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राम वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण, तो झलक उठे दर्शकों के आंसू
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खिरनीबाग रामलीला में कैकई व दशरथ संवाद की लीला का मंचन करते कलाकार
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। श्रीरामलीला में शनिवार को राम वियोग में राजा दशरथ मरण की लीला का मंचन किया गया। इसके अलावा भरत कैकेई संवाद और भरत मिलाप लीला का मंचन भी हुआ। दशरथ मरण का दृश्य देखकर श्रद्धालु अश्रुपूरित हो गए।
खिरनीबाग स्थित जीआईसी खेल मैदान में चल रही रामलीला में दिखाया गया कि भगवान राम के वनवास जाते ही राजा दशरथ उनके वियोग में डूब जाते हैं। चौदह दिन बाद मंत्री सुमंत अयोध्या लौटे तो राजा दशरथ ने पूछा, सुमंत मेरे राम को साथ लेकर नहीं आए। मंत्री सुमंत सिर झुकाकर खड़े गए। इसके बाद राजा दशरथ ने राम-राम कहते हुए प्राण त्याग दिए।
लीला देखकर दर्शकों की आंखों से आंसू छलक आए। रामलीला देखने के लिए आसपास के लोग काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही मेला भी लगा हैं, जिसमें खेल-खिलौनो की दुकानों के साथ ही झूले भी लगे हैं। विनोद अग्रवाल, धीरू खन्ना, नरेंद्र गुरु, नीरज वाजपेयी, अनूप गुप्ता, मनीष खन्ना, आनंद मिश्रा, प्रदीप मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे।
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खिरनीबाग स्थित जीआईसी खेल मैदान में चल रही रामलीला में दिखाया गया कि भगवान राम के वनवास जाते ही राजा दशरथ उनके वियोग में डूब जाते हैं। चौदह दिन बाद मंत्री सुमंत अयोध्या लौटे तो राजा दशरथ ने पूछा, सुमंत मेरे राम को साथ लेकर नहीं आए। मंत्री सुमंत सिर झुकाकर खड़े गए। इसके बाद राजा दशरथ ने राम-राम कहते हुए प्राण त्याग दिए।
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लीला देखकर दर्शकों की आंखों से आंसू छलक आए। रामलीला देखने के लिए आसपास के लोग काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही मेला भी लगा हैं, जिसमें खेल-खिलौनो की दुकानों के साथ ही झूले भी लगे हैं। विनोद अग्रवाल, धीरू खन्ना, नरेंद्र गुरु, नीरज वाजपेयी, अनूप गुप्ता, मनीष खन्ना, आनंद मिश्रा, प्रदीप मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे।
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