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ट्रेनें बढ़ी, स्टाफ घटा: दावे सुरक्षा-संरक्षा के

Wed, 14 Mar 2018 07:46 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर Updated Wed, 14 Mar 2018 07:46 PM IST
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Railway increases trains but reduces staff
indian railway
रेलवे भले ही सुरक्षा, संरक्षा और यात्री सुविधाओं का दावा करता हो लेकिन, जमीनी हकीकत इससे अलग ही है। स्टाफ की भारी कमी के चलते रेल कर्मचारियों को ओवरटाइम करना पड़ रहा है। उन पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। 
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डेढ़ दशक की बात करें तो ए ग्रेड के शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली मेल और सुपरफास्ट ट्रेनों की तादाद दोगुनी हो गई है। इसके अलावा मालगाड़ियां भी शामिल हैं। वहीं स्टाफ लगातार घट रहा है। ऐसे में सुरक्षा, सुरक्षा, सतर्कता और यात्री सुविधाओं के दावों में दम नजर नहीं आ रहा। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से वर्तमान में रोज 108 मेल और सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती हैं। मालगाड़ियां अलग से हैं। गौर करने वाली बात यह है कि वर्ष 2005 में इन ट्रेनों की संख्या सिर्फ 47 थी। इस दौरान यहां स्टाफ भी भरपूर था। डेढ़ दशक के दौरान ट्रेनों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हुई है वहीं रेलवे के सभी विभागों में स्टाफ आधा भी नहीं रहा। ऐसे में रेलवे के सुरक्षा और संरक्षा के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ती है। स्टाफ की कमी के चलते रेल कर्मचारियों को अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है। इससे वह डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि रेलवे के इंजीनियरिंग सेक्शन में भी स्टाफ की कमी बनी हुई है। काफी गैंगमैन तो अधिकारियों के घरों पर ड्यूटी कर रहे हैं। रेलवे का कोई विभाग ऐसा नहीं है जहां स्टाफ की कमी न हो, लेकिन इसे नजरअंदाज दिया जा रहा है।
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ए ग्रेड के स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की भी किल्लत
शाहजहांपुर। ए ग्रेड के रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की भी कमी है। प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर यात्री सुविधाओं का बेहद अभाव है। गर्मियों और बारिश के मौसम में टीन शेड न होने की वजह से यात्रियों को परेशानियां झेलनी होती है। ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था भी नहीं है। स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां लगाने को लंबे समय पहले स्वीकृति मिल चुकी है। अब तक स्वचालित सीढ़ियां भी नहीं लगाई गई हैं।
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रोज 24 हजार से ज्यादा पैसेंजर का आना-जाना
शाहजहांपुर। आंकड़ों पर गौर करें तो शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में रोज 24 हजार से ज्यादा पैसेंजर का आना जाना होता है। रिजर्वेशन समेत यहां रोज करीब 12600 टिकटों की बिक्री होती है। इतने ही यात्री विभिन्न ट्रेनों से शाहजहांपुर स्टेशन पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने-जाने के बाद भी रेलवे यात्री सुविधाओं को नजरअंदाज करता आ रहा है। इतना ही नहीं आरपीएफ और जीआरपी में भी स्टाफ की कमी होने से स्टेशन पर अपराध भी बढ़ रहा है। इसमें यात्रियों का सामान-मोबाइल आदि की चोरी की घटनाएं ज्यादा होती हैं।


स्टाफ की कमी से इंकार नहीं किया जा सकता। इस संबंध में समय-समय पर उच्चाधिकारियों को लिखा जा रहा है। हमारे पास जो भी संसाधन है उनके जरिए ही सभी रेलकर्मी बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। सुरक्षा, संरक्षा और सतर्कता के साथ यात्री सुविधाओं पर उंगली उठाना ठीक नहीं। जो भी कमियां हैं वह भी जल्द दूर हो जाएंगी। - ओम शिव अवस्थी, स्टेशन अधीक्षक
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