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Shahjahanpur News: विहिप ने मनाया रामजन्म महोत्सव, गूंजा जय श्रीराम का जयघोष
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खुटार के आर्य समाज मंदिर में प्रवचन सुनते लोग। संवाद
अल्हागंज। प्रसिद्ध देवस्थान बारह पत्थर प्रांगण में रविवार को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के तत्वावधान में श्री रामजन्म महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा।
कार्यक्रम का संचालन बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख धीरेंद्र परमार ने किया। मुख्य वक्ता विभाग सत्संग प्रमुख आलोक शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य समाज में व्याप्त छुआछूत जैसी कुरीतियों का खत्म करना तथा गो, गंगा और गीता की रक्षा के प्रति जनजागरण करना है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुकरण कर ही मानवता और वैश्विक कल्याण की स्थापना संभव है। इस दौरान नगर संयोजक आदेश सिंह, नगर उपाध्यक्ष सचिन मिश्रा, नगर सह संयोजक सौरभ कठेरिया, विनय वाल्मीकि, राजकुमार वाल्मीकि, संजू वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
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कुरीतियों को त्यागने में ही कल्याण : यशदेव
खुटार। मोहल्ला पूर्वी गढ़ी में आर्य समाज मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिकोत्सव में यशदेव आर्य ने कहा कि कुरीतियों को त्यागने में ही कल्याण है। कुरीतियों से परिवार, समाज और देश का भला नहीं हो सकता।
शनिवार रात प्रवचन करते हुए यशदेव आर्य ने कहा कि नशा शरीर का नाश करता है और परिवार में कलह डालता है। नशा करने वाले को कहीं भी सम्मान नहीं मिलता। नशे से दूर रहने में ही भलाई है। दहेज लेना और देना दोनों की गलत हैं। इससे भी घर परिवार में कलह रहती है और जहां कलह रहती है, वहां उन्नति नहीं हो सकती।
आचार्य यशवीर ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए पौध लगाने के साथ ही यज्ञ भी करना चाहिए। यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है और रोगों से बचा जा सकता है। सभी को मासिक और साप्ताहिक यज्ञ जरूर करना चाहिए। रविवार सुबह आयोजित यज्ञ में तमाम लोगों ने भाग लेकर आह़ुतियां दीं। संवाद
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श्रद्धालुओं को सुनाई परीक्षित जन्म की कथा
कुर्रियाकलां। पल्हौरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. आशीष वाजपेयी ने परीक्षित के जन्म का प्रसंग सुनाया।
कथाव्यास ने कहा कि जब महाभारत का युद्ध समाप्त हो गया, तब श्रीकृष्ण अपने घर जाने की विदाई ले रहे थे। उस समय अश्वत्थामा ने प्रतिशोध लेने के लिए पांडवों के पुत्रों की सोते में हत्या कर दी और उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चला दिया। उत्तरा ने श्रीकृष्ण को पुकारकर मदद मांगी। तब श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ की रक्षा की। बाद में उसी गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ। कथा के अंत में यजमान विशाेक मिश्रा ने पत्नी सहित आरती उतारी। इस दौरान शोभित मिश्रा का सहयोग रहा। संवाद
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रासलीला में मोर नृत्य को सराहा
पुवायां। पुवायां के हरेराम पक्का तालाब मंदिर परिसर में चल रहे श्री भगवन्नाम जप वार्षिकोत्सव में कलाकारों ने रासलीला के मंचन के दौरान मयूर नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया। रात में हुई आरती के बाद कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।
शनिवार शाम प्रवचन करते हुए गोपाल शास्त्री और मयंक शेखर पांडे ने कहा कि निर्मल मन से भगवान का भजन करने वाला ही भगवान को पा सकता है। छल, कपट भगवान को पसंद नहीं है। भक्त प्रह्लाद, ध्रुव आदि इसके उदाहरण हैं कि उन्होंने सभी सहारे छोड़कर भगवान को याद किया तो भगवान ने उनकी इस तरह से रक्षा की और ध्यान रखा जैसे मां अपने बालक का ध्यान रखती है।
