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पांचवें दिन 11 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर, 27 सेमी उफनाई रामगंगा

Thu, 02 Sep 2021 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:03 AM IST
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river flod
मिर्जापुर के बाढ़ से चौतरफा घिरा आजाद नगर घिरा। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से बीते 48 घंटे से 1.27 लाख क्यूसेक पानी की निकासी जारी रहने से गंगा में बुधवार को पांचवें दिन भी उफान बना रहा। कलान के भैंसार बांध पर गंगा 11 सेमी बढ़कर 143.32 मीटर पर पहुंच गई। उधर, रामगंगा का जलस्तर 27 सेमी बढ़कर 159.98 मीटर हो गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि गर्रा के जलस्तर में 45 सेमी और खन्नौत में पांच सेमी की वृद्धि हुई है। जलालाबाद के ढाई घाट से लेकर मिर्जापुर, परौर और कलान तक तटवर्ती गावों के कई रास्तों पर तीन फीट तक पानी होने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है।
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गंगा में आई बाढ़ के कारण मिर्जापुर क्षेत्र में चौंरा-इस्लामनगर कमथरी मार्ग पर दो से तीन फीट पानी के गहरे तेज बहाव में जरूरतमंद जान जोखिम में डालकर आ जा रहे हैं। रास्ते जलमग्न होने से आधा दर्जन गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है। सर्वाधिक प्रभावित ग्राम आजादनगर, कमथरी, चितार, इस्लामनगर आदि पूरी तरह बाढ़ से घिर गए हैं। जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर भी ग्राम चौंरा के निकट पानी का बहाव तेज हो गया है, लेकिन छोटे और दुपहिया वाहनों का आवागमन जान जोखिम में डालकर हो रहा है। ग्राम चौंरा और इस्लाम नगर का दक्षिणी भाग बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गया है।
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आजाद नगर और इस्लाम नगर के दक्षिणी भाग में गांव के किनारे के अधिकांश घर बाढ़ से घिर गए हैं। बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद सरकारी अमला प्रभावित गांवों में जाने के बजाय चौंरा गांव में रोड से ही बाढ़ की स्थिति का आकलन कर उसे कम आंक रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सिंचाई विभाग के कनिष्ठ लिपिक शिव कुमार ने बताया कि बीते दिन से नरौरा बैराज से पानी की निकासी कम नहीं हुई, लेकिन बदायूं के कछला घाट पर गंगा का जलस्तर 40 सेमी कम होने की सूचना प्राप्त हुई है।
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इसे देखते बृहस्पतिवार से जनपद में गंगा के जलस्तर में कमी आने के संकेत हैं। खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से पानी की निकासी करीब आठ हजार क्यूसेक कम हो जाने से अगले 24 घंटे में रामगंगा भी उतार पर आने लगेगी, लेकिन ऐसी स्थिति में जैतीपुर के केसीनगला से लेकर परौर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों तक भूमि कटान तेज होने की आशंका बढ़ जाएगी।
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