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जागरूकता ही बचा सकती है बेटियां: कनौजिया
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Fri, 12 Dec 2014 01:12 AM IST
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सेमिनार में 50 छात्राओं ने पांच-पांच मिनट में अपने विचार रखे, जिसमें आस्था ने प्रथम, इशिका ने द्वितीय और आशी ने तृतीय स्थान पाया। मनीष और श्रेया को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कनौजिया और डॉ. रश्मि कनौजिया ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए उपयोगी सुझाव रखे। डॉ. कनौजिया ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जागरूकता फैलती है और समाज को जागरुक करके ही बेटियों को बचाया जा सकता है। संस्थाध्यक्ष अनु मिश्रा ने कन्या भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध बताते हुए ऐसा पाप करने वालों को कड़ी सजा देने की बात कही। सेमिनार में चेयरपरसन रिद्धि बहल, प्रधानाचार्य जीनू जार्ज आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सुखप्रीत माटा, प्रतिभा खंडेलवाल, बैलसां थोमल शामिल रहीं। आयोजन में अनुपम, डिनीमोल, प्रिया, रजनीश, नमिता त्रिवेदी, पिंकी भागी, कुलवंत नरूला, तराना जमाल आदि का योगदान रहा।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कनौजिया और डॉ. रश्मि कनौजिया ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए उपयोगी सुझाव रखे। डॉ. कनौजिया ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जागरूकता फैलती है और समाज को जागरुक करके ही बेटियों को बचाया जा सकता है। संस्थाध्यक्ष अनु मिश्रा ने कन्या भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध बताते हुए ऐसा पाप करने वालों को कड़ी सजा देने की बात कही। सेमिनार में चेयरपरसन रिद्धि बहल, प्रधानाचार्य जीनू जार्ज आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सुखप्रीत माटा, प्रतिभा खंडेलवाल, बैलसां थोमल शामिल रहीं। आयोजन में अनुपम, डिनीमोल, प्रिया, रजनीश, नमिता त्रिवेदी, पिंकी भागी, कुलवंत नरूला, तराना जमाल आदि का योगदान रहा।
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