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रिंग रोड और सीवर लाइन से बदलेगी शहर की तस्वीर
अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:20 AM IST
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शहर को गंदगी से निजात दिलाने के लिए वित्त वर्ष 2000-2001 में प्रदेश के तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भाजपा सरकार से सीवर लाइन प्रोजेक्ट मंजूर कराया था। उनके प्रयास से सरकार ने सीवर लाइन पर काम भी शुरू करा दिया। केरूगंज से जेल रोड होकर बाबूजई तक और मिशन तिराहा से मंडी मोड़ तक सीवर लाइन तैयार कर ली गई, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम बंद हो गया। इस दौरान करीब पांच किमी सीवर लाइन पर कई करोड़ रुपये खर्च हो गए, लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहीं सपा और बसपा सरकारों ने शहर के अन्य रास्तों पर सीवर लाइन बिछाए जाने की सुधि नहीं ली। नतीजे में मुख्य मार्गों के किनारे बने तमाम घरों का मल-मूत्र नालों में बहता रहा। आज भी सैकड़ों घरों में लोगों ने लैट्रीन के टैंक बनवाने के बजाय टायलेट के पाइप नालों में खोल रखे हैं।
269 किमी सीवर लाइन पर खर्च होंगे 159 करोड़
शहर के नाले-नालियों को साफ रखने के लिए नगरपालिका ने 269 किमी लंबी सीवर लाइन के लिए 159 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। प्रस्ताव में शहर के सभी मुख्य मार्गों समेत अंदरूनी रास्तों और गलियों में सीवर लाइन बिछाने की योजना है।
50 करोड़ से तैयार होगी रिंग रोड
शहर के अंदर रोडवेज क्रासिंग से घंटाघर, गोविंदगंज से बहादुरगंज होकर चौक और कचहरी से जेल के सामने होकर केरूगंज तक जाने वाले तीनों मुख्य मार्गों पर आबादी के सापेक्ष वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने से लोगों को आए दिन ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। इससे मुक्ति के लिए नगरपालिका ने करीब 50 करोड़ रुपये की लागत वाली रिंग रोड का प्रस्ताव शासन को भेजा है। चूंकि, शहरी सीमा के दोनों ओर पूर्व और पश्चिम दिशा में रेलवे की तमाम खाली जमीन पड़ी है। रिंग रोड बनने पर शहर के अंदरूनी रास्तों पर यातायात का दबाव घट जाएगा। रोजा क्षेत्र में अटसलिया से पुराना सीतापुर मार्ग होकर रिंग रोड को गोला मार्ग से जोड़ते हुए नेशनल हाईवे पर निकालने की योजना शासन को प्रस्तावित की गई है।
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पेयजल प्रणाली को 17 करोड़ का इंतजार
शहर में पेयजल उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए नगरपालिका ने केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत 34 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज रखा है। इस प्रस्ताव पर 17 करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद जल निगम ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनानी शुरू कर दी है। डीपीआर मेें नई पाइप लाइनों समेत कई ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंकों का निर्माण आदि शामिल है।
रिंग रोड शहर की पहली जरूरत है। सीवर लाइन के दूसरे फेस पर काम शुरू होने से इस काम में व्यय हो चुकी धनराशि सार्थक हो जाएगी। इसके अतिरिक्त हर व्यक्ति को छत और रोजगार देने के लिए शहर में आवासीय योजनाएं लाने और नए कारखाने लगाए जाने की भी जरूरत है।
- सुरेश कुमार खन्ना, नेता, भाजपा विधानमंडल दल
प्रदेश सरकार अपनी घोषणा के मुताबिक सभी जनपदों को फोरलेन से जोडने का प्रावधान बजट में करे। ट्रैफिक व्यवस्था सही करने के लिए सड़कों को चौड़ा करना जरूरी है। खराब हो चुकीं तमाम सड़कों की मरम्मत भी सरकार के बजट पर निर्भर है।
