फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Puwayan in many legendary temple

पुवायां क्षेत्र में हैं कई पौराणिक शिव मंदिर

Mon, 03 Aug 2015 08:36 PM IST
हरिओम त्रिवेदी/पुवायां।
हरिओम त्रिवेदी/पुवायां। Updated Mon, 03 Aug 2015 08:36 PM IST
विज्ञापन
पुवायां तहसील में भी पौराणिक महत्ता के कई शिव मंदिर हैं। इन मंदिरों पर वर्ष भर शिव पूजा होती रहती है। सावन में तो विशेष रूप से काफी दूर से श्रद्धालु यहां आकर मत्था टेकते हैं और पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। गोमती नदी के तटों के किनारे बने मंदिरों की बहुत ही मान्यता है। बताया जाता है कि गौतम ऋषि के श्राप से परेशान भगवान इंद्र ने नदी के किनारे 101 शिवलिंग स्थापित कर श्राप से मुक्ति पाई थी।
विज्ञापन


ये हैं पुवायां के प्रसिद्ध शिव मंदिर
गांव आयूं में टेढ़ेनाथ के नाम से शंकर जी का मंदिर है। यहां सावन में दूर-दूर से श्रद्धालु आकर पूजा अर्चना करते हैं। बताया जाता है कि यहां किसी समय शिवलिंग को हाथी आदि से उखाड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन शिवलिंग नहीं उखड़ा। इस दौरान शिवलिंग टेढ़ा पड़ जाने के कारण स्थान को टेढ़ेनाथ बाबा कहा जाने लगा। पुवायां नगर में देवस्थान मंदिर और हरेराम पक्का तालाब मंदिर की भी विशेष महत्ता है। इसके अलावा गांव नाहिल में शंकर जी का प्रसिद्ध भूमिसेन बाबा मंदिर है। यहीं स्वामी आत्मानंद जी के आश्रम पर शिव मंदिर और 450 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ हैं। बाबा तुरंतनाथ का प्राचीन मंदिर यहीं स्थित है। गांव मुड़िया बनिगवां में मढ़ियानाथ बाबा का स्थान भी विशेष फल देने वाला है।
विज्ञापन


बंडा में भी हैं कई प्रसिद्ध शिव मंदिर
बंडा से खुटार रोड पर थोड़ी दूर चलने के बाद सुनासिर नाथ स्थान तक रास्ता जाता है। यहां शायद ही कोई ऐसा दिन जाता हो जिस दिन धार्मिक आयोजन नहीं होता हो। स्वामी गौरीशंकर जी की तपस्थली पर शिव पूजा विशेष फलदाई मानी जाती है। यहां कद्दू चढ़ाने का रिवाज है। इस स्थान के पास में ही पुरानी सुनासिर के नाम से मशहूर शिव जी के स्थान के बारे में किवदंती है, यहां रूहेलों ने प्रतिबंधित पशु काट दिया था, जिससे यह स्थान स्वयं ही खिसककर गोमती नदी के तट की ओर चला गया। पुरानी सुनासिर पर भी सावन में भारी भीड़ जुटती है। बंडा के सीमावर्ती क्षेत्र में इकोत्तरनाथ के नाम से प्रसिद्ध शिव बाबा का मंदिर जंगल में गोमती नदी के किनारे हैं। बताते हैं कि यहां सबसे पहले देवता आकर पूजा करते हैं। यहां मान्यता पूरी होने पर नल लगवाए जाते हैं। इसके अलावा गोमती तट स्थित मझरिया घाट, भंजई घाट, मंशाराम बाबा आदि शिव मंदिरों पर भी सावन में काफी भीड़ होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खुटार के शिव मंदिरों की महिमा
नगर के गोला मार्ग पर बाबा गुलरहानाथ के नाम से प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यहां श्रद्धालु रोजाना सुबह आकर सरोवर में पली मछलियों को ब्रेड, लहिया आदि खिलाते हैं। महीने में एक बार यहां मेले का आयोजन होता है। नगर का बाबा बगियानाथ मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। सावन में महीने भर यहां रामायण का पाठ चलता रहता है। लंगोटी बाबा का स्थान मैलानी मार्ग पर है। यहां सावन में बेलपत्र चढ़ाने पर विशेष फल प्राप्त होता है। यहां भी प्रत्येक माह मेले का आयोजन होता है। गांव सिल्हुआ में बावन गंगा के नाम से शंकर जी का मंदिर है। यहां शिवलिंग के नीचे से निकलकर जल अपने आप शिवलिंग पर चढ़ता रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed