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यह स्कूल है या धर्मशाला!
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 07 Feb 2015 11:24 PM IST
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शहर के बीचोंबीच खलीलशर्की के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामकरण संस्कार के बाद स्कूल में डीजे और टेंट लगाकर एक पार्टी का आयोजन हुआ। स्कूल में काफी रात तक डीजे बजाया गया। वहीं स्कूल के कक्षा कक्षों को भी मेहमान ठहराने के लिए खोल दिया गया। ऐसा तब किया गया, जब स्कूल कॉलेजों में इस तरह के आयोजन करने पर सख्त मनाही है।
नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित स्कूल में यह आयोजन हुआ। खास बात यह रही कि नगर शिक्षा अधिकारी मुन्नालाल त्रिवेदी को भी स्कूल में इतने बड़े कार्यक्रम के आयोजन की खबर नहीं थी। वहां पर पढ़ाने वाली शिक्षिकाएं भी इससे बिल्कुल अंजान थी। प्राथमिक विद्यालय खलीलशर्की की सहायक अध्यापक मधुरिमा गुप्ता ने बताया कि पड़ोस के ही किसी व्यक्ति के बेटे का नामकरण संस्कार था, उसी की दावत थी। इस बारे में इससे ज्यादा मुझे कुछ भी नहीं मालूम है। उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक ममता सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं मालूम है। रोज की तरह शनिवार को भी उन्होंने स्कूल की चाबियां प्रधानाध्यापक इमरान सईद के यहां भेज दीं। उधर, प्रधानाध्यापक इमरान सईद खां का कहना है कि उन्होंने वार्ड मेंबर के कहने पर स्कूल की चाबी दी है। इससे ज्यादा उन्हें कुछ भी नहीं मालूम है।
‘स्कूलों में शादी, बारात या अन्य कोई भी निजी कार्यक्रम करने के लिए शिक्षकों को साफ मना किया जा चुका है। यदि ऐसा कोई कार्यक्रम हुआ है तो संबंधित शिक्षकों को नोटिस दिया जाएगा। अग्रिम कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र लिखा जाएगा।’
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- मुन्नालाल त्रिवेदी, नगर शिक्षा अधिकारी
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नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित स्कूल में यह आयोजन हुआ। खास बात यह रही कि नगर शिक्षा अधिकारी मुन्नालाल त्रिवेदी को भी स्कूल में इतने बड़े कार्यक्रम के आयोजन की खबर नहीं थी। वहां पर पढ़ाने वाली शिक्षिकाएं भी इससे बिल्कुल अंजान थी। प्राथमिक विद्यालय खलीलशर्की की सहायक अध्यापक मधुरिमा गुप्ता ने बताया कि पड़ोस के ही किसी व्यक्ति के बेटे का नामकरण संस्कार था, उसी की दावत थी। इस बारे में इससे ज्यादा मुझे कुछ भी नहीं मालूम है। उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक ममता सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं मालूम है। रोज की तरह शनिवार को भी उन्होंने स्कूल की चाबियां प्रधानाध्यापक इमरान सईद के यहां भेज दीं। उधर, प्रधानाध्यापक इमरान सईद खां का कहना है कि उन्होंने वार्ड मेंबर के कहने पर स्कूल की चाबी दी है। इससे ज्यादा उन्हें कुछ भी नहीं मालूम है।
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‘स्कूलों में शादी, बारात या अन्य कोई भी निजी कार्यक्रम करने के लिए शिक्षकों को साफ मना किया जा चुका है। यदि ऐसा कोई कार्यक्रम हुआ है तो संबंधित शिक्षकों को नोटिस दिया जाएगा। अग्रिम कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र लिखा जाएगा।’
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- मुन्नालाल त्रिवेदी, नगर शिक्षा अधिकारी