- नीरज मौर्य कुशवाहा, बसपा विधायक
सपा सरकार विकास के लिए कटिबद्ध है बशर्ते केंद्र सरकार उन्हें अमली जामा पहनाने में मदद करे। रिंग रोड के लिए रेलवे की जमीन का अधिग्रहण केंद्र सरकार पर निर्भर है। सीवर लाइन और पेयजल प्रणाली ठीक करने के लिए अमृत योजना का उदारता से लाभ दिए जाने की केंद्र सरकार से अपेक्षा है।
- तनवीर खां, चेयरमैन, नगरपालिका परिषद, शाहजहांपुर
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269 किमी सीवर लाइन पर खर्च होंगे 159 करोड़
शहर के नाले-नालियों को साफ रखने के लिए नगरपालिका ने 269 किमी लंबी सीवर लाइन के लिए 159 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। प्रस्ताव में शहर के सभी मुख्य मार्गों समेत अंदरूनी रास्तों और गलियों में सीवर लाइन बिछाने की योजना है।
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50 करोड़ से तैयार होगी रिंग रोड
शहर के अंदर रोडवेज क्रासिंग से घंटाघर, गोविंदगंज से बहादुरगंज होकर चौक और कचहरी से जेल के सामने होकर केरूगंज तक जाने वाले तीनों मुख्य मार्गों पर आबादी के सापेक्ष वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने से लोगों को आए दिन ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। इससे मुक्ति के लिए नगरपालिका ने करीब 50 करोड़ रुपये की लागत वाली रिंग रोड का प्रस्ताव शासन को भेजा है। चूंकि, शहरी सीमा के दोनों ओर पूर्व और पश्चिम दिशा में रेलवे की तमाम खाली जमीन पड़ी है। रिंग रोड बनने पर शहर के अंदरूनी रास्तों पर यातायात का दबाव घट जाएगा। रोजा क्षेत्र में अटसलिया से पुराना सीतापुर मार्ग होकर रिंग रोड को गोला मार्ग से जोड़ते हुए नेशनल हाईवे पर निकालने की योजना शासन को प्रस्तावित की गई है।
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पेयजल प्रणाली को 17 करोड़ का इंतजार
शहर में पेयजल उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए नगरपालिका ने केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत 34 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज रखा है। इस प्रस्ताव पर 17 करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद जल निगम ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनानी शुरू कर दी है। डीपीआर मेें नई पाइप लाइनों समेत कई ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंकों का निर्माण आदि शामिल है।
रिंग रोड शहर की पहली जरूरत है। सीवर लाइन के दूसरे फेस पर काम शुरू होने से इस काम में व्यय हो चुकी धनराशि सार्थक हो जाएगी। इसके अतिरिक्त हर व्यक्ति को छत और रोजगार देने के लिए शहर में आवासीय योजनाएं लाने और नए कारखाने लगाए जाने की भी जरूरत है।
- सुरेश कुमार खन्ना, नेता, भाजपा विधानमंडल दल
प्रदेश सरकार अपनी घोषणा के मुताबिक सभी जनपदों को फोरलेन से जोडने का प्रावधान बजट में करे। ट्रैफिक व्यवस्था सही करने के लिए सड़कों को चौड़ा करना जरूरी है। खराब हो चुकीं तमाम सड़कों की मरम्मत भी सरकार के बजट पर निर्भर है।
- नीरज मौर्य कुशवाहा, बसपा विधायक
सपा सरकार विकास के लिए कटिबद्ध है बशर्ते केंद्र सरकार उन्हें अमली जामा पहनाने में मदद करे। रिंग रोड के लिए रेलवे की जमीन का अधिग्रहण केंद्र सरकार पर निर्भर है। सीवर लाइन और पेयजल प्रणाली ठीक करने के लिए अमृत योजना का उदारता से लाभ दिए जाने की केंद्र सरकार से अपेक्षा है।
- तनवीर खां, चेयरमैन, नगरपालिका परिषद, शाहजहांपुर