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रिसर्च जरनल ऑफ सोशल साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज का विमोचन
अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Tue, 02 Feb 2016 08:31 PM IST
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महाविद्यालय सभागार में हुए प्रमोशन ऑफ इथिक्स एंड ह्यूमन वैल्यूज विषयक सेमिनार में मुख्य अतिथि प्रो. कासमी ने कहा कि नैतिकता इंसानी किरदार को अनुशासित करती है। हमें तालीम के साथ तहजीब को भी नहीं भूलना चाहिए। क्योंकि तहजीब ही तालीम पर मुहर लगाती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. त्रिपाठी ने भारतीय और पाश्चात्य संस्कृति की तुलना करते हुए नैतिकता को धर्म से जोड़ कर देखा। इस दौरान उन्होंने गीता के निष्काम कर्म को प्रभावी मानते हुए नैतिकता का पाठ पढ़ाया।
तकनीकी सत्र में करीब 50 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने शोधपत्रों का वाचन कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, यूजीसी आदि के शोधार्थी शामिल रहे। सना नाज, आयशा खातून, बिलाल अहमद, डॉ. जमील अहमद खां, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. दरख्शां बी, तौसीफ खां, नुजहत परवीन आदि के शोधपत्र खूब सराहे गए। प्राचार्य डॉ. अकील अहमद ने अतिथियों का स्वागत शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। डॉ. अब्दुन मोमिन एवं डॉ. साजिद खान के संचालन में हुए कार्यक्रम की व्यवस्था में डॉ. इशरत अल्ताफ, डॉ. फैयाज अहमद, डॉ. तारिक, डॉ. पूनम टंडन, सैयद अनीस अहमद, डॉ. एसएम नोमान, डॉ. आयशा जेबी, डॉ. अनवर मसूद, डॉ. अब्दुल वहाब, डॉ. अरशद खान आदि का योगदान रहा।
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तकनीकी सत्र में करीब 50 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने शोधपत्रों का वाचन कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, यूजीसी आदि के शोधार्थी शामिल रहे। सना नाज, आयशा खातून, बिलाल अहमद, डॉ. जमील अहमद खां, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. दरख्शां बी, तौसीफ खां, नुजहत परवीन आदि के शोधपत्र खूब सराहे गए। प्राचार्य डॉ. अकील अहमद ने अतिथियों का स्वागत शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। डॉ. अब्दुन मोमिन एवं डॉ. साजिद खान के संचालन में हुए कार्यक्रम की व्यवस्था में डॉ. इशरत अल्ताफ, डॉ. फैयाज अहमद, डॉ. तारिक, डॉ. पूनम टंडन, सैयद अनीस अहमद, डॉ. एसएम नोमान, डॉ. आयशा जेबी, डॉ. अनवर मसूद, डॉ. अब्दुल वहाब, डॉ. अरशद खान आदि का योगदान रहा।
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