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Shahjahanpur News: खैंचि सरासन श्रवन लगि छाड़े सर एकतीस...
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खुटार में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
खुटार। खुटार के रामलीला मेले में शुक्रवार को श्रीराम और लंकापति रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। इस दौरान दर्शकों की भारी भीड़ रही। दहन के उपरांत लोग पुतले की बांस की खपच्चियां घर ले गए। रावण की भूमिका में सुभाष मिश्रा को खूब सराहा गया।
कलाकारों ने मंचन किया कि रावण की सेना पर वानर सेना टूट पड़ी। प्रभु श्रीराम और रावण के बीच भयंकर युद्ध होने लगा। प्रभु श्रीराम ने बार-बार रावण के सिरों को धड़ से अलग किया, लेकिन एक सिर कटते ही दूसरा प्रकट होता रहा। तब विभीषण ने श्रीराम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। इस कारण रावण की मृत्यु नहीं हो रही है। इसलिए उसकी नाभि पर प्रहार करें।
विभीषण के जानकारी देने पर प्रभु श्रीराम ने इकत्तीस तीर छोड़े, जिनसे दस सिर, बीस भुजा कट गईं और एक तीर रावण की नाभि पर लगा। नाभि का अमृत सूखते ही रावण की मृत्यु हो गई और वह धरती पर गिर पड़ा। धरती पर रावण का शरीर गिरते ही पृथ्वी हिलने लगी।
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रावण वध की लीला के बाद विशाल पुतले को दहन किया गया। 19 अक्तूबर की सुबह भरत मिलाप की लीला के बाद रात में कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
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कलाकारों ने मंचन किया कि रावण की सेना पर वानर सेना टूट पड़ी। प्रभु श्रीराम और रावण के बीच भयंकर युद्ध होने लगा। प्रभु श्रीराम ने बार-बार रावण के सिरों को धड़ से अलग किया, लेकिन एक सिर कटते ही दूसरा प्रकट होता रहा। तब विभीषण ने श्रीराम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। इस कारण रावण की मृत्यु नहीं हो रही है। इसलिए उसकी नाभि पर प्रहार करें।
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विभीषण के जानकारी देने पर प्रभु श्रीराम ने इकत्तीस तीर छोड़े, जिनसे दस सिर, बीस भुजा कट गईं और एक तीर रावण की नाभि पर लगा। नाभि का अमृत सूखते ही रावण की मृत्यु हो गई और वह धरती पर गिर पड़ा। धरती पर रावण का शरीर गिरते ही पृथ्वी हिलने लगी।
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रावण वध की लीला के बाद विशाल पुतले को दहन किया गया। 19 अक्तूबर की सुबह भरत मिलाप की लीला के बाद रात में कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।