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अवैध वसूली की शिकायत पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पहुंची कॉलेज, 1.28 लाख रुपये कराए वापस
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शाहजहांपुर। जीएफ कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा अवैध वसूली की शिकायत का डीएम ने संज्ञान लिया। उन्होंने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राशि कृष्णा को छात्राओं के साथ जांच के लिए भेजा। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष के पास से एक लाख, 28 हजार रुपये की राशि वापस कराई। डीएम ने उच्च स्तरीय जांच के निर्देश भी दिए हैं।
जीएफ कॉलेज का पत्रकारिता विभाग की शिकायतें पहले भी कई बार प्रशासन के पास आ चुकी हैं। बुधवार को जनता दर्शन के दौरान छात्रा शकीबा और अकीबा पहुंची और फीस के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत डीएम से की। डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राशि कृष्णा को बुलाया। उन्हें छात्राओं के साथ कॉलेज जाकर जांच करने के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाई गई। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने कॉलेज के पूर्व शिक्षक मोहम्मद रिजवान अहमद के पास से छात्र-छात्राओं से वसूल की गई एक लाख, 28 हजार रुपये की धनराशि बरामद कर विद्यार्थियों को वापस कराई। जांच में अवैध वसूली में कॉलेज के प्राचार्य और अन्य सहयोगी स्टाफ की भूमिका होना पाया गया। डीएम ने उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं।
कॉलेज में प्रावधान है कि कॉलेज में काउंटर पर फीस जमा कर रसीद छात्र लेते हैं। कुछ बच्चों ने फीस पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष रिजवान को दे दी। रिजवान ने आधी फीस जमा कर शेष खुद गबन कर ली थी। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के आने पर छात्राओं को रिजवान कॉलेज के बाहर दिख गए। उनसे सारी फीस लेते हुए छात्राओं को वापस कर दी। रिजवान को पहले ही कॉलेज से निकाला जा सकता है। इस प्रकरण से कॉलेज का कोई लेना-देना नहीं है।
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-डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य, जीएफ कॉलेज
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जीएफ कॉलेज का पत्रकारिता विभाग की शिकायतें पहले भी कई बार प्रशासन के पास आ चुकी हैं। बुधवार को जनता दर्शन के दौरान छात्रा शकीबा और अकीबा पहुंची और फीस के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत डीएम से की। डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राशि कृष्णा को बुलाया। उन्हें छात्राओं के साथ कॉलेज जाकर जांच करने के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाई गई। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने कॉलेज के पूर्व शिक्षक मोहम्मद रिजवान अहमद के पास से छात्र-छात्राओं से वसूल की गई एक लाख, 28 हजार रुपये की धनराशि बरामद कर विद्यार्थियों को वापस कराई। जांच में अवैध वसूली में कॉलेज के प्राचार्य और अन्य सहयोगी स्टाफ की भूमिका होना पाया गया। डीएम ने उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं।
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कॉलेज में प्रावधान है कि कॉलेज में काउंटर पर फीस जमा कर रसीद छात्र लेते हैं। कुछ बच्चों ने फीस पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष रिजवान को दे दी। रिजवान ने आधी फीस जमा कर शेष खुद गबन कर ली थी। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के आने पर छात्राओं को रिजवान कॉलेज के बाहर दिख गए। उनसे सारी फीस लेते हुए छात्राओं को वापस कर दी। रिजवान को पहले ही कॉलेज से निकाला जा सकता है। इस प्रकरण से कॉलेज का कोई लेना-देना नहीं है।
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-डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य, जीएफ कॉलेज