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दिवाली पर चमका सराफा बाजार, सहालग से बढ़ीं उम्मीदें
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मनोज गुप्ता, सराफा व्यापारी पुवायां
- फोटो : POWAYAN
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शाहजहांपुर। धनतेरस, दीपावली पर सराफा बाजार में कोरोना काल से छाया सन्नाटा टूटा है। हालांकि सराफा कारोबारियों का कहना है कि अपेक्षाकृत खरीदारी नहीं हुई है, लेकिन सहालग सीजन में घाटा पूरा होने की उम्मीद है। सराफा कारोबारियों ने इस सीजन में हुई खरीदारी पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि असमय आई बाढ़ के कारण किसानों को काफी नुकसान न होता तो व्यापार ज्यादा बेहतर होता। हॉलमार्क की अनिवार्यता पर भी सराफा व्यवसायियों ने अच्छा कदम बताया। धनतेरस पर चांदी के सिक्कों की खासी बिक्री रही।
धनतेरस से लेकर लेकर दीपावली तक सराफा कारोबार खराब नहीं तो बहुत अच्छा भी नहीं रहा है। पिछले दो सालों में कोरोना की वजह से बाजार मंदा रहा था। बारिश के कारण फसलें खराब होने से किसानों के पास धन की कमी रही। ऐसे में सोना-चांदी की खरीदारी कम हुई है। हॉलमार्क की अनिवार्यता लागू होना तो अच्छा है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न नहीं लगेगा। लोग बेहिचक अपनी पसंद की चीज खरीद सकते हैं। - विनोद गुप्ता, शाहजहांपुर
गत वर्षों के मुकाबले इस बार कारोबार बेहतर हुआ। किसान को धान बिक्री के रुपये समय से मिले होते और और ज्यादा व्यापार होता। इस बार सोना और चांदी दोनों की बिक्री बेहतर रही। पूरे साल जो चीजे नहीं बिकती हैं, त्योहार पर वह भी बिकीं। - मनोज गुप्ता, पुवायां
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पुवायां तहसील क्षेत्र कृषि के ऊपर आधारित है। किसानों को धान के सही रेट नहीं मिले और भुगतान में भी दिक्कत हो रही है। इसीलिए इस दीपावली कारोबार पर भी इसका असर रहा। - पंकज सराफ, पुवायां
धनतेरस के दिन चांदी के सिक्कों की बिक्री मजबूत रही। वहीं सोने और चांदी के हल्के-फुल्के गहनों की बिक्री होती रही। बाजार पर महंगाई का असर देखा गया। नौकरी पेशा लोग बचत के तौर पर माल खरीदते रहते हैं। उन पर उतार चढ़ाव का कोई खास असर नहीं रहता है। - वेद प्रकाश गुप्ता, तिलहर।
दीपावली त्योहार को लेकर बाजार में रौनक लौट आई है। लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार सोने और चांदी के जेवरात खरीदे हैं, लेकिन पिछले वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष बाजार में मंदा रहा। चांदी के सिक्कों की बिक्री अनुकूल रही है। चांदी और सोने के गहनों की बिक्री औसतन कम रही है। महंगाई के कारण भी लोग परेशान नजर आए। - अभिनव अग्रवाल, तिलहर।
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धनतेरस से लेकर लेकर दीपावली तक सराफा कारोबार खराब नहीं तो बहुत अच्छा भी नहीं रहा है। पिछले दो सालों में कोरोना की वजह से बाजार मंदा रहा था। बारिश के कारण फसलें खराब होने से किसानों के पास धन की कमी रही। ऐसे में सोना-चांदी की खरीदारी कम हुई है। हॉलमार्क की अनिवार्यता लागू होना तो अच्छा है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न नहीं लगेगा। लोग बेहिचक अपनी पसंद की चीज खरीद सकते हैं। - विनोद गुप्ता, शाहजहांपुर
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गत वर्षों के मुकाबले इस बार कारोबार बेहतर हुआ। किसान को धान बिक्री के रुपये समय से मिले होते और और ज्यादा व्यापार होता। इस बार सोना और चांदी दोनों की बिक्री बेहतर रही। पूरे साल जो चीजे नहीं बिकती हैं, त्योहार पर वह भी बिकीं। - मनोज गुप्ता, पुवायां
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पुवायां तहसील क्षेत्र कृषि के ऊपर आधारित है। किसानों को धान के सही रेट नहीं मिले और भुगतान में भी दिक्कत हो रही है। इसीलिए इस दीपावली कारोबार पर भी इसका असर रहा। - पंकज सराफ, पुवायां
धनतेरस के दिन चांदी के सिक्कों की बिक्री मजबूत रही। वहीं सोने और चांदी के हल्के-फुल्के गहनों की बिक्री होती रही। बाजार पर महंगाई का असर देखा गया। नौकरी पेशा लोग बचत के तौर पर माल खरीदते रहते हैं। उन पर उतार चढ़ाव का कोई खास असर नहीं रहता है। - वेद प्रकाश गुप्ता, तिलहर।
दीपावली त्योहार को लेकर बाजार में रौनक लौट आई है। लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार सोने और चांदी के जेवरात खरीदे हैं, लेकिन पिछले वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष बाजार में मंदा रहा। चांदी के सिक्कों की बिक्री अनुकूल रही है। चांदी और सोने के गहनों की बिक्री औसतन कम रही है। महंगाई के कारण भी लोग परेशान नजर आए। - अभिनव अग्रवाल, तिलहर।

पंकज सराफ, व्यापारी पुवायां- फोटो : POWAYAN

वेद प्रकाश गुप्ता- फोटो : SHAHJAHANPUR

अभिनव अग्रवाल- फोटो : SHAHJAHANPUR

विनोद गुप्ता ।- फोटो : SHAHJAHANPUR