कथा के बाद रासलीला का आयोजन किया गया। श्रीराधा-कृष्ण के प्रतिरूप कलाकारों ने लीला प्रस्तुत की। इस दौरान मयूर नृत्य को खूब सराहा गया। देर रात आरती की गई। इस बीच मौसम खराब होने से रासलीला का समापन कर दिया गया और श्री भगवन्नाम जप वार्षिकोत्सव को विश्राम दिया गया। संवाद
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कार्यक्रम का संचालन बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख धीरेंद्र परमार ने किया। मुख्य वक्ता विभाग सत्संग प्रमुख आलोक शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य समाज में व्याप्त छुआछूत जैसी कुरीतियों का खत्म करना तथा गो, गंगा और गीता की रक्षा के प्रति जनजागरण करना है।
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उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुकरण कर ही मानवता और वैश्विक कल्याण की स्थापना संभव है। इस दौरान नगर संयोजक आदेश सिंह, नगर उपाध्यक्ष सचिन मिश्रा, नगर सह संयोजक सौरभ कठेरिया, विनय वाल्मीकि, राजकुमार वाल्मीकि, संजू वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
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कुरीतियों को त्यागने में ही कल्याण : यशदेव
खुटार। मोहल्ला पूर्वी गढ़ी में आर्य समाज मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिकोत्सव में यशदेव आर्य ने कहा कि कुरीतियों को त्यागने में ही कल्याण है। कुरीतियों से परिवार, समाज और देश का भला नहीं हो सकता।
शनिवार रात प्रवचन करते हुए यशदेव आर्य ने कहा कि नशा शरीर का नाश करता है और परिवार में कलह डालता है। नशा करने वाले को कहीं भी सम्मान नहीं मिलता। नशे से दूर रहने में ही भलाई है। दहेज लेना और देना दोनों की गलत हैं। इससे भी घर परिवार में कलह रहती है और जहां कलह रहती है, वहां उन्नति नहीं हो सकती।
आचार्य यशवीर ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए पौध लगाने के साथ ही यज्ञ भी करना चाहिए। यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है और रोगों से बचा जा सकता है। सभी को मासिक और साप्ताहिक यज्ञ जरूर करना चाहिए। रविवार सुबह आयोजित यज्ञ में तमाम लोगों ने भाग लेकर आह़ुतियां दीं। संवाद
श्रद्धालुओं को सुनाई परीक्षित जन्म की कथा
कुर्रियाकलां। पल्हौरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. आशीष वाजपेयी ने परीक्षित के जन्म का प्रसंग सुनाया।
कथाव्यास ने कहा कि जब महाभारत का युद्ध समाप्त हो गया, तब श्रीकृष्ण अपने घर जाने की विदाई ले रहे थे। उस समय अश्वत्थामा ने प्रतिशोध लेने के लिए पांडवों के पुत्रों की सोते में हत्या कर दी और उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चला दिया। उत्तरा ने श्रीकृष्ण को पुकारकर मदद मांगी। तब श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ की रक्षा की। बाद में उसी गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ। कथा के अंत में यजमान विशाेक मिश्रा ने पत्नी सहित आरती उतारी। इस दौरान शोभित मिश्रा का सहयोग रहा। संवाद
रासलीला में मोर नृत्य को सराहा
पुवायां। पुवायां के हरेराम पक्का तालाब मंदिर परिसर में चल रहे श्री भगवन्नाम जप वार्षिकोत्सव में कलाकारों ने रासलीला के मंचन के दौरान मयूर नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया। रात में हुई आरती के बाद कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।
शनिवार शाम प्रवचन करते हुए गोपाल शास्त्री और मयंक शेखर पांडे ने कहा कि निर्मल मन से भगवान का भजन करने वाला ही भगवान को पा सकता है। छल, कपट भगवान को पसंद नहीं है। भक्त प्रह्लाद, ध्रुव आदि इसके उदाहरण हैं कि उन्होंने सभी सहारे छोड़कर भगवान को याद किया तो भगवान ने उनकी इस तरह से रक्षा की और ध्यान रखा जैसे मां अपने बालक का ध्यान रखती है।
कथा के बाद रासलीला का आयोजन किया गया। श्रीराधा-कृष्ण के प्रतिरूप कलाकारों ने लीला प्रस्तुत की। इस दौरान मयूर नृत्य को खूब सराहा गया। देर रात आरती की गई। इस बीच मौसम खराब होने से रासलीला का समापन कर दिया गया और श्री भगवन्नाम जप वार्षिकोत्सव को विश्राम दिया गया। संवाद

खुटार के आर्य समाज मंदिर में प्रवचन सुनते लोग। संवाद

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खुटार के आर्य समाज मंदिर में प्रवचन सुनते लोग। संवाद