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युद्ध की विभीषिका दिखा गया ‘वेटिंग फॉर गॉडो’
श्ााहजहांपुर
Updated Sat, 27 Dec 2014 09:07 PM IST
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कोरोनेशन आर्ट थिएटर के बैनर तले गांधी भवन में द्वितीय विश्व युद्ध पर आधारित असंगत नाटक ‘वेटिंग फॉर गॉडो’ का मंचन किया गया। इस अवसर पर चार विशिष्टजनों को सम्मानित भी किया गया।
सैम्युअल वैकेट द्वारा लिखित नाटक का निर्देशन इंटरनेशनल इंटर कल्चरल थिएटर इंस्टीट्यूट सिंगापुर के प्रशिक्षणार्थी आरपीडी सोती ने किया। नाटक मंचन से पूर्व सोती ने कार्यशाला लगाकर स्थानीय कलाकारों को प्रशिक्षित भी किया था। नाटक में दिखाया गया कि युद्ध मात्र की कल्पना और युद्ध के बाद किस तरह की हताशा और निराशा में जनमानस घिर जाता है।
इसी आशा-निराशा के बीच झूलता जीवन कैसे अर्थहीन जीवन में बदल जाता है। लोगों में रहने, खाने-पीने, सोचने की क्षमता भी नष्ट हो जाती है। ऐसे में एक बच्चा आशा की किरण बनकर सामने आता है और कहता है कि गॉड (गॉडो)आने वाला है। इसी इंतजार में लोग पुन: नए जीवन की तलाश में जुट जाते हैं और उनका जीवन धीरे-धीरे पटरी पर आने लगता है।
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नाटक में भूपेंद्र प्रताप सिंह, इरफान अहमद, अरविंद कुमार, सुमित सिंह, श्रीकांत वर्मा ने अभिनय कर दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं नाटक की विभिन्न व्यवस्थाओं में तारिक अहमद खां, नेहपाल गौतम, आमोद कुमार, सचिन गौतम, आलोक वर्मा, नव वर्ष शुक्ला का योगदान रहा।
इससे पूर्व डॉ. परविंदर सिंह, उद्योगपति सुरेश सिंघल, चेयरमैन तनवीर खां और एनटीआई के निदेशक डॉ. आशीष मैसी को सम्मानित किया गया। डॉ. मैसी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि को अंगवस्त्र प्रदान किया गया।
अन्य तीनों विशिष्टजनों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. सुरेश मिश्र के संचालन में हुए नाटक में वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कोरोनेशन के संस्थापक जरीफ मलिक आनंद ने आभार व्यक्त किया।
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सैम्युअल वैकेट द्वारा लिखित नाटक का निर्देशन इंटरनेशनल इंटर कल्चरल थिएटर इंस्टीट्यूट सिंगापुर के प्रशिक्षणार्थी आरपीडी सोती ने किया। नाटक मंचन से पूर्व सोती ने कार्यशाला लगाकर स्थानीय कलाकारों को प्रशिक्षित भी किया था। नाटक में दिखाया गया कि युद्ध मात्र की कल्पना और युद्ध के बाद किस तरह की हताशा और निराशा में जनमानस घिर जाता है।
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इसी आशा-निराशा के बीच झूलता जीवन कैसे अर्थहीन जीवन में बदल जाता है। लोगों में रहने, खाने-पीने, सोचने की क्षमता भी नष्ट हो जाती है। ऐसे में एक बच्चा आशा की किरण बनकर सामने आता है और कहता है कि गॉड (गॉडो)आने वाला है। इसी इंतजार में लोग पुन: नए जीवन की तलाश में जुट जाते हैं और उनका जीवन धीरे-धीरे पटरी पर आने लगता है।
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नाटक में भूपेंद्र प्रताप सिंह, इरफान अहमद, अरविंद कुमार, सुमित सिंह, श्रीकांत वर्मा ने अभिनय कर दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं नाटक की विभिन्न व्यवस्थाओं में तारिक अहमद खां, नेहपाल गौतम, आमोद कुमार, सचिन गौतम, आलोक वर्मा, नव वर्ष शुक्ला का योगदान रहा।
इससे पूर्व डॉ. परविंदर सिंह, उद्योगपति सुरेश सिंघल, चेयरमैन तनवीर खां और एनटीआई के निदेशक डॉ. आशीष मैसी को सम्मानित किया गया। डॉ. मैसी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि को अंगवस्त्र प्रदान किया गया।
अन्य तीनों विशिष्टजनों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. सुरेश मिश्र के संचालन में हुए नाटक में वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कोरोनेशन के संस्थापक जरीफ मलिक आनंद ने आभार व्यक्त किया।