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Shahjahanpur News: रामगंगा और बहगुल में जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों के लोग परेशान
Mon, 28 Sep 2026 12:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:52 AM IST
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जलालाबाद पानी से चारो तरफ से घिरा गांव कसारी खुर्द व कसारी कलां। संवाद
0 फसलें डूबने के बाद ग्रामीणों में बाढ़ की दोहरी मार की बढ़ी आशंका
फोटो- 54 और 58
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। लगातार तीन दिनों से जारी बारिश से बेहाल ग्रामीणों को अब रामगंगा व बहगुल नदियों का जलस्तर बढ़ने की आहट से दोहरी मार की आशंका सताने लगी है। अत्यधिक बारिश से निचले इलाके के एक दर्जन गांवों में चारों तरफ फैले पानी ने सैकड़ों एकड़ फसलों को डुबोकर किसानों को बर्बादी की कगार पर ला दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित कसारी खुर्द, कसारी कलां, बलदेवपुर, तेरा, हथिनापुर, मंझरा, रैपुरा, संगाहा, थाथरमई, उइला, हवा मड़ैया, टापर, खंडहर और एलमनगर सहित अल्हागंज क्षेत्र के कई गांव शामिल हैं। कसारी खुर्द, कसारी कलां, बलदेबपुर, तेरा और मंझरा आदि गांव ऐसे हैं, जहां चारों तरफ पानी नजर आ रहा है। इन गांवों में कई जगहों पर तिल, उर्द, मूंगफली और लतावर्गीय फसलें पानी मे डूबकर पूरी तरह खराब हो गई हैं। प्रभावित गांवों के नरवीर, यादराम, नन्हकू, हरिविलास आदि ने बताया कि नदी का जलस्तर और बढ़ने पर बाढ़ जैसे हालात फिर हो जाएंगे। इस आपदा से सबसे बड़ी दिक्कत जानवरों के चारे तथा दैनिक कार्यों को निपटाने की हो गई है।
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अवकाश के बावजूद फसली नुकसान का हुआ सर्वे
जलालाबाद। डीएम के निर्देश पर रविवार को अवकाश होने के बाद भी तेज हवा और बारिश से फसलों काे हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने लेखपालों के साथ कई प्रभावित गांवों का दौरा कर सर्वे कराया।
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एसडीएम ने खखूड़ी, कनारी ओर चिलौली गांव में निरीक्षण कर फसली नुकसान का जायज़ा लिया। इसके अलावा कसारी, बलदेवपुर, रैपुरा, मंझरा सहित क्षेत्र के अन्य कई गांवों में लेखपाल पहुंचे, जहां बाढ़ और बारिश से बड़े पैमाने पर फसली नुकसान हुआ है। एसडीएम ने बताया कि प्रभावित गांवों में फसलों के नुकसान का सर्वे कर उसकी ऑनलाइन फीडिंग करने के लिए लेखपालों को निर्देशित किया गया है। संवाद
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फोटो- 54 और 58
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। लगातार तीन दिनों से जारी बारिश से बेहाल ग्रामीणों को अब रामगंगा व बहगुल नदियों का जलस्तर बढ़ने की आहट से दोहरी मार की आशंका सताने लगी है। अत्यधिक बारिश से निचले इलाके के एक दर्जन गांवों में चारों तरफ फैले पानी ने सैकड़ों एकड़ फसलों को डुबोकर किसानों को बर्बादी की कगार पर ला दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित कसारी खुर्द, कसारी कलां, बलदेवपुर, तेरा, हथिनापुर, मंझरा, रैपुरा, संगाहा, थाथरमई, उइला, हवा मड़ैया, टापर, खंडहर और एलमनगर सहित अल्हागंज क्षेत्र के कई गांव शामिल हैं। कसारी खुर्द, कसारी कलां, बलदेबपुर, तेरा और मंझरा आदि गांव ऐसे हैं, जहां चारों तरफ पानी नजर आ रहा है। इन गांवों में कई जगहों पर तिल, उर्द, मूंगफली और लतावर्गीय फसलें पानी मे डूबकर पूरी तरह खराब हो गई हैं। प्रभावित गांवों के नरवीर, यादराम, नन्हकू, हरिविलास आदि ने बताया कि नदी का जलस्तर और बढ़ने पर बाढ़ जैसे हालात फिर हो जाएंगे। इस आपदा से सबसे बड़ी दिक्कत जानवरों के चारे तथा दैनिक कार्यों को निपटाने की हो गई है।
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अवकाश के बावजूद फसली नुकसान का हुआ सर्वे
जलालाबाद। डीएम के निर्देश पर रविवार को अवकाश होने के बाद भी तेज हवा और बारिश से फसलों काे हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एसडीएम मधुसूदन गुप्ता ने लेखपालों के साथ कई प्रभावित गांवों का दौरा कर सर्वे कराया।
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एसडीएम ने खखूड़ी, कनारी ओर चिलौली गांव में निरीक्षण कर फसली नुकसान का जायज़ा लिया। इसके अलावा कसारी, बलदेवपुर, रैपुरा, मंझरा सहित क्षेत्र के अन्य कई गांवों में लेखपाल पहुंचे, जहां बाढ़ और बारिश से बड़े पैमाने पर फसली नुकसान हुआ है। एसडीएम ने बताया कि प्रभावित गांवों में फसलों के नुकसान का सर्वे कर उसकी ऑनलाइन फीडिंग करने के लिए लेखपालों को निर्देशित किया गया है। संवाद
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