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कुपोषण के बचाव के लिए निकाली जनजागृति रैली
शाहजहांपुर
Updated Wed, 04 Feb 2015 11:52 PM IST
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जिले से कुपोषण भगाने के लिए संवर्धन संस्था के तत्वाधान में बुधवार को कलक्ट्रेट से डीएम शुभ्रा सक्सेना ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली का नेतृत्व करते हुए डीएम आगे-आगे चल रहीं थीं। उनके साथ एनएनएम, आशा, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता, कई स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। सभी लोग अपने हाथों में जिले को कुपोषण मुक्त रखने, नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार देने संबंधी विभिन्न स्लोगन लिखीं पट्टियां लिए हुए थे। रैली कलक्ट्रेट से खिरनीबाग चौराहा से होते हुए बहादुरगंज, सदर बाजार होते हुए शहीद उद्यान के पास खत्म हुई।
इससे पूर्व डीएम ने कहा कि कुपोषण शरीर के लिए आवश्यक संतुलित आहार लंबे समय तक न मिलने पर होता है। इससे बच्चों और महिलाओं में रोग प्रतिरोध क्षमता कम हो जाती है। जिससे वह आसानी से कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषण की पहचान बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुकना, मांस पेशियां ढली पड़ना व सिकुड़ना, बाल रूखे व चमक रहित होना, आंखें धंस जाना, शरीर का वजन कम होने से होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों आशा, एनएनएम और गांव को गोद लिए अधिकारी कुपोषण के बारे में जानकारी देंगे। कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं को पुष्टाहार और दवाएं वितरित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जन्म से दो वर्ष तक बच्चे की देखभाल ठीक तरीके से करनी चाहिए। छह माह तक बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों को नियमित टीकाकरण और विटामिन एक की दवा पिलानी चाहिए। इस दौरान सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, सीएमओ डॉ.उमेश सिंह यादव, एडीएम पीके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट केके द्विवेदी, डीडीओ पीपी त्रिपाठी, पीडी चंद्र शेखर, नोडल अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, बीएसए राजेश कुमार आदि अधिकारी शामिल थे।
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रैली का नेतृत्व करते हुए डीएम आगे-आगे चल रहीं थीं। उनके साथ एनएनएम, आशा, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता, कई स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। सभी लोग अपने हाथों में जिले को कुपोषण मुक्त रखने, नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार देने संबंधी विभिन्न स्लोगन लिखीं पट्टियां लिए हुए थे। रैली कलक्ट्रेट से खिरनीबाग चौराहा से होते हुए बहादुरगंज, सदर बाजार होते हुए शहीद उद्यान के पास खत्म हुई।
इससे पूर्व डीएम ने कहा कि कुपोषण शरीर के लिए आवश्यक संतुलित आहार लंबे समय तक न मिलने पर होता है। इससे बच्चों और महिलाओं में रोग प्रतिरोध क्षमता कम हो जाती है। जिससे वह आसानी से कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषण की पहचान बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुकना, मांस पेशियां ढली पड़ना व सिकुड़ना, बाल रूखे व चमक रहित होना, आंखें धंस जाना, शरीर का वजन कम होने से होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों आशा, एनएनएम और गांव को गोद लिए अधिकारी कुपोषण के बारे में जानकारी देंगे। कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं को पुष्टाहार और दवाएं वितरित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जन्म से दो वर्ष तक बच्चे की देखभाल ठीक तरीके से करनी चाहिए। छह माह तक बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों को नियमित टीकाकरण और विटामिन एक की दवा पिलानी चाहिए। इस दौरान सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, सीएमओ डॉ.उमेश सिंह यादव, एडीएम पीके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट केके द्विवेदी, डीडीओ पीपी त्रिपाठी, पीडी चंद्र शेखर, नोडल अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, बीएसए राजेश कुमार आदि अधिकारी शामिल थे।
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