फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Roads will be built on old railway lines...verbal permission received

Shahjahanpur News: रेलवे की पुरानी लाइनों पर बनेंगीं सड़कें...मिली मौखिक अनुमति

Sun, 14 Apr 2024 02:53 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Sun, 14 Apr 2024 02:53 AM IST
विज्ञापन
Roads will be built on old railway lines...verbal permission received
इंदिरानगर कॉलोनी में पुरानी रेलवे लाइन के ऊपर मिट्टी डालकर बनाया जा रहा खड़ंजा। संवाद
शाहजहांपुर। शहर में रेलवे की निष्प्रयोज्य जमीन पर सड़कों का जाल बिछेगा। इसे नगर निगम में हस्तांतरित कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। मौखिक अनुमति मिलने के बाद इंदिरा नगर कॉलोनी में पुरानी रेलवे लाइन पर खड़ंजा बिछाने का काम शुरू करवा दिया गया है।
विज्ञापन

इंदिरा नगर कॉलोनी से लोदीपुर होते हुए पुराना पोस्टमार्टम हाउस तक पुरानी रेलवे लाइन की काफी जमीन है। गर्रा फाटक से ककरा होते हुए व अन्य स्थानों पर भी पुरानी रेलवे लाइन बिछी हुई है, जो काफी समय से निष्प्रयोज्य है। ऐसी रेलवे लाइन पर सड़क बनने से शहर में जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने नगर निगम को रेलवे के अधिकारियों से संपर्क कर जमीन को हस्तांतरित कराए जाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

पिछले दिनों राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार ने भी शहर में निष्प्रयोज्य रेलवे लाइन राज्य सरकार को हस्तांतरित व उपयोग की अनुमति प्रदान करने के संबंध में इज्जतनगर बरेली एडीआरएम विवेक गुप्ता, सीनियर डीसीएम इज्जतनगर संजीव शर्मा से वार्ता की थी। इसमें रेलवे के अधिकारियों ने सकारात्मक संकेत दिए थे। इस पर आगे बढ़ते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने रेलवे से पत्राचार किया। अब इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
1980 के दशक तक शहर में थे चार रेलवे स्टेशन
उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के मौजूदा दो रेलवे स्टेशन के साथ 1980 के दशक तक शहर में चार रेलवे स्टेशन थे। इनके लिए मीटरगेज की एक और ब्रॉडगेज की कई किलोमीटर दो रेल लाइन थीं। एक लाइन प्रसाद भवन के पीछे से केरूगंज होते हुए पुराने मालगोदाम तक जाती थी। करीब 12 किमी की लूप लाइन इस्लामिया इंटर कॉलेज, लकड़ी मंडी से गुजरती थी। वहीं मीटर गेज लाइन रोडवेज, टाउनहाल होती हुई केरूगंज तक जाती थी। 1980 के दशक तक इन लाइनों पर ट्रेनों का संचालन होता था। ट्रेनें बंद होने के बाद रेलवे की निष्प्रयोज्य पटरियों, रेलवे स्टेशनों की जमीन पर कब्जा शुरू हो गया, जो अब तक जारी है। बेशकीमती जमीन पर भूमाफिया ने कॉलोनियां तक विकसित कर लीं, लेकिन रेलवे के अफसर सब कुछ जानकर भी बेखबर बने रहे।
--------
इन स्थानों पर है रेलवे की निप्रज्योज्य जमीन
एक रेलवे लाइन इंदिरा नगर कॉलोनी और लोदीपुर के पास से पुराना पोस्टमार्टम हाउस होते हुए बंकाघाट की ओर गई है। इसी प्रकार एक लाइन बहादुरपुरा, बहादुरगंज होते हुए बंकाघाट तक गई है। पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन से डाट वाले पुल से होते हुए रेल लाइन गर्रा फाटक होते हुए अब्दुल्लागंज तक जाती है। अब्दुल्लागंज रेलवे स्टेशन आज भी बना हुआ है। पुराना पोस्टमार्टम हाउस के निकट रेलवे की काफी मात्रा में जमीन है। रेलवे की जमीन पर लोगों ने कब्जा करके छप्पर डाल रखे हैं। बहादुरगंज से भोलागंज तक रेलवे की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। बहादुरगंज में तो रेलवे की जमीन पर लकड़ी की ठेकी खोल ली गई है। रोडवेज रेलवे क्राॅसिंग के पास रेलवे की जमीन पर कई बार अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन लोगों ने रेलवे फाटक के पास फिर कब्जा कर लिया। कई स्थानों पर रेलवे की निष्प्रयोज्य रेलवे लाइन को जमीन में दबा दिया। रेलवे की मुख्य लाइन के किनारे रेलवे की काफी जमीन है। रेलवे की जमीन पर लोग कब्जा करके खेती भी कर रहे हैं।
---------
यहां से निकल सकता है लिंक मार्ग
-जेल रोड पर इस्लामिया इंटर काॅलेज और अधीक्षण अभियंता कार्यालय से लिंक मार्ग निकालकर घंटाघर तक रास्ता बनाया जा सकता है। जेल रोड पर फर्नीचर की दुकान से पुराना पोस्टमार्टम हाउस होते हुए पूर्व एमएलसी जयेश के पंप के सामने रोड निकल सकती है। वहीं, बिजलीपुरा मोहल्ले से भी लिंक मार्ग निकाला जा सकता है। गर्रा चौकी के पास से बाईपास बनाकर ईदगाह रोड पर जोड़ा जा सकता है।

---------
राजस्व विभाग से निकाला जाएगा रिकार्ड
नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने निष्प्रयोज्य रेलवे लाइन और जमीनों का निरीक्षण किया था। रेलवे के निष्प्रयोज्य जमीन को हस्तांतरित करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके बाद इंदिरानगर कॉलोनी में रेलवे की पुरानी लाइन पर खड़ंजा बिछाने का काम शुरू करवाया गया है। अभी कोई पक्का निर्माण नहीं कराया जाएगा, जब रेलवे से लिखित अनुमति मिल जाएगी, तो रेलवे की अन्य स्थानों पर निष्प्रयोज्य पड़ी रेलवे लाइनों पर सड़क निर्माण करवाया जाएगा। अभी इनका सर्वे चल रहा है। शहर में रेलवे की ऐसी कितनी जमीन है, इसके लिए राजस्व विभाग को रिकार्ड निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed