां आसपास एक किमी की दूरी में कोई स्कूल नहीं है। इन गांवों में स्कूल पहुंचने का रास्ता भी ठीक नहीं है। यदि इन गांवों के स्कूलों को बंद किया जाता है तो नौनिहालों को दो से तीन किमी की दूरी पर स्थित स्कूल में समायोजित किया जाएगा, जहां इनका पहुंचना संभव नहीं होगा। विभाग का आदेश छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी भरा भी हो सकता है।
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यह है छात्र-शिक्षक का मानक
प्राइमरी स्कूलों में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 बच्चों पर दो शिक्षक, 60 बच्चों पर तीन शिक्षक, 75 बच्चों पर चार तथा 90 बच्चों पर पांच शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। जिले में अधिसंख्य प्राइमरी स्कूलों में इस मानक का पालन नहीं हो पा रहा।
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शिक्षकों को समायोजित करने की योजना है। 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का समायोजन करने का अभी कोई आदेश नहीं है। आदेश मिलने पर खंड शिक्षाधिकारियों को ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसको लेकर शासन ने नाराजगी जताई है। सूत्रों के मुताबिक, शासन का निर्णय है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। वहां के छात्र-छात्राओं को नजदीकी स्कूलों में भेजा जाएगा।
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जिले में 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्र संख्या 50 से कम है। ये वो स्कूूल हैं, जहां आसपास एक किमी की दूरी में कोई स्कूल नहीं है। इन गांवों में स्कूल पहुंचने का रास्ता भी ठीक नहीं है। यदि इन गांवों के स्कूलों को बंद किया जाता है तो नौनिहालों को दो से तीन किमी की दूरी पर स्थित स्कूल में समायोजित किया जाएगा, जहां इनका पहुंचना संभव नहीं होगा। विभाग का आदेश छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी भरा भी हो सकता है।
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यह है छात्र-शिक्षक का मानक
प्राइमरी स्कूलों में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 बच्चों पर दो शिक्षक, 60 बच्चों पर तीन शिक्षक, 75 बच्चों पर चार तथा 90 बच्चों पर पांच शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। जिले में अधिसंख्य प्राइमरी स्कूलों में इस मानक का पालन नहीं हो पा रहा।
शिक्षकों को समायोजित करने की योजना है। 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का समायोजन करने का अभी कोई आदेश नहीं है। आदेश मिलने पर खंड शिक्षाधिकारियों को ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए